फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   British Indians mark National Handloom Day with Saree Walkathon in London

UK: भारतीय मूल की महिलाओं ने लंदन में साड़ी वॉकथॉन के साथ मनाया हथकरघा दिवस, रंगारंग मार्च का किया आयोजन

Sun, 06 Aug 2023 10:03 PM IST
देव कश्यप पीटीआई, लंदन।
पीटीआई, लंदन। Published by: देव कश्यप Updated Sun, 06 Aug 2023 10:03 PM IST
सार

गुजरात, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, केरल और दिल्ली सहित अन्य राज्यों का प्रतिनिधित्व करने वाली महिलाओं ने एक किलोमीटर लंबे मार्ग पर देशभक्ति के नारे लगाए और राष्ट्रगान के साथ अपने वॉकथॉन का समापन किया।

विज्ञापन
British Indians mark National Handloom Day with Saree Walkathon in London
ब्रिटिश-भारतीय महिलाओं ने लंदन में 'साड़ी वॉकथॉन 2023' का आयोजन किया। - फोटो : सोशल मीडिया

विस्तार

राष्ट्रीय हथकरघा दिवस के एक दिन पहले रविवार को भारत के विभिन्न राज्यों की साड़ियों में लिपटी सैकड़ों भारतीय मूल की महिलाएं मध्य लंदन की सड़कों पर उतरीं। साड़ी समूह में ब्रिटिश-भारतीय महिलाओं द्वारा समन्वित 'साड़ी वॉकथॉन' ने ट्राफलगर स्क्वायर (Trafalgar Square) में रंगारंग मार्च शुरू किया। यह मार्च रास्ते में डाउनिंग स्ट्रीट के पास व्हाइटहॉल पर कुछ गायन-नृत्य करने के बाद पार्लियामेंट स्क्वायर पर महात्मा गांधी की प्रतिमा के पास संपन्न हुआ।

विज्ञापन


गुजरात, राजस्थान, जम्मू-कश्मीर, मध्य प्रदेश, केरल और दिल्ली सहित अन्य राज्यों का प्रतिनिधित्व करने वाली महिलाओं ने एक किलोमीटर लंबे मार्ग पर देशभक्ति के नारे लगाए और राष्ट्रगान के साथ अपने वॉकथॉन का समापन किया। आयोजन के समन्वयकों में से एक केरल की डॉ. हेमा संतोष ने कहा कि इस मार्च के दूत के रूप में हम आभारी हैं कि हमने कलाकारों और बुनकरों को सुर्खियों में लाने और उनकी पहनने योग्य कला को एक ऐसे मुकाम पर पहुंचाने में अपने शुरुआती प्रयासों से अपार सफलता हासिल की है। यहां हर कोई उनके बारे में और अधिक जानने के लिए उत्सुक है।
विज्ञापन


उन्होंने कहा, लेकिन हमारा इरादा इसे और अधिक लोगों तक पहुंचाने का है। हमारा इरादा भारत में मदद की जरूरत वाले हथकरघा समूहों की पहचान करना और उन्हें अपना समर्थन देना है। हम अपने हथकरघा, उनके इतिहास और इसके पीछे की कला के बारे में सभी के बीच जागरूकता बढ़ाने का इरादा रखते हैं। हमारा यह शांतिपूर्ण साड़ी वॉकथॉन इसे संभव बनाने की एक अन्य पहल है।
विज्ञापन
विज्ञापन


पारंपरिक परिधानों में मार्च कर रही 500 से अधिक महिलाओं ने "भारत माता की जय" और "वंदे मातरम" जैसे नारे लगाते हुए पर्यटकों और दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। गरबा और डांडिया से लेकर बॉलीवुड बीट्स तक में उन्होंने कई राहगीरों को भी अपने उत्साही जश्न में शामिल किया।

डॉ दीप्ति जैन ने कहा, 'ब्रिटिश वूमेन इन साड़ीज' सशक्त महिलाओं का एक समूह है जो हथकरघा साड़ियों को प्रदर्शित करने और भारत की अनूठी सांस्कृतिक की पहचान का प्रतिनिधित्व करने में गर्व महसूस करती हैं। यह एक गैर-लाभकारी संगठन है जो हमारी राष्ट्रीय विरासत को बढ़ावा देने के लिए कार्यक्रम आयोजित करना पसंद करता है और दुनिया भर में हर किसी को इन उत्कृष्ट कृतियों को बुनने के पीछे की मेहनत, हस्तकला और कलात्मकता से अवगत कराता है।


बता दें कि राष्ट्रीय हथकरघा दिवस हर साल सात अगस्त को भारत के हथकरघा-बुनाई समुदाय को सम्मान देने के रूप में मनाया जाता है और देश के सामाजिक-आर्थिक विकास में इस क्षेत्र के योगदान पर प्रकाश डालता है। यह तारीख स्वतंत्रता संग्राम से जुड़ती है जब महात्मा गांधी ने स्वदेशी उद्योगों और विशेष रूप से हथकरघा बुनकरों को प्रोत्साहित करने के लिए 1905 में स्वदेशी आंदोलन शुरू किया था।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed