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Ceasefire: चीन को रास नहीं आया पाकिस्तान का सीजफायर सरेंडर, शहबाज शरीफ पर बिफरा; समझिए क्या है क्रोनोलॉजी
Wed, 14 May 2025 09:07 AM IST
पवन पांडेय
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद / बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद / बीजिंग
Published by: पवन पांडेय
Updated Wed, 14 May 2025 09:07 AM IST
सार
India Pakistan Ceasefire: भारत के साथ चार दिन तक चले संघर्ष के पाकिस्तान ने घुटने टेक दिए, जिसके बाद भारत अपनी शर्तों पर सीजफायर के लिए राजी हुआ। वहीं सीजफायर के लिए पाकिस्तान ने पहले अमेरिका से मदद मांगी, जिसकी वजह से चीन पाकिस्तान से नाराज हो गया है। खबर में समझिए पूरी क्रोनोलॉजी...
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भारत से लड़ाई के बाद न घर ना घाट रहा पाकिस्तान
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
जम्मू-कश्मीर में हुए पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत ने 'ऑपरेशन सिंदूर' चलाया, जिसमें पाकिस्तान और पीओके में कार्रवाई करते हुए कई आतंकी ठिकानों को ध्वस्त किया। इसके बाद दोनों देश के बीच हालात बिगड़े और सीमा पर संघर्ष छिड़ गया, जिसके चौथे दिन 10 मई को भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर की घोषणा हुई। लेकिन इस सीजफायर को लेकर चार देशों- भारत, पाकिस्तान, अमेरिका और चीन – ने अलग-अलग बयान दिए, जिससे मामला और उलझ गया। वहीं पाकिस्तान के सीजफायर के तरीके से चीन की नाराजगी की खबरें भी सामने आई हैं।
ऑपरेशन सिंदूर के बाद क्या हुआ?
भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों और सेना के सहयोगियों पर एक सटीक और तीखा हमला किया। इस ऑपरेशन का नाम था 'ऑपरेशन सिंदूर'। इस बीच पाकिस्तान की ओर से सीमाओं पर ड्रोन और गोलीबारी जारी रही।
सीजफायर की शुरुआत: पाकिस्तान ने खुद फोन किया भारत को
सबसे अहम बात यह है कि पाकिस्तान के डीजीएमओ ने खुद भारत के डीजीएमओ को फोन करके सीजफायर की मांग की। भारत ने इस फोन कॉल की पुष्टि की और सीधा साफ कहा कि आतंकवाद को किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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यह भी पढ़ें - Jaishankar Security: बुलेटप्रूफ कार में चलेंगे विदेश मंत्री जयशंकर; पाकिस्तान से तनाव के बीच बढ़ाई गई सुरक्षा
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ऑपरेशन सिंदूर के बाद क्या हुआ?
भारत ने पहलगाम आतंकी हमले के बाद पाकिस्तान में मौजूद आतंकी ठिकानों और सेना के सहयोगियों पर एक सटीक और तीखा हमला किया। इस ऑपरेशन का नाम था 'ऑपरेशन सिंदूर'। इस बीच पाकिस्तान की ओर से सीमाओं पर ड्रोन और गोलीबारी जारी रही।
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सीजफायर की शुरुआत: पाकिस्तान ने खुद फोन किया भारत को
सबसे अहम बात यह है कि पाकिस्तान के डीजीएमओ ने खुद भारत के डीजीएमओ को फोन करके सीजफायर की मांग की। भारत ने इस फोन कॉल की पुष्टि की और सीधा साफ कहा कि आतंकवाद को किसी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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ट्रंप का दखल: 'मैंने समझौता करवाया'
इस पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर करवाया। उन्होंने कहा कि उनकी मध्यस्थता में दोनों देशों ने बातचीत कर युद्धविराम का फैसला किया। ट्रंप ने कहा, 'हमने रात भर बातचीत की और अब भारत-पाकिस्तान में फुल और इमीडिएट सीजफायर हो गया है। बधाई हो!' भारत ने इस दावे से साफ इनकार किया और कहा कि यह फैसला सिर्फ भारत और पाकिस्तान के बीच हुआ है, और ट्रंप का कोई रोल नहीं है।
चीन क्यों नाराज हुआ?
पाकिस्तान हमेशा चीन को 'ऑल वेदर फ्रेंड' कहता है। लेकिन इस बार जब संकट आया, तो पाकिस्तान ने पहले अमेरिका से संपर्क किया, चीन से नहीं। इस बात से बीजिंग बहुत नाराज हुआ। सूत्रों के अनुसार, चीन को बुरा लगा कि पाकिस्तान ने अमेरिका को प्राथमिकता दी और उसे दरकिनार कर दिया।
पाकिस्तान ने सीजफायर तोड़ा, फिर चीन का बयान आया
जब ट्रंप ने सीजफायर की घोषणा की, उसके कुछ ही घंटों बाद पाकिस्तान ने फिर से ड्रोन भेजे और भारतीय सीमा में घुसपैठ की। इसी दौरान पाकिस्तान ने चीन के साथ बातचीत की एक प्रेस रिलीज जारी की और बताया कि चीन ने पाकिस्तान की 'संयम और जिम्मेदार रवैये की तारीफ की। इसके बाद ही पाकिस्तान ने ड्रोन भेजना बंद किया। कई विशेषज्ञ मानते हैं कि यह चीन को संतुष्ट करने के लिए पाकिस्तान ने ऐसा कदम उठाया था।
यह भी पढ़ें - Shashi Tharoor: शशि थरूर ने फिर की ऑपरेशन सिंदूर की तारीफ, कहा- हमने बता दिया आतंकवाद बर्दाश्त नहीं करेंगे
इस पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर दावा किया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच सीजफायर करवाया। उन्होंने कहा कि उनकी मध्यस्थता में दोनों देशों ने बातचीत कर युद्धविराम का फैसला किया। ट्रंप ने कहा, 'हमने रात भर बातचीत की और अब भारत-पाकिस्तान में फुल और इमीडिएट सीजफायर हो गया है। बधाई हो!' भारत ने इस दावे से साफ इनकार किया और कहा कि यह फैसला सिर्फ भारत और पाकिस्तान के बीच हुआ है, और ट्रंप का कोई रोल नहीं है।
चीन क्यों नाराज हुआ?
पाकिस्तान हमेशा चीन को 'ऑल वेदर फ्रेंड' कहता है। लेकिन इस बार जब संकट आया, तो पाकिस्तान ने पहले अमेरिका से संपर्क किया, चीन से नहीं। इस बात से बीजिंग बहुत नाराज हुआ। सूत्रों के अनुसार, चीन को बुरा लगा कि पाकिस्तान ने अमेरिका को प्राथमिकता दी और उसे दरकिनार कर दिया।
पाकिस्तान ने सीजफायर तोड़ा, फिर चीन का बयान आया
जब ट्रंप ने सीजफायर की घोषणा की, उसके कुछ ही घंटों बाद पाकिस्तान ने फिर से ड्रोन भेजे और भारतीय सीमा में घुसपैठ की। इसी दौरान पाकिस्तान ने चीन के साथ बातचीत की एक प्रेस रिलीज जारी की और बताया कि चीन ने पाकिस्तान की 'संयम और जिम्मेदार रवैये की तारीफ की। इसके बाद ही पाकिस्तान ने ड्रोन भेजना बंद किया। कई विशेषज्ञ मानते हैं कि यह चीन को संतुष्ट करने के लिए पाकिस्तान ने ऐसा कदम उठाया था।
यह भी पढ़ें - Shashi Tharoor: शशि थरूर ने फिर की ऑपरेशन सिंदूर की तारीफ, कहा- हमने बता दिया आतंकवाद बर्दाश्त नहीं करेंगे
चीन ने खुद को बताया 'शांति का दूत'
इसके दो दिन बाद चीन ने बयान जारी किया और दावा किया कि उनके विदेश मंत्री वांग यी ने भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से बात की और यह बातचीत सीजफायर में अहम रही। चीन की तरफ से कहा गया, 'हम चाहते हैं कि भारत और पाकिस्तान शांति बनाए रखें, बातचीत के जरिए विवाद सुलझाएं और क्षेत्र को स्थिर बनाएं। चीन दोनों देशों से संपर्क बनाए रखेगा'। इसके बाद चीन ने कहा, हमने भारत और पाकिस्तान दोनों से बात की, हमारी कोशिशों से ही टकराव रुका और स्थायी शांति बनी। कुल मिलाकर अमेरिका के बाद चीन ने भी सीजफायर का श्रेय लेने की कोशिश में दिखा।
भारत का कड़ा संदेश
इधर, भारत ने साफ-साफ कहा कि वह सिर्फ आत्मरक्षा में कार्य कर रहा था और पाकिस्तानी सेना की किसी भी हरकत का जवाब दिया जाएगा। भारत ने यह भी स्पष्ट किया कि सीजफायर की मांग पाकिस्तान ने की थी, और यह फैसला द्विपक्षीय स्तर पर हुआ। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने संक्षिप्त बयान में कहा- पाकिस्तान के डीजीएमओ ने आज दोपहर 3:35 बजे भारतीय डीजीएमओ को फोन किया। दोनों देशों ने 5 बजे से सभी सैन्य कार्रवाइयां रोकने का फैसला किया। अगली बातचीत 12 मई को होगी।
अमेरिका का दूसरा दावा- 'ट्रेड से दबाव डाला' – भारत ने खारिज किया
वहीं 11 मई को ट्रंप ने एक और दावा किया कि उन्होंने व्यापार के जरिए दबाव बनाकर भारत और पाकिस्तान को सीजफायर के लिए मजबूर किया। ट्रंप बोले, 'मैंने कहा, अगर सीजफायर नहीं हुआ तो कोई व्यापार नहीं होगा और फिर सबने कहा – ठीक है, हम रुकते हैं।' हालांकि भारत ने इसे भी खारिज कर दिया। विदेश मंत्रालय ने साफ किया कि अमेरिका से बातचीत में कहीं भी व्यापार का जिक्र नहीं हुआ।
यह भी पढ़ें - Tension: भारत की कार्रवाई से बौखलाए पाकिस्तान ने भी भारतीय राजनयिक को घोषित किया अवांछित; देश छोड़ने को कहा
इसके दो दिन बाद चीन ने बयान जारी किया और दावा किया कि उनके विदेश मंत्री वांग यी ने भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल से बात की और यह बातचीत सीजफायर में अहम रही। चीन की तरफ से कहा गया, 'हम चाहते हैं कि भारत और पाकिस्तान शांति बनाए रखें, बातचीत के जरिए विवाद सुलझाएं और क्षेत्र को स्थिर बनाएं। चीन दोनों देशों से संपर्क बनाए रखेगा'। इसके बाद चीन ने कहा, हमने भारत और पाकिस्तान दोनों से बात की, हमारी कोशिशों से ही टकराव रुका और स्थायी शांति बनी। कुल मिलाकर अमेरिका के बाद चीन ने भी सीजफायर का श्रेय लेने की कोशिश में दिखा।
भारत का कड़ा संदेश
इधर, भारत ने साफ-साफ कहा कि वह सिर्फ आत्मरक्षा में कार्य कर रहा था और पाकिस्तानी सेना की किसी भी हरकत का जवाब दिया जाएगा। भारत ने यह भी स्पष्ट किया कि सीजफायर की मांग पाकिस्तान ने की थी, और यह फैसला द्विपक्षीय स्तर पर हुआ। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने संक्षिप्त बयान में कहा- पाकिस्तान के डीजीएमओ ने आज दोपहर 3:35 बजे भारतीय डीजीएमओ को फोन किया। दोनों देशों ने 5 बजे से सभी सैन्य कार्रवाइयां रोकने का फैसला किया। अगली बातचीत 12 मई को होगी।
अमेरिका का दूसरा दावा- 'ट्रेड से दबाव डाला' – भारत ने खारिज किया
वहीं 11 मई को ट्रंप ने एक और दावा किया कि उन्होंने व्यापार के जरिए दबाव बनाकर भारत और पाकिस्तान को सीजफायर के लिए मजबूर किया। ट्रंप बोले, 'मैंने कहा, अगर सीजफायर नहीं हुआ तो कोई व्यापार नहीं होगा और फिर सबने कहा – ठीक है, हम रुकते हैं।' हालांकि भारत ने इसे भी खारिज कर दिया। विदेश मंत्रालय ने साफ किया कि अमेरिका से बातचीत में कहीं भी व्यापार का जिक्र नहीं हुआ।
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भारत ने रखी कड़ी शर्तें: आतंक पर जीरो टॉलरेंस
भारत ने पाकिस्तान को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि कोई और आतंकी हरकत हुई, तो जवाब और भी सख्त होगा। सीजफायर की शर्तों में यह भी जोड़ा गया कि कोई आतंकी घुसपैठ नहीं होगी, सीमा पर शांति बनी रहेगी। इसके साथ ही सैन्य कार्रवाई थमेगी, लेकिन राजनयिक और रणनीतिक दबाव जारी रहेगा।
बता दें कि, भारत और पाकिस्तान के बीच हुआ संघर्ष विराम असल में पाकिस्तान की मजबूरी और भारत की शर्तों पर हुआ है। अमेरिका और चीन दोनों ने इसका श्रेय लेने की कोशिश की, लेकिन भारत ने दो टूक जवाब देते हुए इसे द्विपक्षीय मसला बताया। चीन को पाकिस्तान के रुख से नाराजगी हुई और पाकिस्तान को दोनों महाशक्तियों को खुश करने के लिए दो-दो बयान देने पड़े।
पहलगाम आतंकी हमला, ऑपरेशन सिंदूर और सीजफायर
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की नृशंस हत्या के 15 दिन बाद भारतीय सेना ने सात मई को 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान और पीओके में नौ आतंकी ठिकानों को तबाह किया था। जिसमें कई कुख्यात आतंकी भी मारे गए थे। इसके बाद दोनों देशों के बीच हालात बिगड़े और दो दशक बाद चरम पर पहुंच गए। वहीं पाकिस्तान की तरफ से भारत के शहरों को निशाना बनाए जाने के बाद, भारत की वायु रक्षा प्रणाली ने सभी को नाकाम करते हुए उसका माकूल जवाब दिया। भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान के 14 सैन्य ठिकानों को ध्वस्त कर दिए। इससे घबराए पाकिस्तान ने भारत के सामने सीजफायर का प्रस्ताव रखा, जिसे दोनों देशों ने आपसी चर्चा के बाद लागू कर लिया। हालांकि, इसके कुछ घंटे बाद ही पाकिस्तान की तरफ से इसका उल्लंघन किया गया, जिसका भारतीय सेना ने करारा जवाब दिया।
भारत ने पाकिस्तान को स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि कोई और आतंकी हरकत हुई, तो जवाब और भी सख्त होगा। सीजफायर की शर्तों में यह भी जोड़ा गया कि कोई आतंकी घुसपैठ नहीं होगी, सीमा पर शांति बनी रहेगी। इसके साथ ही सैन्य कार्रवाई थमेगी, लेकिन राजनयिक और रणनीतिक दबाव जारी रहेगा।
बता दें कि, भारत और पाकिस्तान के बीच हुआ संघर्ष विराम असल में पाकिस्तान की मजबूरी और भारत की शर्तों पर हुआ है। अमेरिका और चीन दोनों ने इसका श्रेय लेने की कोशिश की, लेकिन भारत ने दो टूक जवाब देते हुए इसे द्विपक्षीय मसला बताया। चीन को पाकिस्तान के रुख से नाराजगी हुई और पाकिस्तान को दोनों महाशक्तियों को खुश करने के लिए दो-दो बयान देने पड़े।
पहलगाम आतंकी हमला, ऑपरेशन सिंदूर और सीजफायर
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 26 लोगों की नृशंस हत्या के 15 दिन बाद भारतीय सेना ने सात मई को 'ऑपरेशन सिंदूर' के तहत पाकिस्तान और पीओके में नौ आतंकी ठिकानों को तबाह किया था। जिसमें कई कुख्यात आतंकी भी मारे गए थे। इसके बाद दोनों देशों के बीच हालात बिगड़े और दो दशक बाद चरम पर पहुंच गए। वहीं पाकिस्तान की तरफ से भारत के शहरों को निशाना बनाए जाने के बाद, भारत की वायु रक्षा प्रणाली ने सभी को नाकाम करते हुए उसका माकूल जवाब दिया। भारत ने जवाबी कार्रवाई करते हुए पाकिस्तान के 14 सैन्य ठिकानों को ध्वस्त कर दिए। इससे घबराए पाकिस्तान ने भारत के सामने सीजफायर का प्रस्ताव रखा, जिसे दोनों देशों ने आपसी चर्चा के बाद लागू कर लिया। हालांकि, इसके कुछ घंटे बाद ही पाकिस्तान की तरफ से इसका उल्लंघन किया गया, जिसका भारतीय सेना ने करारा जवाब दिया।