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Canada: कट्टरपंथ के खिलाफ साथ आए भारतीय और यहूदी संगठन, राष्ट्रीय सुरक्षा सम्मेलन का किया आयोजन
Mon, 30 Jun 2025 10:44 AM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ओटावा
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ओटावा
Published by: नितिन गौतम
Updated Mon, 30 Jun 2025 10:44 AM IST
सार
कनाडा इंडिया फाउंडेशन के अध्यक्ष और इस सम्मेलन के आयोजक रितेश मलिक ने कहा कि 'इस राष्ट्रीय सुरक्षा सम्मेलन का उद्देश्य किसी एक समुदाय के बारे में नहीं है बल्कि ये कनाडा को बचाए रखने के लिए है। हम इस देश की शांति और मूल्यों के लिए यहां आए थे और यहां कट्टरपंथ डरा रहा है।'
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कनाडा में राष्ट्रीय सुरक्षा सम्मेलन का आयोजन
- फोटो : एएनआई
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विस्तार
कनाडा में बढ़ता कट्टरपंथ अब वहां रह रहे भारतीयों और यहूदियों को डरा रहा है। यही वजह है कि अब कट्टरपंथ के खिलाफ इन दोनों समुदायों ने साथ आने का फैसला किया है। इसी के तहत कनाडा इंडिया फाउंडेशन (CIF) और यहूदियों के संगठन Tafsik ने एक दिवसीय राष्ट्रीय सुरक्षा सम्मेलन का आयोजन किया।
विदेशी कट्टरपंथियों का बढ़ रहा कनाडा में प्रभाव
कनाडा के ओंटारियो के वुडब्रिज में इस सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसकी थीम कट्टरपंथ के खिलाफ एकजुट (United Against Extremism) थी। इस कार्यक्रम में कनाडा के बड़े-बड़े नामों को आमंत्रित किया गया, जिसमें कनाडा में कट्टरपंथी विचारधारा के उभार और उसके खतरों, विदेशी हस्तक्षेप और उसका कनाडा की सुरक्षा पर असर को लेकर चर्चा हुई। सम्मेलन में कहा गया कि कनाडा बहु-संस्कृति वाला लोकतंत्र है, जिसे विदेशी कट्टरपंथी तत्वों द्वारा कब्जाने का प्रयास किया जा रहा है।
ये भी पढ़ें- चिली में सत्ता बदलने की आहट: कम्युनिस्ट नेता जीनेट की बड़ी जीत, अब राष्ट्रपति पद के लिए दक्षिणपंथियों से जंग
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क्या बोले सम्मेलन के आयोजक
सम्मेलन में कनाडा की ऐतिहासिक सफलताओं जैसे 1985 के एअर इंडिया विमान विस्फोट, कट्टरपंथी समूहों को विदेशों से होने वाली फंडिंग में बढ़ोतरी और चरमपंथ से निपटने के लिए समन्वित प्रयासों, फर्जी खबरों और अंतरराष्ट्रीय अपराध पर भी चर्चा हुई। कनाडा इंडिया फाउंडेशन के अध्यक्ष और इस सम्मेलन के आयोजक रितेश मलिक ने कहा कि 'इस राष्ट्रीय सुरक्षा सम्मेलन का उद्देश्य किसी एक समुदाय के बारे में नहीं है बल्कि ये कनाडा को बचाए रखने के लिए है। हम इस देश की शांति और मूल्यों के लिए यहां आए थे और यहां कट्टरपंथ डरा रहा है। हमारे समुदाय को हर दिन धमकियों का सामना करना पड़ रहा है। अब समय आ गया है कि नीतिनियंता, सुरक्षा एजेंसियां और चुने हुए प्रतिनिधि हमारी बात सुनें और इस दिशा में कदम उठाएं।'
ये भी पढ़ें- US: जोहरान ममदानी का न्यूयॉर्क का मेयर बनना यहूदियों के लिए बड़ा झटका, डेमोक्रेटिक पार्टी ने भी बदली रणनीति
कनाडा में इन दिनों यहूदी और भारतीय कनाडाई लोगों को लगातार घृणा अपराध और हिंसा का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही में कनाडा में एक यहूदी स्कूल पर हमला हुआ। कार्यक्रम में इस्लामी कट्टरपंथ और खालिस्तानी अलगाववादियों और धुर वामपंथियों को लेकर भी चिंता जाहिर की गई।
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विदेशी कट्टरपंथियों का बढ़ रहा कनाडा में प्रभाव
कनाडा के ओंटारियो के वुडब्रिज में इस सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसकी थीम कट्टरपंथ के खिलाफ एकजुट (United Against Extremism) थी। इस कार्यक्रम में कनाडा के बड़े-बड़े नामों को आमंत्रित किया गया, जिसमें कनाडा में कट्टरपंथी विचारधारा के उभार और उसके खतरों, विदेशी हस्तक्षेप और उसका कनाडा की सुरक्षा पर असर को लेकर चर्चा हुई। सम्मेलन में कहा गया कि कनाडा बहु-संस्कृति वाला लोकतंत्र है, जिसे विदेशी कट्टरपंथी तत्वों द्वारा कब्जाने का प्रयास किया जा रहा है।
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क्या बोले सम्मेलन के आयोजक
सम्मेलन में कनाडा की ऐतिहासिक सफलताओं जैसे 1985 के एअर इंडिया विमान विस्फोट, कट्टरपंथी समूहों को विदेशों से होने वाली फंडिंग में बढ़ोतरी और चरमपंथ से निपटने के लिए समन्वित प्रयासों, फर्जी खबरों और अंतरराष्ट्रीय अपराध पर भी चर्चा हुई। कनाडा इंडिया फाउंडेशन के अध्यक्ष और इस सम्मेलन के आयोजक रितेश मलिक ने कहा कि 'इस राष्ट्रीय सुरक्षा सम्मेलन का उद्देश्य किसी एक समुदाय के बारे में नहीं है बल्कि ये कनाडा को बचाए रखने के लिए है। हम इस देश की शांति और मूल्यों के लिए यहां आए थे और यहां कट्टरपंथ डरा रहा है। हमारे समुदाय को हर दिन धमकियों का सामना करना पड़ रहा है। अब समय आ गया है कि नीतिनियंता, सुरक्षा एजेंसियां और चुने हुए प्रतिनिधि हमारी बात सुनें और इस दिशा में कदम उठाएं।'
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कनाडा में इन दिनों यहूदी और भारतीय कनाडाई लोगों को लगातार घृणा अपराध और हिंसा का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही में कनाडा में एक यहूदी स्कूल पर हमला हुआ। कार्यक्रम में इस्लामी कट्टरपंथ और खालिस्तानी अलगाववादियों और धुर वामपंथियों को लेकर भी चिंता जाहिर की गई।
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