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England: चार साल पहले जेल से रिहा हुई ब्रिटिश सिख बुजुर्ग, बहू की हत्या के आरोप में हुई थी 20 साल की जेल

Wed, 19 Apr 2023 04:14 PM IST
जलज मिश्रा वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला
वर्ल्ड न्यूज, अमर उजाला Published by: जलज मिश्रा Updated Wed, 19 Apr 2023 04:14 PM IST
सार

एक लोकल अखबार के मुताबिक, न्यायाधीश जाइल्स फॉरेस्टर ने बुजुर्ग महिला को कम से कम 20 साल जेल में बिताने का आदेश दिया था। लेकिन पैरोल बोर्ड ने सिफारिश की कि अठवाल का स्वास्थ्य काफी खराब है। इसलिए उन्हें लाइसेंस पर चार साल पहले रिहा कर देना चाहिए।

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British Sikh women released from prison four years ago jailed for 20 years for killing daughter-in-law
Court Room - फोटो : Social Media

विस्तार

लंदन की एक जेल से ब्रिटिश सिख बुजुर्ग महिला को 16 साल बाद रिहा कर दिया गया है। 86 साल की बुजुर्ग महिला को अपनी बहू की हत्या के आरोप में कारावास की सजा दी गई थी। 25 साल पहले बचन कौर अठवाल (86) को अपनी बहू सुरजीत कौर अठवाल (27) की हत्या का आदेश देने के लिए दोषी पाया गया था। 

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इसलिए कम की सजा
एक लोकल अखबार के मुताबिक, न्यायाधीश जाइल्स फॉरेस्टर ने बुजुर्ग महिला को कम से कम 20 साल जेल में बिताने का आदेश दिया था। लेकिन पैरोल बोर्ड ने सिफारिश की कि अठवाल का स्वास्थ्य काफी खराब है। इसलिए उन्हें लाइसेंस पर चार साल पहले रिहा कर देना चाहिए। बचन को उसके बेटे सुखदेव के साथ साल 2007 में हत्या की साजिश रचने के आरोप में कारावास की सजा सुनाई थी।

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पैरोल बोर्ड ने मंत्रालय के तथ्य को ठुकराया
पैरोल बोर्ड ने ब्रिटिश न्याय मंत्रालय द्वारा पेश किए गए तथ्यों को भी खारिज कर दिया था। न्याय मंत्रालय ने कहा बोर्ड को पिछले साल का वाक्या बताया था कि जब उसकी बेटी मई में जेल यात्रा पर आई थी। इस दौरान बचन ने अपनी बेटी को थप्पड़ मार दिया था। इसके अलावा उसने एक जेलकर्मी पर भी हमला कर दिया था। जेल अपराधी प्रबंधक का कहना है कि बचन मनोभ्रंश की शुरुआत से पहले आक्रामक नहीं थी।

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यह है पूरा मामला
लंदन के ओल्ड बेली कोर्ट में सुनवाई के दौरान पता चला कि 16 साल की उम्र में सुरजीत को सुखदेव से शादी करने के लिए मजबूर किया गया था। शादी के दौरान परिवार ने उसे धमकाया भी था। महिला को डर था कि सुरजीत अपने पति को तलाक देने की योजना बना रही है। परिवार का नाम खराब होने के डर से उसकी हत्या कर दी गई।

चैरिटी का किया गठन
साल 2007 में जस्टिस फॉरेस्टर ने मां-बेटे को हत्या का आरोपी मानते हुए कारावास की सजा सुनाते हुए कहा था कि यह एक जघन्य अपराध है, जो अकथनीय है। बता दें, सुरजीत की बहन ने ऑनर किलिंग के खिलाफ एक चैरिटी बनाई थी, जिसका नाम ट्रू ऑनर रखा था। 


 
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