पाकिस्तान की चाल चल रहा चीन, खुद विवाद बढ़ाकर भारत पर ही लगा रहा आरोप
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सीमा विवाद के बीच अब चीन ने भी पाकिस्तान का तरीका अपना लिया है। जिस तरह पाकिस्तान सीमा पार आतंकवाद को बढ़ावा देकर भारत पर बेबुनियाद आरोप लगाता रहता है वैसे ही चीन भी अब सीमा विवाद के लिए भारत को जिम्मेदार ठहरा रहा है। बुधवार को चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि पहले भारतीय सैनिकों ने अवैध तरीके से एलएसी पार की और सीमा पर यथास्थिति को बदला।
चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, 'हम भारतीय पक्ष से अनुरोध करते हैं कि अपने सीमा पर तैनात सैनिकों को सख्त अनुशासन में रखें, सभी उकसाने वाली कार्रवाइयों पर रोक लगाएं, उन सभी को तुरंत वापस बुलाएं जिन्होंने अवैध तरीके से एलएसी पार की है और ऐसी कोई भी कार्रवाई को तुरंत रोक दें जो तनाव बढ़ाने वाली हो या मामले में विवादित को और तूल देने वाली हो।'
Indian side claims it "pre-empted" Chinese military activity. India's statements reveal the fact that Indian troops were first to have illegally crossed #LAC, changed status quo in border areas, & violated bilateral agreements & important consensus: Chinese Foreign Ministry Spox
विज्ञापन विज्ञापन— ANI (@ANI) September 2, 2020
प्रवक्ता ने भारत पर पहले एलएसी पार करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा, 'भारतीय पक्ष ये दावा करता है कि उन्होंने चीनी सेना की गतिविधियों को पहले ही रोक दिया। भारत का यह बयान इस बात को स्पष्ट करता है कि भारतीय सैनिकों ने पहले अवैध तरीके से एलएसी (वास्तविक नियंत्रण रेखा) पार की, उन्होंने सीमा क्षेत्रों पर यथास्थिति को बदला और द्विपक्षीय समझौतों और महत्वपूर्ण आम सहमति का उल्लंघन किया है।'
एक दिन पहले ही दी थी भारत ने नसीहत
चीन के इस बयान से एक दिन पहले ही यानी मंगलवार को भारत ने चीन को नसीहत दी थी। भारतीय विदेश मंत्रालय ने कहा था कि भारत वार्ता के जरिए विवाद निपटाने के लिए प्रतिबद्ध है लेकिन चीन को अपनी हरकतों पर लगाम लगानी होगी। मंत्रालय ने कहा था कि हमने चीनी पक्ष के साथ हालिया गतिविधियों और आक्रामक कार्रवाइयों का मामला राजनयिक और सैन्य, दोनों चैनलों के माध्यम से साझा किया है।
हमने उनसे अनुरोध किया है कि अनुशासन में रहें और अपने अग्रिम पंक्ति के सैनिकों कों ऐसी आक्रामक गतिविधियां करने से रोकें। मंत्रालय ने कहा कि 31 अगस्त को, जब दोनों पक्षों के स्थानीय कमांडर स्थिति को सामान्य करने के लिए चर्चा कर रहे थे, तब भी चीनी सैनिकों ने उकसाने वाली कार्रवाई की थी। समय रहते रक्षात्मक कार्रवाई के चलते भारतीय पक्ष यथास्थिति को बदलने के लिए किए गए इन प्रयासों को रोकने में सक्षम रहा था।