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Iran-Israel: 'इस्राइली हमलों ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को बहुत पीछे धकेला'; नेतन्याहू ने ट्रंप का जताया आभार

Tue, 17 Jun 2025 12:52 AM IST
शिव शुक्ला वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेल अवीव
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, तेल अवीव Published by: शिव शुक्ला Updated Tue, 17 Jun 2025 12:52 AM IST
सार

इस्राइली पीएम ने कहा कि इस्राइल ईरानी सरकार को गिराने की कोशिश नहीं कर रहा है, लेकिन हमलों के परिणामस्वरूप अगर ऐसा होता है तो उन्हें आश्चर्य नहीं होगा। उन्होंने कहा कि खामेनेई का शासन बहुत कमजोर है। इस दौरान नेतन्याहू ने यह भी कहा कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ दैनिक संपर्क में हैं।
 

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Benjamin Netanyahu says Israeli strikes set Iran's nuclear programme back a very, very long time know updates
बेंजामिन नेतन्याहू, डोनाल्ड ट्रंप, अयातुल्लाह अली खामेनेई - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक

विस्तार

इस्राइल और ईरान के बीच हमले लगातार जारी हैं। ईरान और इस्राइल के बीच संघर्ष तेज होता जा रहा है। इस्राइल ने दावा किया है कि उसने ईरान के दो तिहाई से ज्यादा वायु रक्षा और मिसाइल प्रणालियों को ध्वस्त कर उसके आधे से अधिक आसमान पर नियंत्रण कर लिया है। इस्राइली हमले में ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड के खुफिया प्रमुख समेत तीन शीर्ष अधिकारी भी मारे गए हैं। इस बीच, इस्राइली पीएम बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि इस्राइली हमलों ने ईरान के परमाणु कार्यक्रम को बहुत, लंबे समय के लिए पीछे धकेल दिया है।

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इस्राइली पीएम ने कहा कि इस्राइल ईरानी सरकार को गिराने की कोशिश नहीं कर रहा है, लेकिन हमलों के परिणामस्वरूप अगर ऐसा होता है तो उन्हें आश्चर्य नहीं होगा। उन्होंने कहा कि खामेनेई का शासन बहुत कमजोर है। इस दौरान नेतन्याहू ने यह भी कहा कि वह अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ दैनिक संपर्क में हैं।

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ट्रंप का जताया आभार
वहीं, एक न्यूज चैनल को साक्षात्कार देते हुए नेतन्याहू ने ईरान के खिलाफ इस्राइल का समर्थन करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप का आभार जताया। साथ ही उन्होंने कहा कि ईरान अमेरिका के लिए भी खतरा है। उन्होंने कहा कि आज तेल अवीव है, कल न्यूयॉर्क होगा। उन्होंने कहा कि मैं अमेरिका फर्स्ट को समझता हूं लेकिन अमेरिका डेड नहीं चाहता। वे(ईरान) यही चाहते हैं। ईरान हमेशा युद्ध चाहता है। वह हमें परमाणु युद्ध के मुहाने पर खड़ा करना चाहता है। हम उसकी आक्रामकता को रोक रहे हैं। 

हमारी लड़ाई बुराई के खिलाफ- नेतन्याहू
नेतन्याहू ने अपने हमलों को बुराई के खिलाफ अच्छाई की लड़ाई बताते हुए कहा कि हमारी लड़ाई बुराई के खिलाफ है। हम मानवता की सेवा में जो कुछ भी कर रहे हैं, ट्रंप उसके साथ खड़े हैं। ट्रंप अच्छाई के पक्ष में है। इसके लिए मैं उनका धन्यवाद करता हूं। इस दौरान उन्होंने ईरान पर इस्राइल के हमलों को लेकर कहा कि यह तब तक जारी रहेंगे जब तक कि बुराई हार नहीं जाती। 

ईरान ट्रंप को मारना चाहता है : नेतन्याहू
इस्राइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने दावा किया है कि ईरान के इस्लामी शासन ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपने परमाणु कार्यक्रम के लिए खतरा माना है और उनकी हत्या के लिए सक्रिय रूप से काम किया है। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, नेतन्याहू ने कहा कि ईरान ट्रंप को मारना चाहता है। वह उसके दुश्मन नंबर एक हैं। उन्होंने कहा कि ट्रंप के निर्णायक नेता हैं। उन्होंने कभी भी दूसरों की तरह उनके साथ सौदेबाजी करने का रास्ता नहीं अपनाया, जिससे उन्हें मूल रूप से यूरेनियम को समृद्ध करने का रास्ता मिल गया। नेतन्याहू ने यह भी कहा कि ईरान शासन के निशाने पर वह खुद भी हैं।  

नेतन्याहू बोले, हम जीत के रास्ते पर
इससे पहले, इस्राइल प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने ईरान की अपील को दरकिनार करते हुए कहा कि हम जीत के रास्ते पर हैं। उन्होंने एक एयरबेस पर इस्राइली सैनिकों से कहा कि इस्राइल अपने दो मुख्य लक्ष्यों को प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ रहा है। पहला-ईरान के परमाणु कार्यक्रम को खत्म करना और दूसरा- उसकी मिसाइलों को नष्ट करना। उन्होंने कहा, हम जीत की राह पर हैं। हम तेहरान के नागरिकों से कह रहे हैं कि शहर को खाली करो हम कार्रवाई कर रहे हैं।

इस्राइली सेना का दावा ईरान के आधे आसमान पर हमारा कब्जा
इससे पहले, इस्राइली सेना के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल एफी डेफ्रिन ने सोमवार को कहा कि हमने ईरानी वायु रक्षा और मिसाइल प्रणालियों को इस हद तक कमजोर कर दिया है कि हमारे लड़ाकू विमान अब बिना किसी बड़े खतरे का सामना किए बिना तेहरान के ऊपर उड़ान भर सकते हैं। अब पश्चिमी ईरान से तेहरान तक के आसमान हमारे विमानों के नियंत्रण में हैं। हमारी सेना ने रात भर के अभियानों में इस्राइल पर हमला करने वाले ईरान के 120 से अधिक सतह से सतह पर मार करने वाले मिसाइल लांचरों को नष्ट कर दिया है।

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ईरान के और तीन शीर्ष अधिकारी मारे गए
वहीं, इस्राइली सेना ने रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की खुफिया इकाई के प्रमुख सहित चार वरिष्ठ खुफिया अधिकारियों को मार गिराने का दावा किया है। ईरान की सरकारी सरकारी मीडिया ने तीन अधिकारियों के मारे जाने की पुष्टि की है। इनमें इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड (आईआरजीसी) कोर के खुफिया प्रमुख ब्रिगेडियर जनरल मोहम्मद काजमी और उनके डिप्टी हसन मोहाकिक और आईआरजीसी के तीसरे खुफिया अधिकारी मोहसेन बाघेरी शामिल हैं।


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दोनों तरफ जानमाल का भारी नुकसान
ईरान और इस्राइल को एक-दूसरे के खिलाफ हमलों में भारी जानमाल का नुकसान उठाना पड़ा है। ईरान ने इस्राइल पर अब तक 370 मिसाइलें और सैकड़ों ड्रोन दागे हैं जिनमें कुल 24 लोगों की मौत हुई है और 500 से अधिक घायल हुए हैं। वहीं, ईरान ने कहा है कि इस्राइल के हमले में अब तक 224 लोग मारे गए हैं और 1277 घायल हुए हैं, हालांकि मानवाधिकार समूहों ने 400 से अधिक मौतों का दावा किया है जिनमें 197 नागरिक हैं। इस्राइली हमले में ईरान में सैन्य और परमाणु ठिकानों समेत तेल और प्राकृतिक गैस क्षेत्र और अन्य बुनियादी ढांचों को भारी नुकसान हुआ है।

कुद्स फोर्स के 10 कमांड केंद्रों पर हमला
इस्राइली सेना ने कहा है कि ईरान को रिहायशी इलाकों पर हमले की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। इस्राइल के लड़ाकू विमानों ने जवाबी कार्रवाई करते हुए ईरान के कुद्स फोर्स से संबंधित तेहरान में 10 कमांड केंद्रों पर भी हमला किया। कुद्स फोर्स रिवोल्यूशनरी गार्ड की एक विशिष्ट शाखा है जो ईरान के बाहर सैन्य और खुफिया अभियान चलाती है।

परमाणु अप्रसार संधि से बाहर निकलेगा ईरान
ईरान ने परमाणु अप्रसार संधि (एनपीटी) से बाहर निकलने की घोषणा की है। सोमवार को ईरान ने कहा कि उसकी संसद एनपीटी से बाहर निकलने के लिए एक विधेयक तैयार कर रही है। हालांकि, उसने यह भी कहा कि तेहरान सामूहिक विनाश के हथियार विकसित करने का विरोध करता रहेगा। विधेयक पारित होने में कई सप्ताह लग सकते हैं। माना जाता है कि इजरायल के पास बहुत बड़ा परमाणु शस्त्रागार है, लेकिन न तो वह इसकी पुष्टि करता है और न ही इनकार करता है। यह पश्चिम एशिया का एकमात्र ऐसा देश है जिसने एनपीटी पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं।


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