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Bangladesh: बांग्लादेश में आम चुनाव के लिए प्रचार शुरू, शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद पहला इलेक्शन
Thu, 22 Jan 2026 03:36 PM IST
नितिन गौतम
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ढाका
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ढाका
Published by: नितिन गौतम
Updated Thu, 22 Jan 2026 03:36 PM IST
सार
बांग्लादेश में आम चुनाव के लिए प्रचार शुरू हो गया है। बीएनपी अध्यक्ष तारिक रहमान इस चुनाव में पीएम पद के प्रबल दावेदार हैं। शेख हसीना के सत्ता से बाहर होने के बाद ये पहले चुनाव हैं। जमात ए इस्लामी पार्टी भी इस चुनाव में तगड़ी दावेदार है।
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मोहम्मद यूनुस, बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार
- फोटो : X @ChiefAdviserGoB
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विस्तार
बांग्लादेश के पहले राष्ट्रीय चुनावों के लिए गुरुवार को प्रचार शुरू हो गया। बांग्लादेश की प्रमुख राजनीतिक पार्टियों ने राजधानी ढाका और दूसरी जगहों पर 12 फरवरी को होने वाले चुनाव से पहले प्रचार रैलियां शुरू कर दी हैं। इस चुनाव को बांग्लादेश के इतिहास में सबसे महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि यह शेख हसीना को सत्ता से हटाए जाने के बाद एक अंतरिम सरकार के तहत हो रहा है।
कानून व्यवस्था को लेकर चिंताएं
फिलहाल इस चुनाव में बीएनपी अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान को प्रधानमंत्री पद के लिए एक प्रमुख दावेदार के रूप में देखा जा रहा है। उनकी पार्टी को उनकी मां की मजबूत राजनीतिक विरासत के कारण अच्छा समर्थन मिला है। खालिदा जिया का पिछले महीने ही निधन हो गया था। रहमान पिछले महीने यूनाइटेड किंगडम में 17 साल के निर्वासन के बाद बांग्लादेश लौटे थे। रहमान ने गुरुवार को उत्तर-पश्चिमी शहर सिलहट से अपनी पार्टी के चुनाव प्रचार की शुरुआत की। आने वाले दिनों में रहमान के कई अन्य जिलों का दौरा करने का कार्यक्रम है। जमात-ए-इस्लामी और NCP ने राजधानी ढाका में अपना कैंपेन शुरू किया।
ये भी पढ़ें- Nepal Elections: पूर्व पीएम ओली ने किया चुनाव में दो-तिहाई बहुमत मिलने का दावा, बालेन पर साधा निशाना
नेशनल चार्टर पर भी होगा जनमत
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कानून व्यवस्था को लेकर चिंताएं
- बांग्लादेश की अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार ने निष्पक्ष और स्वतंत्र चुनाव कराने का वादा किया है, लेकिन उनके प्रशासन द्वारा हसीना की अवामी लीग पार्टी पर प्रतिबंध लगाने के बाद उनकी मंशा पर सवाल उठ रहे हैं।
- बांग्लादेश की कानून-व्यवस्था की स्थिति को लेकर भी चिंताएं हैं, लेकिन सरकार का कहना है कि मतदान शांतिपूर्ण रहेगा।
- शेख हसीना की सरकार के खिलाफ हुए हिंसक आंदोलन में कई लोगों की मौत के बाद 5 अगस्त, 2024 को हसीना के देश छोड़कर जाने के बाद अंतरिम सरकार बनी।
- अवामी लीग के चुनाव से बाहर होने के बाद, जमात-ए-इस्लामी पार्टी चुनाव मैदान में है। जमात ए इस्लामी 10-पार्टियों वाले गठबंधन के साथ बांग्लादेश की राजनीति में अपना प्रभाव बढ़ाने की कोशिश कर रही है।
- जमात-ए-इस्लामी को लंबे समय से धर्मनिरपेक्ष समूहों की आलोचना का सामना करना पड़ा है, इन धर्मनिरपेक्ष समूहों का आरोप है कि जमात ए इस्लामी के विचार बांग्लादेश की धर्मनिरपेक्ष नींव को चुनौती देते हैं।
- शेख हसीना सरकार के खिलाफ विद्रोह का नेतृत्व करने वाले छात्र नेताओं द्वारा बनाई गई नई पार्टी, नेशनल सिटिजन पार्टी, या NCP भी इस गठबंधन का हिस्सा है।
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फिलहाल इस चुनाव में बीएनपी अध्यक्ष और पूर्व प्रधानमंत्री खालिदा जिया के बेटे तारिक रहमान को प्रधानमंत्री पद के लिए एक प्रमुख दावेदार के रूप में देखा जा रहा है। उनकी पार्टी को उनकी मां की मजबूत राजनीतिक विरासत के कारण अच्छा समर्थन मिला है। खालिदा जिया का पिछले महीने ही निधन हो गया था। रहमान पिछले महीने यूनाइटेड किंगडम में 17 साल के निर्वासन के बाद बांग्लादेश लौटे थे। रहमान ने गुरुवार को उत्तर-पश्चिमी शहर सिलहट से अपनी पार्टी के चुनाव प्रचार की शुरुआत की। आने वाले दिनों में रहमान के कई अन्य जिलों का दौरा करने का कार्यक्रम है। जमात-ए-इस्लामी और NCP ने राजधानी ढाका में अपना कैंपेन शुरू किया।
ये भी पढ़ें- Nepal Elections: पूर्व पीएम ओली ने किया चुनाव में दो-तिहाई बहुमत मिलने का दावा, बालेन पर साधा निशाना
नेशनल चार्टर पर भी होगा जनमत
- इस चुनाव में एक नेशनल चार्टर, जुलाई नेशनल चार्टर, पर जनमत संग्रह भी होगा। इस चार्टर पर पिछले साल देश की 52 पंजीकृत राजनीतिक पार्टियों में से 25 ने साइन किए थे। अवामी लीग ने इस विचार का विरोध किया, और कई दूसरी पार्टियों ने डॉक्यूमेंट पर साइन करने से मना कर दिया।
- जुलाई नेशनल चार्टर, अभी अनिवार्य नहीं है, लेकिन चार्टर के समर्थकों का कहना है कि इसे कानूनी रूप से अनिवार्य बनाने और संविधान का हिस्सा बनाने के लिए जनमत संग्रह जरूरी है। बांग्लादेश में सिर्फ़ संसद ही संविधान बदल सकती है।
- अंतरिम सरकार का कहना है कि यह चार्टर तानाशाही सरकारों से बचने के लिए जवाबदेही लाएगा, जिसमें राष्ट्रपति पद को ज़्यादा अधिकार देना शामिल है ताकि एक शक्तिशाली प्रधानमंत्री पद को संतुलित किया जा सके।
- यह विधायकों के लिए कार्यकाल की सीमा और हितों के टकराव, मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार को रोकने के उपाय भी प्रस्तावित करता है।