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चीन-मालदीव: भारत के साथ राजनयिक विवाद के बीच राष्ट्रपति जिनपिंग-मुइज्जू की मुलाकात; 21 अहम करार पर हस्ताक्षर
Wed, 10 Jan 2024 07:44 PM IST
ज्योति भास्कर
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
Published by: ज्योति भास्कर
Updated Wed, 10 Jan 2024 07:44 PM IST
सार
बड़बोले मंत्रियों के आपत्तिजनक बयानों के बाद भारत और मालदीव के रिश्तों की तल्खी किसी से छिपी नहीं है। दोनों देशों के विवाद के बीच मालदीव और चीन के बीच 21 अहम करार हुए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक दोनों देशों के राष्ट्रपतियों- शी जिनपिंग और मोहम्मद मुइज्जू की बैठक में इन समझौतों पर सहमति बनी।
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चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग और मालदीव के राष्ट्रपति मुइज्जू (फाइल)
- फोटो : amar ujala
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विस्तार
मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने चीन दौरे पर राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मुलाकात की। बुधवार को दोनों की बैठक और बातचीत के बाद चीन और मालदीव ने 20 प्रमुख समझौतों पर हस्ताक्षर किए। दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय संबंधों को व्यापक रणनीतिक और सहकारी साझेदारी तक आगे बढ़ाने पर भी सहमति बनी है। चीन की सरकारी समाचार एजेंसी शिन्हुआ की रिपोर्ट के अनुसार, दोनों राष्ट्राध्यक्षों ने के बीच कई अहम द्विपक्षीय मुद्दों पर बातें हुई हैं। दोनों की मुलाकात इसलिए भी अहम मानी जा रही हैं क्योंकि हाल के दिनों में मालदीव और भारत के रिश्तों में कड़वाहट घुल चुकी है।
चीन में मेहमानों के सम्मान में राजकीय भोज का आयोजन
मालदीव के राष्ट्रपति कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म- एक्स पर पोस्ट में कहा, आज दोपहर मालदीव सरकार और चीन सरकार के बीच 20 प्रमुख समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। दोनों राष्ट्रपति हस्ताक्षर समारोह के गवाह बने। चीनी राष्ट्रपति ने मालदीव के मेहमानों के सम्मान में एक राजकीय भोज का आयोजन किया।
चीनी विश्वविद्यालयों में मालदीव के छात्रों को पढ़ने का मौका
मुइज्जू की पहली राजकीय यात्रा के दौरान छात्रों के हित में भी अहम फैसला हुआ। अब मालदीव और बीजिंग के बीच सीधी उड़ान सुविधा शुरू की जाएगी। इससे मालदीव के अधिक छात्रों को चीन के विख्यात विश्वविद्यालयों में पढ़ने का मौका मिलेगा। मुइज्जू ने कहा कि मालदीव 'वन-चाइना नीति' का समर्थक है। राष्ट्रीय संप्रभुता, स्वतंत्रता और क्षेत्रीय अखंडता मालदीव-चीन संबंधों का ठोस आधार है।
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मालदीव और चीन के घनिष्ठ वाणिज्यिक संबंध; FTA इसकी मिसाल
मुइज्जू ने चीन 'सबसे करीबी सहयोगियों और विकास भागीदारों में से एक' करार दिया। उन्होंने कहा कि 2014 में राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) परियोजनाओं की शुरुआत की। इसकी प्रशंसा करते हुए मुइज्जू ने कहा कि उन्होंने 'मालदीव के इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाएं विकसित कीं। उनका प्रशासन चीन के साथ हस्ताक्षरित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के त्वरित कार्यान्वयन के लिए भी प्रतिबद्ध है। उन्होंने एफटीए को दोनों देशों के बीच घनिष्ठ वाणिज्यिक संबंधों का प्रतीक बताया।
21 तोपों की सलामी; फुजियान में मालदीव बिजनेस फोरम को संबोधित किया
चीनी राष्ट्रपति शी और उनकी पत्नी पेंग लियुआन ने मुइज्जू और उनकी पत्नी साजिदा मोहम्मद का ग्रेट हॉल ऑफ पीपल में राजकीय स्वागत किया गया। राष्ट्रपति बनने के बाद पहली बार चीन दौरे पर पहुंचे मुइज्जू का रेड कारपेट वेलकम हुआ जिसमें 21 तोपों की सलामी भी दी गई। दो दिनों तक चीनी शहर फुजियान में रहने के बाद मुइज्जू कल रात राजधानी बीजिंग पहुंचे थे। फुजियान में उन्होंने मालदीव बिजनेस फोरम को संबोधित किया। मुइज्जू ने मालदीव इन्वेस्टमेंट फोरम में चीनी कंपनियों से निवेश की अपील की। उन्होंने 11 परियोजनाओं के लिए सहयोग मांगा।
अधिक चीनी पर्यटकों को मालदीव आने का न्यौता
राष्ट्रपति मुइज्जू ने चीन से और अधिक पर्यटकों को मालदीव भेजने के प्रयासों को 'तेज' करने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी से पहले चीन मालदीव के लिए नंबर वन पसंद था। सबसे अधिक पर्यटक आते थे। चीन को फिर से वही स्थान हासिल करने के लिए प्रयास तेज करने चाहिए। अधिक चीनी पर्यटकों की मुइज्जू की अपील को भारत के साथ राजनयिक विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है।
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चीन में मेहमानों के सम्मान में राजकीय भोज का आयोजन
मालदीव के राष्ट्रपति कार्यालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म- एक्स पर पोस्ट में कहा, आज दोपहर मालदीव सरकार और चीन सरकार के बीच 20 प्रमुख समझौतों पर हस्ताक्षर किए गए। दोनों राष्ट्रपति हस्ताक्षर समारोह के गवाह बने। चीनी राष्ट्रपति ने मालदीव के मेहमानों के सम्मान में एक राजकीय भोज का आयोजन किया।
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चीनी विश्वविद्यालयों में मालदीव के छात्रों को पढ़ने का मौका
मुइज्जू की पहली राजकीय यात्रा के दौरान छात्रों के हित में भी अहम फैसला हुआ। अब मालदीव और बीजिंग के बीच सीधी उड़ान सुविधा शुरू की जाएगी। इससे मालदीव के अधिक छात्रों को चीन के विख्यात विश्वविद्यालयों में पढ़ने का मौका मिलेगा। मुइज्जू ने कहा कि मालदीव 'वन-चाइना नीति' का समर्थक है। राष्ट्रीय संप्रभुता, स्वतंत्रता और क्षेत्रीय अखंडता मालदीव-चीन संबंधों का ठोस आधार है।
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मालदीव और चीन के घनिष्ठ वाणिज्यिक संबंध; FTA इसकी मिसाल
मुइज्जू ने चीन 'सबसे करीबी सहयोगियों और विकास भागीदारों में से एक' करार दिया। उन्होंने कहा कि 2014 में राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) परियोजनाओं की शुरुआत की। इसकी प्रशंसा करते हुए मुइज्जू ने कहा कि उन्होंने 'मालदीव के इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचा परियोजनाएं विकसित कीं। उनका प्रशासन चीन के साथ हस्ताक्षरित मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के त्वरित कार्यान्वयन के लिए भी प्रतिबद्ध है। उन्होंने एफटीए को दोनों देशों के बीच घनिष्ठ वाणिज्यिक संबंधों का प्रतीक बताया।
21 तोपों की सलामी; फुजियान में मालदीव बिजनेस फोरम को संबोधित किया
चीनी राष्ट्रपति शी और उनकी पत्नी पेंग लियुआन ने मुइज्जू और उनकी पत्नी साजिदा मोहम्मद का ग्रेट हॉल ऑफ पीपल में राजकीय स्वागत किया गया। राष्ट्रपति बनने के बाद पहली बार चीन दौरे पर पहुंचे मुइज्जू का रेड कारपेट वेलकम हुआ जिसमें 21 तोपों की सलामी भी दी गई। दो दिनों तक चीनी शहर फुजियान में रहने के बाद मुइज्जू कल रात राजधानी बीजिंग पहुंचे थे। फुजियान में उन्होंने मालदीव बिजनेस फोरम को संबोधित किया। मुइज्जू ने मालदीव इन्वेस्टमेंट फोरम में चीनी कंपनियों से निवेश की अपील की। उन्होंने 11 परियोजनाओं के लिए सहयोग मांगा।
अधिक चीनी पर्यटकों को मालदीव आने का न्यौता
राष्ट्रपति मुइज्जू ने चीन से और अधिक पर्यटकों को मालदीव भेजने के प्रयासों को 'तेज' करने की अपील भी की। उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी से पहले चीन मालदीव के लिए नंबर वन पसंद था। सबसे अधिक पर्यटक आते थे। चीन को फिर से वही स्थान हासिल करने के लिए प्रयास तेज करने चाहिए। अधिक चीनी पर्यटकों की मुइज्जू की अपील को भारत के साथ राजनयिक विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है।