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Bangladesh Violence: हसीना सरकार के पूर्व मंत्री का दावा; चुनाव टालने के लिए कराए जा रहे सुनियोजित दंगे
Fri, 19 Dec 2025 06:43 PM IST
अमन तिवारी
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका
Published by: अमन तिवारी
Updated Fri, 19 Dec 2025 06:43 PM IST
सार
बांग्लादेश में युवा नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद कई शहरों में हिंसक प्रदर्शन हुए हैं। ढाका में अखबारों के दफ्तरों में आगजनी और भारतीय मिशनों पर हमले के आरोपों के बीच कई इलाकों में कर्फ्यू लगाया गया है।
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मोहिबुल हसन चौधरी
- फोटो : ANI
विस्तार
बांग्लादेश के पूर्व मंत्री मोहिबुल हसन चौधरी ने शुक्रवार को आरोप लगाया कि मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार जानबूझकर देश में हिंसा भड़का रही है, ताकि आगामी चुनावों को टाला जा सके। उन्होंने यह भी दावा किया कि भारत को उकसाने के उद्देश्य से साजिशन घटनाएं कराई जा रही हैं। बता दें कि शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद देश के कई हिस्सों में हिंसक प्रदर्शन और आगजनी हुई है। प्रदर्शनकारियों ने ढाका में दो मुख्य अखबारों के कार्यालयों को आग लगा दी है। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कई इलाकों में कर्फ्यू लगा दिया है।
यह भी पढ़े: बांग्लादेश में आखिर हो क्या रहा है?: हादी की हत्या के बाद से बिगड़ रहे हालात, अखबारों के दफ्तरों में आगजनी
पूर्व मंत्री ने क्या कहा?
मीडिया बातचीत में चौधरी ने कहा कि भारत के उप उच्चायुक्त के आवास पर हुआ हमला पूर्व-नियोजित और राज्य प्रायोजित था। उनके मुताबिक, इसका मकसद भारत को प्रतिक्रिया देने के लिए मजबूर करना था। उन्होंने कहा कि छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद बांग्लादेश के कई हिस्सों में हिंसा फैल गई, जिसमें ढाका में रातभर प्रदर्शन हुए और आगजनी व मीडिया संस्थानों पर हमले किए गए। अपदस्थ शेख हसीना सरकार में शिक्षा मंत्री रह चुके चौधरी ने दावा किया कि हादी एक उग्र नेता था। उसकी हत्या उसके ही सशस्त्र समूह के करीबी व्यक्ति ने की। उन्होंने आरोप लगाया कि यूनुस सरकार ने हादी की मौत को बहाना बनाकर चरमपंथी तत्वों और सहानुभूतिपूर्ण राजनीतिक समूहों को सक्रिय किया, ताकि देशभर में अशांति फैलाई जा सके।
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अंतरिम सरकार खुलेआम हिंसा को बढ़ावा दे रही
यह भी पढ़े: Operation Southern Spear: अमेरिकी सेना का ड्रग तस्करों पर बड़ा हमला, चार कथित नार्को-आतंकवादी ढेर; वीडियो जारी
हिंसा सोची समझी साजिश
पूर्व मंत्री ने दावा किया कि विदेशी मिशनों, खासकर चटगांव में भारतीय उच्चायोग को निशाना बनाकर संकट को अंतरराष्ट्रीय रूप देने की कोशिश की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि कानून-व्यवस्था बहाल करने के बजाय अंतरिम सरकार के कुछ सदस्यों ने खुलेआम हिंसा को बढ़ावा दिया। ढाका में द डेली स्टार और प्रोथोम आलो जैसे प्रमुख अखबारों के दफ्तरों पर हमलों को भी उन्होंने इसी साजिश का हिस्सा बताया।
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पूर्व मंत्री ने क्या कहा?
मीडिया बातचीत में चौधरी ने कहा कि भारत के उप उच्चायुक्त के आवास पर हुआ हमला पूर्व-नियोजित और राज्य प्रायोजित था। उनके मुताबिक, इसका मकसद भारत को प्रतिक्रिया देने के लिए मजबूर करना था। उन्होंने कहा कि छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद बांग्लादेश के कई हिस्सों में हिंसा फैल गई, जिसमें ढाका में रातभर प्रदर्शन हुए और आगजनी व मीडिया संस्थानों पर हमले किए गए। अपदस्थ शेख हसीना सरकार में शिक्षा मंत्री रह चुके चौधरी ने दावा किया कि हादी एक उग्र नेता था। उसकी हत्या उसके ही सशस्त्र समूह के करीबी व्यक्ति ने की। उन्होंने आरोप लगाया कि यूनुस सरकार ने हादी की मौत को बहाना बनाकर चरमपंथी तत्वों और सहानुभूतिपूर्ण राजनीतिक समूहों को सक्रिय किया, ताकि देशभर में अशांति फैलाई जा सके।
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हिंसा सोची समझी साजिश
पूर्व मंत्री ने दावा किया कि विदेशी मिशनों, खासकर चटगांव में भारतीय उच्चायोग को निशाना बनाकर संकट को अंतरराष्ट्रीय रूप देने की कोशिश की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि कानून-व्यवस्था बहाल करने के बजाय अंतरिम सरकार के कुछ सदस्यों ने खुलेआम हिंसा को बढ़ावा दिया। ढाका में द डेली स्टार और प्रोथोम आलो जैसे प्रमुख अखबारों के दफ्तरों पर हमलों को भी उन्होंने इसी साजिश का हिस्सा बताया।