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चिली में सत्ता बदलने की आहट: कम्युनिस्ट नेता जीनेट की बड़ी जीत, अब राष्ट्रपति पद के लिए दक्षिणपंथियों से जंग

Mon, 30 Jun 2025 10:22 AM IST
हिमांशु चंदेल वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सैंटियागो
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, सैंटियागो Published by: हिमांशु चंदेल Updated Mon, 30 Jun 2025 10:22 AM IST
सार

चिली में कम्युनिस्ट नेता जीनेट जारा ने वामपंथी धड़े की प्राइमरी में बड़ी जीत दर्ज की। अब वो नवंबर में राष्ट्रपति पद के लिए दक्षिणपंथी उम्मीदवारों से टक्कर लेंगी। जारा की तुलना पूर्व राष्ट्रपति मिशेल बैचेलेट से हो रही है। हालांकि देश में आर्थिक सुस्ती और अपराध बढ़ने से दक्षिणपंथ मजबूत हुआ है। चुनाव में कड़ी जंग तय मानी जा रही है।

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Chile primary election result Communist leader Jeanette Jara win now fight with right wing for presidency
जीनेट जारा - फोटो : X-@Leftist_Legend

विस्तार

चिली में नवंबर में होने वाले राष्ट्रपति चुनाव से पहले राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। यहां वामपंथी पार्टियों की ओर से हुए प्राइमरी चुनाव में कम्युनिस्ट नेता जीनेट जारा ने चौंकाने वाली जीत दर्ज की है। जारा ने अपनी मुख्य प्रतिद्वंद्वी कैरोलिना टोहा को आसानी से हरा दिया। इस जीत के साथ ही जारा अब मौजूदा सरकार की ओर से राष्ट्रपति पद की उम्मीदवार होंगी।
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51 साल की जीनेट जारा चिली के कम्युनिस्ट पार्टी की सदस्य हैं और राष्ट्रपति गैब्रिएल बोरिक की सरकार में श्रम मंत्री रह चुकी हैं। उन्होंने 60.5 प्रतिशत वोट हासिल कर अपने प्रतिद्वंद्वी टोहा को पीछे छोड़ दिया, जिन्हें महज 27.7 प्रतिशत वोट मिले। इस जीत के बाद जारा ने कहा  कि आज से हम एक नए रास्ते पर चलेंगे, जिसका मकसद चिली को ज्यादा न्यायसंगत और लोकतांत्रिक बनाना है। दक्षिणपंथ के खतरे के सामने हम एकजुटता, संवाद और उम्मीद से जवाब देंगे।
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कैसी है जीनेट जारा की छवि
जारा की छवि पार्टी के दूसरे कट्टर नेताओं के मुकाबले कुछ नरम और कूटनीतिक मानी जाती है। श्रम मंत्री के तौर पर उन्होंने न्यूनतम वेतन बढ़ाने और हफ्ते में काम के घंटे घटाकर 40 करने जैसे कदमों के लिए तारीफ बटोरी। उनकी तुलना देश की पूर्व राष्ट्रपति मिशेल बैचेलेट से की जा रही है, जिन्होंने चिली में महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुधारों के लिए अहम भूमिका निभाई थी।
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आसान नहीं होगा मुकाबला
हालांकि, जारा के सामने चुनौतियां कम नहीं हैं। चिली में फिलहाल आर्थिक सुस्ती, संगठित अपराध और अप्रवासन को लेकर जनता में चिंता बढ़ रही है। इन मुद्दों के चलते देश में दक्षिणपंथी नेताओं को समर्थन तेजी से बढ़ रहा है। खासतौर पर अल्ट्रा-राइट नेता जोस एंटोनियो कास्ट और पूर्व श्रम मंत्री एवलीन मत्तेई लोकप्रियता में आगे चल रहे हैं। मत्तेई अपने व्यापार समर्थक एजेंडे से निवेशकों को भी लुभा रही हैं।

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कब होंगे राष्ट्रपति चुनाव?
चिली में 16 नवंबर को राष्ट्रपति चुनाव होंगे, जिसमें देश 2026 से 2030 तक के लिए नया राष्ट्रपति चुनेगा। मौजूदा राष्ट्रपति गैब्रिएल बोरिक दोबारा चुनाव नहीं लड़ सकते। ऐसे में जीनेट जारा वामपंथी मोर्चे की उम्मीद बनी हैं, लेकिन उनके सामने दक्षिणपंथ की बड़ी चुनौती खड़ी है। चुनाव नतीजे यह तय करेंगे कि चिली का भविष्य किस दिशा में आगे बढ़ेगा।


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