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नेपाल में बाढ़ का कहर: कैलाश मानसरोवर जा रहे करीब 400 तीर्थयात्रियों से संपर्क टूटा, किस देश से कितने लापता?
Wed, 26 Aug 2026 03:49 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, काठमांडो
Published by: हिमांशु सिंह चंदेल
Updated Wed, 26 Aug 2026 03:49 PM IST
सार
कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए जा रहे करीब 400 तीर्थयात्री नेपाल के रसुवा में अचानक आई बाढ़ के बाद संपर्क से बाहर हो गए हैं। इनमें 93 नेपाली और बाकी ज्यादातर भारतीय बताए गए हैं। तीर्थयात्रियों को बुधवार को नेपाल-चीन सीमा पार करनी थी, लेकिन बाढ़ ने सड़क और जरूरी ढांचे को नुकसान पहुंचा दिया। नेपाल पर्यटन ने लापता लोगों पर क्या कहा? क्या जानकारी दी? आइए, सबकुछ विस्तार से जानते हैं...
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नेपाल बाढ़
- फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स
विस्तार
नेपाल के रसुवा जिले में अचानक आई बाढ़ के बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा पर जा रहे करीब 400 तीर्थयात्री संपर्क से बाहर हो गए हैं। ये तीर्थयात्री चीन के तिब्बत क्षेत्र में स्थित कैलाश मानसरोवर जाने की तैयारी में थे और उन्हें बुधवार को नेपाल-चीन सीमा पार करनी थी। इनमें कुल 390 तीर्थयात्रियों में 93 नेपाली शामिल हैं और बाकी ज्यादातर भारतीय हैं। बाढ़ से रसुवागढ़ी इलाके में सड़क और दूसरे जरूरी ढांचे को नुकसान पहुंचा है।
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अधिकारियों का कहना है कि बाढ़ का पानी तिब्बत की ओर से आया प्रतीत होता है। सबसे ज्यादा प्रभावित क्षेत्रों में तिमुरे और स्याब्रुबेसी की सीमावर्ती बस्तियां शामिल हैं। अधिकारियों ने अभी तक विनाश की पूरी सीमा का पता नहीं लगाया है और न ही हताहतों की पुष्टि की है। क्योंकि आकलन दल अभी भी प्रभावित क्षेत्रों से जानकारी एकत्र कर रहे हैं। रसुवा जिले के प्रशासन नरेंद्र परियार ने रॉयटर्स को बताया कि हमें गांवों और बुनियादी ढांचा परियोजना स्थलों के बह जाने की खबरें मिली हैं। उन्होंने आगे कहा कि भारी जानमाल का नुकसान हो सकता है। लेकिन मैं अभी निश्चित रूप से कुछ नहीं कह सकता। हालांकि नेपाल के साथ-साथ चीन में हालात ठीक नहीं है।
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कितने तीर्थयात्री संपर्क से बाहर हैं?
काठमांडो पोस्ट की रिपोर्ट के मुताबिक वहां स्थित टच कैलाश ट्रैवल्स एंड टूर्स के प्रबंध निदेशक बाशु कुमार अधिकारी के अनुसार, 390 तीर्थयात्रियों को बुधवार को सीमा पार करनी थी। दोपहर तीन बजे तक कुछ यात्रियों को छोड़कर बाकी से संपर्क स्थापित नहीं हो सका था। अलग-अलग यात्रा एजेंसियों के ये यात्री रसुवागढ़ी इलाके में मौजूद थे। ट्रेकिंग एजेंसियों एसोसिएशन ऑफ नेपाल के अध्यक्ष सागर पांडे ने कहा कि यात्रियों से संपर्क करने और उनकी स्थिति का पता लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
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सद्गुरू ने कहा- 77 लोग इमिग्रेशन सेंटर पर थे
सद्गुरू जग्गी वासुदेव ने एक्स पर पोस्ट कर बताया कि तिब्बत-चीन के ग्यिरोंग में आई भीषण फ्लैश फ्लड की चपेट में उनके कैलाश यात्रा समूह के लोग भी आए हैं। उन्होंने कहा कि वापसी के दौरान ये लोग इमिग्रेशन कार्यालय में थे, तभी बाढ़ आ गई और इमारत समेत शहर का बड़ा हिस्सा पानी में डूब गया। सद्गुरू के अनुसार, इमिग्रेशन सेंटर पर मौजूद 77 लोगों की स्थिति की अभी आधिकारिक जानकारी नहीं मिली है। उन्होंने बताया कि 495 लोग सुरक्षित लौट चुके हैं, जबकि 743 तिब्बत और 148 नेपाल में हैं। सद्गुरू ने कहा कि उनकी टीम अधिकारियों के साथ मिलकर बचाव के हर संभव प्रयास कर रही है।
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A terrible and tragic flash flood has taken place at Gyirong in Tibet - China, and one of our Kailash groups was caught in it. While on their way back, they were at the immigration office when the flood occurred and the building and much of the town seems to have been flooded.… pic.twitter.com/CqOBxsPlWo
— Sadhguru (@SadhguruJV) August 26, 2026 " />A terrible and tragic flash flood has taken place at Gyirong in Tibet - China, and one of our Kailash groups was caught in it. While on their way back, they were at the immigration office when the flood occurred and the building and much of the town seems to have been flooded.… pic.twitter.com/CqOBxsPlWo
— Sadhguru (@SadhguruJV) August 26, 2026
कौन-कौन सी एजेंसियों के यात्री शामिल हैं?
इन तीर्थयात्रियों में अलग-अलग ट्रैवल एजेंसियों के ग्राहक शामिल हैं। इनमें सम्राट टूर्स एंड ट्रैवल्स के 71, लीफ हॉलीडेज के 55, काठमांडू हॉलीडेज के 17, कैलाश जर्नी के 31, एक्सप्लोर वेकेशन के सात, ट्रेकर्स सोसाइटी के 92, रिचा टूर्स के 12, फिशटेल टूर्स एंड ट्रैवल्स के 27, हिमालयन ग्लेशियर के 62 और एल्पाइन इको ट्रेक के 16 यात्री शामिल हैं। उपलब्ध जानकारी के अनुसार इन सभी यात्रियों की स्थिति जानने के लिए संपर्क की कोशिश जारी है।लापता लोगों पर नेपाल पर्यटन ने क्या बताया?
नेपाल पर्यटन बोर्ड की 26 अगस्त 2026 की प्रारंभिक सूची के अनुसार, भोटे कोशी नदी में अचानक आई बाढ़ के बाद कुल 384 पर्यटकों और यात्रियों के लापता होने की सूचना है। इनमें 291 विदेशी नागरिक और 93 नेपाली नागरिक शामिल हैं। जानकारी के आधार पर 59 और 46 भारतीय नागरिकों के साथ 37 एनआरआई भी सूची में हैं। इसके अलावा कुछ यात्रियों की राष्ट्रीयता अभी स्पष्ट नहीं हुई है। इन आंकड़ों में कैलाश मानसरोवर वाले तीर्थ यात्रियों का आंकड़ा नहीं शामिल है।| देश/राष्ट्रीयता | लापता यात्रियों की संख्या |
|---|---|
| भारत | 105 |
| नेपाल | 93 |
| मलेशिया | 17 |
| ब्रिटेन | 12 |
| दक्षिण अफ्रीका | 4 |
| अमेरिका | 3 |
| ऑस्ट्रेलिया | 1 |
| नीदरलैंड | 1 |
| एनआरआई | 37 |
| राष्ट्रीयता की पुष्टि बाकी | 111 |
| कुल | 384 |