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कभी हिंदू राष्ट्र और अखंड भारत का हिस्सा रहे इस्लामिक देश अफगानिस्तान के बारे में खास बातें
Sun, 10 Feb 2019 01:40 PM IST
अमर शर्मा
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
Published by: अमर शर्मा
Updated Sun, 10 Feb 2019 01:40 PM IST
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अफगानिस्तान
- फोटो : Social Media
अफगानिस्तान 7वीं सदी तक अखंड भारत का एक हिस्सा था। यह पहले एक हिंदू राष्ट्र था। बाद में यह बौद्ध राष्ट्र बना और अब इस्लामिक राष्ट्र है। 17वीं सदी तक अफगानिस्तान नाम का कोई राष्ट्र नहीं था। आज कैसा है यह देश और कैसा जीवन जी रहे हैं यहां के लोग। आइए जानते हैं।
धृतराष्ट्र की पत्नी गांधारी, महान संस्कृत व्याकरणाचार्य पाणिनी और गुरु गोरखनाथ यहीं के बाशिंदे थे।
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महाभारत में इसका जिक्र
अफगानिस्तान को आर्याना, आर्यानुम्र वीजू, पख्तिया, खुरासान, पश्तूनख्वाह और रोह आदि नामों से पुकारा जाता था, जिसमें गांधार, कम्बोज, कुंभा, वर्णु, सुवास्तु आदि क्षेत्र थे। ईसा पूर्व 700 साल पहले तक इसके उत्तरी क्षेत्र में गांधार महाजनपद था, जिसके बारे में भारतीय स्रोत महाभारत तथा अन्य ग्रंथों में वर्णन मिलता है।
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धृतराष्ट्र की पत्नी गांधारी, महान संस्कृत व्याकरणाचार्य पाणिनी और गुरु गोरखनाथ यहीं के बाशिंदे थे।
वैदिक धर्म का पालन होता था
आज भी अफगानिस्तान के गांवों में बच्चों के नाम कनिष्क, आर्यन, वेद आदि रखे जाते हैं। अफगानिस्तान में पहले आर्यों के कबीले आबाद थे और वे सभी वैदिक धर्म का पालन करते थे, फिर बौद्ध धर्म के प्रचार के बाद यह स्थान बौद्धों का गढ़ बन गया।
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