ब्रिटिश वैज्ञानिक का दावा: कोरोना के बी 1.167.2 वेरिएंट के खिलाफ कम प्रभावी हैं वैक्सीन
ब्रिटेन में कोरोना वायरस रोधी टीकाकरण कार्यक्रम के लिए सलाह देने वाले एक अग्रणी वैज्ञानिक ने कहा है कि कोविड-19 रोधी टीके वायरस के बी 1.617.2 स्वरूप के प्रसार की रोकथाम में निश्चित रूप से कम प्रभावी हैं। उल्लेखनीय है कि वायरस के इस स्वरूप की पहचान सबसे पहले भारत में हुई थी। हालांकि, उन्होंने कहा कि अभी तक ऐसे प्रमाण नहीं मिले हैं कि यह स्वरूप ज्यादा जानलेवा या संक्रामक है। यह भी नहीं पता कि क्या वायरस का कोई खास स्वरूप टीके से बच सकता है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय के प्रोफेसर और टीकाकरण पर संयुक्त कमेटी (जेसीवीआई) के उपाध्यक्ष एंथनी हार्नडेन ने कहा कि इंग्लैंड में लॉकडाउन में ढील देते हुए बेहद सावधानी बरतने की जरूरत है क्योंकि यह स्पष्ट नहीं है कि कोरोना वायरस का वह स्वरूप कितना संक्रामक है जिसकी पहचान भारत में हुई है।
समाचार एजेंसी पीटीआई के अनुसार प्रो. एंथनी हार्नडेन ने बीबीसी से बात करते हुए कहा, 'हल्की बीमारी में टीके कम प्रभावी हो सकते हैं लेकिन हमें नहीं लगता है कि गंभीर बीमारी में वे कम प्रभावी होंगे। लेकिन, कुल मिलाकर हल्की बीमारी की स्थिति में संक्रमण को रोकने में निश्चित तौर पर ये कम प्रभावी हैं।'
उन्होंने कहा, 'हमें इसकी जानकारी नहीं है कि अब तक कितना प्रसार हुआ है। अब तक मिले प्रमाण से पता चलता है कि बीमारी की गंभीरता बढ़ने के कोई संकेत नहीं है, ना ही इसकी पुष्टि हुई है कि टीके से ये बच सकते हैं। इसलिए हम अब तक मिले प्रमाण के आधार पर सोच-समझकर कदम उठाएंगे।'
हार्नडेन ने सोमवार से इंग्लैंड में लॉकडाउन में क्रमिक तरीके से ढील दिए जाने का हवाला दिया। वहीं, हार्नडेन के बयान के बाद ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने शुक्रवार की शाम संवाददाता सम्मेलन को संबोधित किया और कहा कि वायरस का यह स्वरूप पहले के मुकाबले अधिक संक्रामक है।
जॉनसन ने कहा, 'हमारा मानना है कि यह स्वरूप पहले के मुकाबले ज्यादा संक्रामक है। फिलहाल यह नहीं पता कि यह कितना फैल चुका है।' जॉनसन ने कहा कि अगर यह सही है तो आगामी दिनों में कठिन विकल्प चुनना होगा। उन्होंने 21 जून को लॉकडाउन खत्म करने की योजना में फेरबदल के संकेत दिए।
बी1.617.2 वेरिएंट के मामलों की संख्या एक हफ्ते में दोगुनी हुई
कोविड-19 के बी1.617.2 स्वरूप के मामलों की संख्या ब्रिटेन में एक हफ्ते के भीतर दोगुनी हो गई है। इसके मद्देनजर देश के जिन हिस्सों में वायरस का यह स्वरूप तेजी से फैलने लगा है, वहां जांच और टीकाकरण में तेजी लाई जा रही है। पब्लिक हेल्थ इंग्लैंड (पीएचई) ने गुरुवार को कहा कि उसके ताजा विश्लेषण में यह बात सामने आई है कि वायरस के इस बेहद संक्रामक स्वरूप से पिछले सप्ताह 520 लोग संक्रमित हुए थे। यह संख्या इस सप्ताह बढ़कर 1313 हो गई। ज्यादातर मामले उत्तर पश्चिम इंग्लैंड और लंदन में पाए गए हैं और संक्रमण की इस कड़ी को तेजी से तोड़ने के लिये अतिरिक्त कदम उठाए जा रहे हैं।