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Bangladesh: 'किसी को भी एक मिनट के लिए सत्ता पर कब्जा न करने दें', पीएम हसीना के बेटे का सुरक्षा बलों से आग्रह
Mon, 05 Aug 2024 03:23 PM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका
Published by: निर्मल कांत
Updated Mon, 05 Aug 2024 03:23 PM IST
सार
Bangladesh: पीएम शेख हसीना के बेटे साजिद वाजिद जॉय ने सुरक्षा बलों से कहा कि आपका दायित्व हमारे लोगों और देश को सुरक्षित रखना और सविंधान को बनाए रखना है। इसका मतलब है कि किसी भी अनिर्वाचित सरकार को एक मिनट के लिए भी सत्ता में न आने दें। यह आपका कर्तव्य है।
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बांग्लादेश में हिंसक प्रदर्शन, पीएम शेख हसीना
- फोटो : एएनआई (फाइल)
विस्तार
बांग्लादेश में सरकार विरोधी प्रदर्शन तेज हो गए हैं। इस बीच, प्रधानमंत्री शेख हसीना के बेटे ने सोमवार को देश के सुरक्षा बलों से आग्रह किया कि वह सत्ता पर किसी भी तरह के कब्जे को रोकें। बता दें कि सैकड़ों प्रदर्शनकारी मांग कर रहे हैं कि हसीना पद से इस्तीफा दें।
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अनिर्वाचित सरकार को सत्ता में न आने दें: साजिद वाजिद जॉय
अमेरिका में रहने वाले साजिद वाजिद जॉय ने एक फेसबुक पोस्ट में सुरक्षा बलों से कहा, "आपका दायित्व हमारे लोगों और देश को सुरक्षित रखना और सविंधान को बनाए रखना है। इसका मतलब है कि किसी भी अनिर्वाचित सरकार को एक मिनट के लिए भी सत्ता में न आने दें। यह आपका कर्तव्य है।" जॉय हसीना सरकार के सूचना और संचार प्रौद्योगिकी सलाहकार भी हैं।
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खतरे में पड़ जाएगी बांग्लादेश की प्रगति
जॉय ने चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उन्हें मजबूर किया गया तो बांग्लादेश द्वारा की गई प्रगति खतरे में पड़ जाएगी। हमारा विकास और प्रगति सब कुछ गायब हो जाएगा। बांग्लादेश वहां से वापसी नहीं कर पाएगा। उन्होंने कहा, "मैं ऐसा नहीं चाहता और आप भी ऐसा नहीं चाहते हैं। जहां तक संभव हो सके, मैं ऐसा नहीं होने दूंगा।"
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सरकार विरोधी प्रदर्शनों में करीब 300 लोगों की मौत
स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, जुलाई में हिंसा शुरू होने के बाद से करीब 300 लोग मारे जा चुके हैं। सरकारी नौकरियों में आरक्षण प्रणाली को खत्म करने की मांग को लेकर पिछले महीने छात्रों के प्रदर्शन शुरू हुए थे। हिंसक प्रदर्शनों के चलते 200 से ज्यादा लोग मारे गए। जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने शेख हसीना से इस्तीफे की मांग शुरू की।
छात्र अब प्रदर्शनकारी नहीं, अपराधी हैं: शेख हसीना
हिंसा भड़कने के बीच हसीना ने कहा था कि तोड़फोड़ और तबाही मचाने वाले प्रदर्शनकारी अब छात्र नहीं बल्कि अपराधी हैं। उनसे सख्ती से निपटा जाना चाहिए। सेना के एक प्रवक्ता ने एएफपी को बताया कि बांग्लादेश के सेना प्रमुख वाकर-उज-जमान देश को संबोधित करने वाले हैं। लोक सेवा की नौकरियों में आरक्षण के खिलाफ पिछले महीने से रैलियां शुरू हुई। जिससे हसीना के 15 साल के शासन में सबसे खराब अशांति देखी गई।