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Canada: कनाडा ने माना, खालिस्तानी चरमपंथी भारत के खिलाफ उसकी जमीन का कर रहे इस्तेमाल

Thu, 19 Jun 2025 09:25 PM IST
राहुल कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला,ओटावा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला,ओटावा Published by: राहुल कुमार Updated Thu, 19 Jun 2025 09:25 PM IST
सार

खुफिया एजेंसी की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि कनाडा ने पहली बार माना है कि खालिस्तानी उसकी जमीन का इस्तेमाल भारत के खिलाफ हिंसा फैलाने, वित्तीय मदद जुटाने और साजिश रचने के लिए कर रहे हैं। साथ ही पहली बार कनाडा ने खालिस्तानियों के लिए चरमपंथी शब्द का इस्तेमाल किया।

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Canada admits that Khalistani extremists are using its land against India
खालिस्तानी - फोटो : एएनआई

विस्तार

कनाडा ने पहली बार माना कि खालिस्तानी उसकी जमीन का इस्तेमाल भारत के खिलाफ हिंसा फैलाने, वित्तीय मदद जुटाने और साजिश रचने के लिए कर रहे हैं। साथ ही पहली बार कनाडा ने खालिस्तानियों के लिए चरमपंथी शब्द का इस्तेमाल किया। कनाडाई सुरक्षा खुफिया सेवा की 2024 की रिपोर्ट बुधवार को जारी की गई।

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खुफिया एजेंसी की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि अस्सी के दशक के मध्य से कनाडा में राजनीतिक रूप से प्रेरित हिंसक चरमपंथ का खतरा खालिस्तानी चरमपंथियों के माध्यम से प्रकट हुआ है, जो भारत के पंजाब प्रांत के भीतर खालिस्तान नामक एक स्वतंत्र राष्ट्र के गठन के वास्ते हिंसक साधनों का उपयोग करना चाहते हैं। एजेंसी की रिपोर्ट में कहा गया है कि खालिस्तानी चरमपंथियों का एक छोटा समूह कनाडा का इस्तेमाल धन जुटाने और मुख्य रूप से भारत में हिंसा की योजना बनाने के लिए अड्डे के तौर पर कर रहा है।
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कनाडा की शीर्ष खुफिया एजेंसी कनाडाई सुरक्षा खुफिया सेवा (सीएसआईएस) ने संसद में पेश अपनी नई वार्षिक रिपोर्ट में कहा कि   कनाडा के खालिस्तानी चरमपंथियों का हिंसक गतिविधियों में बदस्तूर भाग लेना कनाडा की राष्ट्रीय सुरक्षा और इसके हितों के लिए खतरा बना हुआ है। इसमें कनाडा में विदेशी हस्तक्षेप के तौर पर भारत की गतिविधियों की भी आलोचना की गई है।
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सीएसआईएस ने कहा कि राजनीतिक रूप से प्रेरित हिंसक चरमपंथ (पीएमवीई) मौजूदा प्रणालियों के अंदर नई राजनीतिक प्रणालियों या नई संरचनाओं या मानदंडों को स्थापित करने के लिए हिंसा के इस्तेमाल को प्रोत्साहित करता है। सीएसआईएस के अनुसार, 1980 के दशक के मध्य से कनाडा में पीएमवीई सीबीकेई के रूप में सबसे अधिक दिखाई दिया है। ये खालिस्तान नामक एक स्वतंत्र राष्ट्र राज्य बनाने के लिए हिंसक माध्यमों का इस्तेमाल और समर्थन करने की कोशिश कर रहा है। ये भारत में मुख्य रूप से पंजाब के अंदर सक्रिय हैं।

सीएसआईएस ने कहा कि 2024 में कनाडा की धरती पर सीबीकेई से जुड़ा कोई हमला नहीं हुआ लेकिन सीबीकेई की जारी हिंसक गतिविधियों में भागीदारी कनाडा की राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा बनी हुई है। सीएसआईएस ने उभरते खतरों की निगरानी और कनाडा सरकार की आतंकवादी सूचीकरण प्रक्रिया का समर्थन करने में अपनी भूमिका का भी जिक्र किया।


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भारत के दावे की हुई पुष्टि
भारत लंबे समय से कहता रहा है कि कनाडा में खालिस्तानी चरमपंथी सक्रिय हैं और वहां से भारत विरोधी गतिविधियां चला रहे हैं। यहां तक कि नई दिल्ली ने 20 से अधिक प्रत्यर्पण अनुरोधों की सूची भी सौंपी है, जिनमें से कई भारत में आतंकवाद और हिंसा से जुड़े हैं। हालांकि, कनाडा ने पहले इस मुद्दे पर ज्यादा ध्यान नहीं दिया। अब सीएसआईएस की रिपोर्ट ने भारत के दावों की पुष्टि कर दी है कि कनाडा खालिस्तानी चरमपंथियों के लिए सुरक्षित ठिकाना बन गया है। खास बात है कि यह घटनाक्रम प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के अल्बर्टा में जी7 शिखर सम्मेलन के दौरान द्विपक्षीय वार्ता के बाद हुआ है।

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