{"_id":"68622a21f3237ebc540581d7","slug":"china-lifts-two-year-ban-japan-seafood-gives-partial-relief-fukushima-dispute-2025-06-30","type":"story","status":"publish","title_hn":"China-Japan Ties: चीन ने जापानी सीफूड पर दो साल पुराना प्रतिबंध हटाया, फुकुशिमा विवाद पर भी दी आंशिक राहत","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
China-Japan Ties: चीन ने जापानी सीफूड पर दो साल पुराना प्रतिबंध हटाया, फुकुशिमा विवाद पर भी दी आंशिक राहत
Mon, 30 Jun 2025 11:39 AM IST
हिमांशु चंदेल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
Published by: हिमांशु चंदेल
Updated Mon, 30 Jun 2025 11:39 AM IST
सार
चीन ने करीब दो साल बाद जापान से समुद्री खाद्य पदार्थों के आयात पर लगा प्रतिबंध हटा लिया है। यह प्रतिबंध फुकुशिमा परमाणु संयंत्र से रेडियोधर्मी पानी छोड़ने के कारण लगाया गया था। हालांकि, फुकुशिमा सहित 10 प्रांतों से सीफूड पर अब भी रोक जारी है। जापानी निर्यातकों को अब नए सर्टिफिकेट के साथ ही चीन में उत्पाद भेजने की इजाजत मिलेगी।
विज्ञापन
चीन और जापान
- फोटो : एआई
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
चीन ने जापानी समुद्री खाद्य पदार्थों पर लगभग दो साल से लगा प्रतिबंध आखिरकार हटा दिया है। यह प्रतिबंध साल 2023 में लगाया गया था, जब जापान ने फुकुशिमा परमाणु संयंत्र से हल्का रेडियोधर्मी पानी समुद्र में छोड़ने की योजना पर अमल शुरू किया था। अब चीन ने ऐलान किया है कि जापान के ज्यादातर हिस्सों से समुद्री खाद्य उत्पादों का आयात फिर से शुरू किया जाएगा।
फुकुशिमा का परमाणु संयंत्र साल 2011 में आई विनाशकारी सुनामी में गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुआ था। संयंत्र में आज भी ईंधन को ठंडा करने के लिए लगातार पानी डाला जाता है। यह पानी बाद में टैंकों में इकट्ठा होता था। वर्षों तक बहस के बाद जापानी सरकार ने इस पानी को समुद्र में धीरे-धीरे छोड़ने की अनुमति दी, लेकिन इसके लिए रेडियोधर्मी तत्वों को पहले हटा दिया गया।
इन फैसलों पर क्या बोला चीन?
जापान का कहना है कि यह पानी अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों से भी ज्यादा सुरक्षित है और इसका पर्यावरण पर कोई गंभीर प्रभाव नहीं पड़ेगा। लेकिन चीन इससे सहमत नहीं था। चीन ने अगस्त 2023 में जापानी समुद्री खाद्य पर प्रतिबंध लगा दिया था। यह जापान के मत्स्य उद्योग के लिए बड़ा झटका था क्योंकि चीन जापानी समुद्री खाद्य का सबसे बड़ा विदेशी बाजार था, जो कुल निर्यात का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा था।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: 'ईरान कुछ महीनों में फिर से खड़ा कर सकता है परमाणु ढांचा', तमाम देशों को IAEA की चेतावनी
फिलहाल पूरी ढील नहीं
हालांकि चीन ने अब प्रतिबंध में ढील दी है, लेकिन फुकुशिमा समेत जापान के 10 प्रांतों से आने वाले समुद्री खाद्य पर अभी भी रोक जारी रहेगी। चीनी कस्टम एजेंसी ने कहा है कि जापानी कंपनियों को फिर से पंजीकरण कराना होगा और सभी आयातित खाद्य पदार्थों के साथ रेडियोधर्मी जांच प्रमाण पत्र, स्वास्थ्य प्रमाण पत्र और मूल देश प्रमाण पत्र देना अनिवार्य होगा।
ये भी पढ़ें: कट्टरपंथ के खिलाफ साथ आए भारतीय और यहूदी संगठन, राष्ट्रीय सुरक्षा सम्मेलन का किया आयोजन
जापान के लिए बड़ी राहत
इस फैसले को जापानी उद्योग के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, खासतौर पर उन क्षेत्रों के लिए जो चीन में अपने उत्पाद बेचते थे। हालांकि, पूरी तरह से बाजार खोलने के लिए दोनों देशों के बीच अभी और कूटनीतिक बातचीत होनी बाकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम जापान-चीन के आर्थिक संबंधों में सुधार का संकेत है, लेकिन फुकुशिमा मुद्दे पर चीन की चिंता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।
विज्ञापन
फुकुशिमा का परमाणु संयंत्र साल 2011 में आई विनाशकारी सुनामी में गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त हुआ था। संयंत्र में आज भी ईंधन को ठंडा करने के लिए लगातार पानी डाला जाता है। यह पानी बाद में टैंकों में इकट्ठा होता था। वर्षों तक बहस के बाद जापानी सरकार ने इस पानी को समुद्र में धीरे-धीरे छोड़ने की अनुमति दी, लेकिन इसके लिए रेडियोधर्मी तत्वों को पहले हटा दिया गया।
विज्ञापन
इन फैसलों पर क्या बोला चीन?
जापान का कहना है कि यह पानी अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा मानकों से भी ज्यादा सुरक्षित है और इसका पर्यावरण पर कोई गंभीर प्रभाव नहीं पड़ेगा। लेकिन चीन इससे सहमत नहीं था। चीन ने अगस्त 2023 में जापानी समुद्री खाद्य पर प्रतिबंध लगा दिया था। यह जापान के मत्स्य उद्योग के लिए बड़ा झटका था क्योंकि चीन जापानी समुद्री खाद्य का सबसे बड़ा विदेशी बाजार था, जो कुल निर्यात का करीब 20 प्रतिशत हिस्सा था।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: 'ईरान कुछ महीनों में फिर से खड़ा कर सकता है परमाणु ढांचा', तमाम देशों को IAEA की चेतावनी
फिलहाल पूरी ढील नहीं
हालांकि चीन ने अब प्रतिबंध में ढील दी है, लेकिन फुकुशिमा समेत जापान के 10 प्रांतों से आने वाले समुद्री खाद्य पर अभी भी रोक जारी रहेगी। चीनी कस्टम एजेंसी ने कहा है कि जापानी कंपनियों को फिर से पंजीकरण कराना होगा और सभी आयातित खाद्य पदार्थों के साथ रेडियोधर्मी जांच प्रमाण पत्र, स्वास्थ्य प्रमाण पत्र और मूल देश प्रमाण पत्र देना अनिवार्य होगा।
ये भी पढ़ें: कट्टरपंथ के खिलाफ साथ आए भारतीय और यहूदी संगठन, राष्ट्रीय सुरक्षा सम्मेलन का किया आयोजन
जापान के लिए बड़ी राहत
इस फैसले को जापानी उद्योग के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है, खासतौर पर उन क्षेत्रों के लिए जो चीन में अपने उत्पाद बेचते थे। हालांकि, पूरी तरह से बाजार खोलने के लिए दोनों देशों के बीच अभी और कूटनीतिक बातचीत होनी बाकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम जापान-चीन के आर्थिक संबंधों में सुधार का संकेत है, लेकिन फुकुशिमा मुद्दे पर चीन की चिंता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन