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चीन की चालबाजी: वीडियो जारी कर खुद को बताया दयालु शेर और भारत पर मढ़े आरोप

Fri, 19 Feb 2021 11:04 PM IST
गौरव पाण्डेय वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग Published by: गौरव पाण्डेय Updated Fri, 19 Feb 2021 11:04 PM IST
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China posted a video about Galwan violence between Indian and Chinese Army
चीन द्वारा जारी किए गए वीडियो का एक दृश्य - फोटो : twitter.com/shen_shiwei

चीन ने पूर्वी लद्दाख में बीते साल 15 जून को हुए गलवां संघर्ष में अपने सैनिकों की मौत का सच स्वीकार करने के बाद पैंतरेबाजी करते हुए इस घटना का एक वीडियो भी जारी किया है। इसमें गलवां में भारतीय और चीनी सैनिकों के बीच टकराव को दिखाया गया है। चीनी मीडिया ग्लोबल टाइम्स ने इस वीडियो को जारी कर भारतीय सेना पर हमला करने का उल्टा आरोप भी लगाया है। चीन के रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता कर्नल रेन गुओकियांग ने चीन को बुद्धिमत्ता और दयालुता से भरा शेर करार दे डाला। उन्होंने भारत को इस संघर्ष का जिम्मेदार बताने की कोशिश की है।

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इस वीडियो में नदी के किनारे चीनी पोस्ट दिखाई दे रही है, जिसके बाद के दृश्य में भारतीय सेना के एक अधिकारी आक्रामक चीनी सैनिकों के साथ खड़े दिखाई देते हैं। इस घटना के तुरंत बाद सैकड़ों की संख्या में चीनी सैनिक लाठी-डंडों के साथ भारतीय सैनिकों को घेरते नजर आते हैं। इसके बाद के सीन में कई चीनी सैनिक घायल अवस्था में जमीन पर पड़े हुए दिखाई देते हैं। वीडियो के अंत में गलवां संघर्ष में मारे गए चीनी सैनिकों की तस्वीरों को दिखाया गया है।
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विदेशी सेना पुराने समझौतों का कर रही थी उल्लंघन
चीन की तरफ से जारी वीडियो में भारत की तरफ इशारा करते हुए कहा गया है कि अप्रैल के बाद से ही संबंधित विदेशी सेना पुराने समझौतों का उल्लंघन कर रही थी। उन्होंने पुल और सड़कें बनाने के लिए सीमा को पार किया और जल्दी-जल्दी टोही अभियान चलाए।
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यथास्थिति बदलने की एकतरफा कोशिश
रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, विदेशी सेना ने यथास्थिति में बदलाव के एकतरफा प्रयास किए, जिसके नतीजे में बॉर्डर पर तनाव तेजी से बढ़ा। समझौतों का सम्मान करते हुए हमने बातचीत से स्थिति को सुलझाने का प्रयास किया। चीन की तरफ से जारी किए गए वीडियो में भारत और चीन के सैनिकों को रात के अंधेरे में एक दूसरे से भिड़ते हुए दिखाया गया है। इसमें चीनी सैनिकों को एक घायल चीनी सैनिक को संभालते हुए भी दिखाया गया है। जारी किए गए वीडियो में चीन की सेना को मारे गए सैनिकों को सलामी देते हुए भी दिखाया गया है।

इस वीडियो में भारत और चीन की सेना के बीच हुई इस झड़प के कथित अंश शामिल हैं। वीडियो के जरिए चीन ने एक बार फिर गलवां घाटी झड़प का इल्जाम भारत के माथे पर मढ़ने की कोशिश की है। ऐसे समय में जब लद्दाख में दोनों देश अपनी सेनाओं को वापस बुला रहे हैं, चीन का यह कदम एक बार फिर शांति के प्रयासों को झटका दे सकता है। 

वीडियो में चीन ने अपने मारे गए सैनिकों की तस्वीरें दिखाई हैं और झड़प शुरू करने का आरोप भारत पर लगाने की कोशिश की है। वीडियो चीन की सरकारी मीडिया ने जारी किया है। इसमें भारत का नाम लिए बगैर कहा गया है अप्रैल 2020 में विदेशी सेना ने पूर्व के समझौते तोड़ते हुए सीमा पारकर सड़क व पुल बनाने शुरू किए। जिससे यहां तनाव बढ़ा।

इससे पहले शुक्रवार को चीन ने पहली बार आधिकारिक तौर पर यह माना कि गलवां घाटी झड़प में उसके चार सैनिक मारे गए थे। चीन की आधिकारिक समाचार एजेंसी शिन्हुआ ने चीन सेना के अखबार पीएलए डेली के हवाले से कहा कि इन सैनिकों को सम्मानित किया गया है। हालांकि, अमेरिका की एक रिपोर्ट में कहा गया था कि चीन के 35 सैनिक मारे गए थे।

सैन्य कमांडर वार्ता से पहले वीडियो जारी करने के हैं मायने
इस वीडियो में भारतीय सेना पर ही हमला करने का आरोप लगाया गया है। चीन की सेना दावा करना चाह रही है कि हमला चीनी सैनिकों ने नहीं भारतीय सैनिकों ने किया था। चीन के सैनिकों ने अपने दावे की रक्षा के लिए जवाबी कार्रवाई की। वीडियो में साफ दिखाई दे रहा है कि भारतीय सैनिकों को बड़ी संख्या में चीन के सैनिकों ने घेर लिया था। चीन के इस दावे का मकसद यह बताना है कि हिंसक झड़प को लेकर भारत गलत दावे कर रहा था। उसने अपने केवल चार सैनिकों के ही मारे जाने का दावा किया है। इस वीडियो का मकसद सैन्य डिप्लोमेसी को तेज करते हुए अवधारणा को बदलना है।


भारतीय सेना ने नहीं दिया जवाब
गलवां वैली में खूनी संघर्ष और चीन की सरकारी मीडिया द्वारा वीडियो जारी करने के बाद भारत सेना अभी इस पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी है। वायुसेना के अवकाश प्राप्त वाइस एयर मार्शल एनबी सिंह कहते हैं कि आठ महीने बाद वीडियो जारी करने के कुछ तो मायने हैं। चीन यहां भी नई चाल चल रहा है। हालांकि एनबी सिंह का कहना है कि इस तरह की स्थितियों से निबटने में भारत सक्षम है। कभी कभी सैन्य मामलों में कोई प्रतिक्रिया नहीं देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मुझे भी यहां यही ठीक लग रहा है। भारतीय सेना और रक्षा मंत्रालय को इस संवेदनशील विषय पर संभलकर ही चलना चाहिए। एनबी सिंह ने कहा कि चीन के वीडियो जारी करने से ही लोग सच नहीं जानेंगे। अब इस बारे में कोई असलियत छिपी नहीं है।

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