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East China Sea: विवादित द्वीपों पर चीन और जापान ने स्थापित की सैन्य हॉटलाइन, समुद्री-हवाई संकटों पर लगेगी लगाम

Fri, 31 Mar 2023 09:14 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग Published by: निर्मल कांत Updated Fri, 31 Mar 2023 09:14 PM IST
सार

चीन के रक्षा मंत्रालय ने हॉटलाइन की घोषणा करते हुए कहा, बीजिंग और टोक्यो के रक्षा विभागों के बीच बनी सहमति के अनुसार दोनों पक्षों ने हाल ही में समुद्री और वायु संपर्क तंत्र के लिए एक हॉटलाइन (सीधी टेलीफोन लाइन) बनाने का काम पूरा कर लिया है।

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China, Japan set up military hotline to manage maritime, air incidents over disputed islands
East China Sea - फोटो : Social Media

विस्तार

पूर्वी चीन सागर में विवादित जल क्षेत्र में आक्रामक गश्त के कारण पैदा होने वाली समुद्री और हवाई घटनाओं के प्रबंधन और नियंत्रण की क्षमता को मजबूत करने के लिए चीन और जापान ने शुक्रवार को एक सैन्य हॉटलाइन स्थापित की। इस हॉटलाइन तंत्र की ऐसे समय में घोषणा की गई है जब जापान के विदेश मंत्री योशिमासा हयाशी इस सप्ताहांत पर बीजिंग का दौरा करेंगे। वह दोनों देशों के बीच संबंधों में सुधार पर बातचीत के लिए अपने चीनी समकक्ष किंग गैंग से मुलाकात करेंगे। 

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चीन का दौरा करेंगे जापान के विदेश मंत्री हयाशी
साल 2019 के बाद से किसी जापानी विदेश मंत्री का यह पहला चीन दौरा होगा। आखिरी बार हयाशी के पूर्ववर्ती तोशिमित्सु मोटेगी बीजिंग गए थे। इसके बाद कोविड-19 के कारण चीन ने अपनी सीमाओं को बंद कर दिया था। चीन ने इस साल की शुरुआत में अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए देश को फिर से खोल दिया था। 

यह भी पढ़ें: जापानी विदेश मंत्री एक अप्रैल को दो दिवसीय दौरे पर जाएंगे चीन, जानिए किन मुद्दों पर हो सकती है चर्चा
 

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चीन के रक्षा मंत्रालय ने हॉटलाइन को लेकर क्या कहा?
चीन के रक्षा मंत्रालय ने हॉटलाइन की घोषणा करते हुए कहा, बीजिंग और टोक्यो के रक्षा विभागों के बीच बनी सहमति के अनुसार दोनों पक्षों ने हाल ही में समुद्री और वायु संपर्क तंत्र के लिए एक हॉटलाइन (सीधी टेलीफोन लाइन) बनाने का काम पूरा कर लिया है। मंत्रालय ने कहा कि इस हॉटलाइन की स्थापना चीन और जापान के रक्षा विभागों के बीच संचार चैनलों को प्रभावी ढंग से मजबूत करेगी, समुद्री और हवाई संकटों का प्रबंधन और नियंत्रण करने के लिए दोनों पक्षों की क्षमताओं को मजबूत करेगी और क्षेत्रीय शांति और स्थिरता बनाए रखने में मदद करेगी।
 

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द्वीपों पर चीन, जापान और ताइवान करते हैं अपना  दावा
पूर्वी चीन सागर में जापान के नियंत्रण वाले वाले द्वीपों को लेकर चीन और जापान के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा है। चीन इन द्वीपों पर अपना दावा करता है।
 

करीबी रक्षा संबंध रखते हैं जापाना और ताइवान
इन द्वीपों को जापान द्वारा सेंकाकस के रूप में जाना जाता है, जबकि चीन ने उन्हें दियाओयू नाम दिया है। ताइवान भी इन द्वीपों पर दावा करता है। हालांकि, उसने किसी भी संघर्ष से बचने के लिए जापान के साथ समझौता किया है, क्योंकि जापान, ताइपे के साथ करीबी रक्षा संबंध रखता है। चीनी रक्षा मंत्रालय द्वारा घोषित हॉटलाइन को महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि दोनों देशों की नौसेनाओं और वायु सेनाओं ने अपने दावों पर जोर देने के लिए द्वीपों पर आक्रामक गश्त की थी।

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