ब्रेग्जिट प्रभाव : ब्रिटेन में आम चुनाव का रास्ता साफ, लेबर पार्टी ने दिया समर्थन
ब्रिटेन में समय से पहले मध्यावधि आम चुनाव कराए जाने का प्रस्ताव खारिज होने के एक दिन बाद ब्रिटिश प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन को राहत मिल गई है। जॉनसन ने मंगलवार को निचले सदन ‘हाउस ऑफ कामंस’ में फिर से 12 दिसंबर को चुनाव कराए जाने का प्रस्ताव पेश किया। यह जॉनसन का मध्यावधि चुनावों के लिए चौथा प्रयास है।
हालांकि इस प्रस्ताव पर अभी निर्णय होना बाकी है, लेकिन ब्रिटेन की मुख्य विपक्षी लेबर पार्टी ने इसका समर्थन करने की घोषणा कर दी है। इससे ब्रिटेन में मध्यावधि आम चुनाव का रास्ता साफ होता दिखाई दे रहा है।
इससे पहले जॉनसन को सोमवार को तब झटका लगा था, जब सांसदों ने यूरोपीय संघ (ईयू) द्वारा ब्रेग्जिट की समय सीमा को 31 जनवरी तक बढ़ा दिए जाने के बाद मध्यावधि चुनावों के तीसरे प्रस्ताव को भी खारिज कर दिया था। लेकिन लेबर पार्टी के नेता जेरेमी कोर्बिन ने मंगलवार को अपनी संभावित कैबिनेट के सदस्यों से कहा, मैंने लगातार कहा है कि हम चुनाव के लिए तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि हमने अब सुना है कि ईयू के नेताओं ने ब्रेग्जिट के लिए अनुच्छेद-50 की समयसीमा 31 जनवरी तक बढ़ाए जाने की पुष्टि कर दी है। इस फैसले का मतलब यह है कि अगले तीन महीनों तक बगैर समझौते ब्रेग्जिट पर आगे नहीं बढ़ा जाएगा। उन्होंने कहा, हम अब अपने देश में वास्तविक बदलाव के लिए एक ऐसा सर्वाधिक महत्वाकांक्षी अभियान शुरू करेंगे, जैसा देश में कभी नहीं हुआ होगा।
अब सामान्य बहुमत की ही जरूरत
अब लेबर पार्टी के चुनाव के लिए तैयार होने की बात कहने से जॉनसन का चुनाव कराने का प्रयास सफल होने की संभावना बढ़ गई है। अब जॉनसन को यूके फिक्स्ड टर्म पार्लियामेंट्स एक्ट के तहत दो तिहाई बहुमत के विपरीत अपने पक्ष में सांसदों के सामान्य बहुमत की आवश्यकता होगी।
बता दें कि, जॉनसन 12 दिसंबर को चुनाव कराना चाहते हैं, लेकिन लेबर और अन्य विपक्षी दल नौ दिसंबर के नजदीक की तारीख पर जोर दे रहे हैं। लेकिन मंगलवार को कोर्बिन के बयान से लेबर पार्टी का रुख बदलने की झलक दिखाई दी है। हालांकि नौ दिसंबर को चुनाव कराने के लिए संसद में बृहस्पतिवार तक इसका प्रस्ताव पारित कराना होगा, लेकिन 12 दिसंबर को चुनाव के लिए अगले सप्ताह के मध्य तक प्रस्ताव पारित कराने की गुंजाइश बची है। इसके चलते भी जॉनसन के प्रस्ताव को लेबर पार्टी के समर्थन की संभावना बन गई है।