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Drug: खाड़ी देशों के बाद यूरोप में दस्तक देने को तैयार 'गरीबों की कोकीन', आखिर इसे लेकर क्यों परेशान है दुनिया

Thu, 17 Aug 2023 02:04 PM IST
नितिन गौतम न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, नई दिल्ली Published by: नितिन गौतम Updated Thu, 17 Aug 2023 02:04 PM IST
सार

मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, 'इस ड्रग के सेवन करने वाला व्यक्ति अचानक बहुत ऊर्जावान और उत्पादक महसूस करता है। इसके चलते मतिभ्रम जैसा महसूस होता है।'

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कैप्टागोन ड्रग्स - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

मध्य पूर्व के खाड़ी देशों को अपने प्रभाव में लेने के बाद अब खतरनाक ड्रग कैप्टागोन यूरोप के देशों में दस्तक देने की तैयारी कर रही है। बता दें कि सीरिया और लेबनान में बनी इस ड्रग के खिलाफ अब खाड़ी देशों की सरकारें सख्त रुख अपना रही हैं, यही वजह है कि इस ड्रग के उत्पादक देशों सीरिया और लेबनान को नए बाजार ढूंढने पड़ रहे हैं। 
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कैप्टागोन को लेकर क्यों चिंतित है दुनिया
अमेरिका के विदेश विभाग, वित्त विभाग के साथ ही ब्रिटेन के विदेश विभाग का आरोप है कि तीन से 25 डॉलर में बिकने वाली एम्फैटामाइन टैबलेट कैप्टागोन का उत्पादन सीरिया में राष्ट्रपति बशर अल असद और लेबनान के आतंकी संगठन हिजबुल्लाह से जुड़े समूहों द्वारा किया जाता है। कैप्टागोन खाड़ी देशों के युवाओं और कम मजदूरी वाले श्रमिकों के बीच खासी पसंद की जाती है। इसे 'गरीबों की कोकीन' भी कहा जाता है। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस ड्रग के सेवन करने वाला व्यक्ति अचानक बहुत ऊर्जावान और उत्पादक महसूस करता है। इसके चलते मतिभ्रम जैसा महसूस होता है और ड्रग लेने वाला व्यक्ति अजेय महसूस करता है। यही वजह है कि यह ड्रग तेजी से लोकप्रिय हुई है। 
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तीन साल में किया 10 बिलियन डॉलर का व्यापार
थिंक टैंक न्यू लाइंस इंस्टीट्यूट के दो प्रमुख रिसर्चर्स का कहना है कि बीते तीन सालों में इस ड्रग ने करीब 10 बिलियन डॉलर का व्यापार किया है और सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल असद के करीबी लोगों को इसका सबसे ज्यादा फायदा मिला है। हालांकि सीरिया की सरकार ड्रग कैप्टागोन के उत्पादन की बात को सिरे से खारिज करती है। खाड़ी के देशों के बाद अब यूरोप के देशों में भी कैप्टागोन खतरा बनकर उभर रही है। न्यू लाइंस इंस्टीट्यूट के निदेशक कैरोलिन रोज का कहना है कि किसी अन्य गैरकानूनी अर्थव्यवस्था की तरह ड्रग तस्कर नए बाजार खोज रहे हैं और नए रूट की तलाश कर रहे हैं। 
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इसी के तहत अभी तक कैप्टागोन के लिए इराक और तुर्किए ट्रांस शिपमेंट पॉइंट थे लेकिन अब ये दोनों देश कैप्टागोन के लिए अहम बाजार बन गए हैं। अब यहां से इस ड्रग के यूरोप के बाजार में पहुंचने का रास्ता साफ हो गया है। हाल के समय में यूरोप के विभिन्न देशों से कैप्टागोन की खेप भी जब्त की गई है। 
 
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