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US: 'अब तेहरान से तेल खरीद सकता है चीन', ईरान-इस्राइल संघर्षविराम समझौते के बाद राष्ट्रपति ट्रंप का बड़ा बयान

Tue, 24 Jun 2025 10:59 PM IST
निर्मल कांत वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन।
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, वॉशिंगटन। Published by: निर्मल कांत Updated Tue, 24 Jun 2025 10:59 PM IST
सार

US: अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि चीन अब ईरान से तेल खरीद सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि बीजिंग, वॉशिंगटन से भी भरपूर मात्रा में तेल खरीदेगा। ट्रंप ने नाटो सम्मेलन में भागीदारी के बारे में कहा कि यूरोप की स्थिति पश्चिम एशिया की तुलना में शांतिपूर्ण होगी। संघर्षविराम समझौते के बाद भी इस्राइल और ईरान के बीच तनाव को लेकर ट्रंप ने नाराजगी जताई तथा दोनों पक्षों को संयम बरतने की सलाह दी।

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China can now continue to purchase oil from Iran: Trump after Iran-Israel ceasefire deal
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप - फोटो : रॉयटर्स/एएनआई

विस्तार

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि चीन अब ईरान से तेल की खरीद सकता है। उन्होंने उम्मीद जताई कि चीन अमेरिका से भी पर्याप्त मात्रा में तेल खरीदेगा। ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, चीन अब ईरान से तेल खरीदना जारी रख सकता है। उम्मीद है कि वह अमेरिका से भी भरपूर तेल खरीदेगा। इसे संभव बनाना मेरे लिए बड़े सम्मान की बात है।  

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एक अलग पोस्ट में ट्रंप ने नाटो सम्मेलन में अपनी भागीदारी, पश्चिम एशिया में अशांति और यूरोपीय देशों को लेकर भी टिप्पणी की। उन्होंने लिखा, नाटो जा रहा हूं। वहां की स्थिति (यूरोप) उस तनाव भरे माहौल से तो बेहतर होगी, जो मैंने अभी-अभी इस्राइल और ईरान के बीच हुए संघर्ष में देखी है। मैं अपने बहुत अच्छे यूरोपीय दोस्तों और अन्य से मिलने के लिए उत्सुक हूं। उम्मीद है, बहुत कुछ हासिल होगा। 
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डोनाल्ड ट्रंप यूरोप की यात्रा पर जा रहे हैं और उनके पास एक नाज़ुक संघर्षविराम समझौते की जिम्मेदारी भी है, जो उन्होंने इस्राइल और ईरान के बीच करवाया है। सीएनएन के मुताबिक, ट्रंप इस समझौते को अपनी अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक क्षमता का सबूत मानते हैं। यह समझौता व्हाइट हाउस में काफी चर्चा और प्रयासों के बाद तय हुआ। लेकिन संघर्षविराम लागू होने से कुछ घंटे पहले ही इस्राइल ने ईरान पर मिसाइल दागने का आरोप लगाया और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी। वहीं, ईरान ने इन आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उसने संघर्षविराम का उल्लंघन नहीं किया।

संघर्षविराम टूटता देख इस्राइल-ईरान पर नाराज हुए ट्रंप
जब यह संघर्षविराम टूटता हुआ नजर आया, तो ट्रंप काफी नाराज हुए और नीदरलैंड रवाना होने से पहले आक्रोश में उन्होंने कहा, हमारे पास दो ऐसे देश हैं जो इतने लंबे समय से और इतनी तीव्रता से लड़ते आ रहे हैं कि अब उन्हें खुद ही नहीं पता कि वो कर क्या रहे हैं। ट्रंप ने अपनी नाराजगी का इजहार करते हुए इस्राइल को भी जिम्मेदार ठहराया और कहा, जैसे ही हमने समझौता किया, इस्राइल ने इतने ज्यादा बम गिरा दिए, जितने मैंने पहले कभी नहीं देखे थे। 

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ट्रंप ने नेतन्याहू को किया फोन, सख्त लहजे में की बात
सीएनएन के मुताबिक, बाद में ट्रंप ने एयर फोर्स वन से इस्राइली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू को फोन किया और उनसे बहुत सख्त और सीधी भाषा में बात की। इसके बाद ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर एक और पोस्ट किया, सारे विमान वापस लौट जाएंगे और ईरान की ओर एक दोस्ताना 'प्लेन वेव' (विमान से हाथ हिलाकर दोस्ताना अभिवादन करना) करेंगे। किसी को चोट नहीं पहुंचेगी, संघर्षविराम लागू है। 

कतर की मदद से अमेरिका ने की मध्यस्थता
पर्दे के पीछे अमेरिका की मध्यस्थता में किया गया संघर्षविराम कतर की मदद से संभव हुआ। रॉयटर्स के मुताबिक, कतर के प्रधानमंत्री शेख मोहम्मद बिन अब्दुलरहमान अल थानी ने ईरान के अधिकारियों से बात करने के बाद तेहरान की मंजूरी दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह प्रयास ट्रंप और कतर के अमीर के बीच हुई बातचीत के बाद हुआ, जिसमें ट्रंप ने बताया कि इस्राइल ने शर्तें स्वीकार कर ली हैं और ईरान को राजी करने में दोहा की मदद मांगी।


समझौते के बाद दोनों देशों में फिर बढ़ा तनाव 
समझौते के बावजूद थोड़ी ही देर बाद तनाव फिर शुरू हुआ। टाइम्स ऑफ इस्राइल के मुताबिक, ईरान ने दक्षिणी इस्राइल में मिसाइलें दागीं, जिससे बीरशेबा में चार लोगों की मौत हुई और एक आवासीय इमारत पर हमले में कई अन्य घायल हुए। यह ताजा संकट 13 जून से शुरू हुआ, जब इस्राइल ने 'ऑपरेशन राइजिंग लायन' शुरू किया, जिसका लक्ष्य ईरानी सैन्य और परमाणु ढांचे को निशाना बनाना था। इसके जवाब में, ईरान ने 'ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 3' शुरू किया और ड्रोन व मिसाइलों से एक साथ हमला किया, जिसमें इस्राइली ईंधन और ऊर्जा सुविधाएं निशाना बनाया गया। 

ईरान के तीन परमाणु ठिकानों पर अमेरिका ने किया था हमला
अमेरिका ने 'ऑपरेशन मिडनाइट हैमर' के तहत तीन ईरानी परमाणु ठिकानों पर सटीक हमले किए। इसके जवाब में ईरान ने कतर और इराक में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमला किया, जिनमें अल उदैद एयरबेस भी शामिल है, जो इस क्षेत्र में सबसे बड़ा अमेरिकी ठिकाना है।

आईडीएफ ने ईरान के रडार पर किया हमला
टाइम्स ऑफ इस्राइल ने बताया कि ईरान ने इस्राइल पर दो बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिसके बाद इस्राइली वायु सेना ने तेहरान के उत्तर में एक रडार पर हमला किया। यह जवाबी हमला सीमित था क्योंकि ट्रंप और नेतन्याहू के बीच फोन पर बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने सहमति जताई कि आगे तनाव को बढ़ाने से बचने के लिए केवल 'प्रतीकात्मक' हमला किया जाएगा।

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