फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   World ›   Bangladesh CEC says 180 million people have been denied their voting rights

Bangladesh Crisis: बांग्लादेश में 18 करोड़ लोगों से छीना गया वोटिंग का अधिकार; CEC बोले- इस दर्द को दूर करेंगे

Sun, 05 Jan 2025 04:42 PM IST
काव्या मिश्रा वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, ढाका Published by: काव्या मिश्रा Updated Sun, 05 Jan 2025 04:42 PM IST
सार

बांग्लादेश के मुख्य चुनाव आयुक्त एएमएम नासीर उद्दीन ने कहा कि चुनाव आयोग का उद्देश्य उन लोगों के अधिकारों को बहाल करना है, जिन्हें लंबे समय से मतदान का अधिकार नहीं मिला है।

विज्ञापन
Bangladesh CEC says 180 million people have been denied their voting rights
मुख्य चुनाव आयुक्त एएमएम नासीर उद्दीन - फोटो : विकिपीडिया

विस्तार

बांग्लादेश के मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) एएमएम नासीर उद्दीन ने रविवार को कहा कि लगभग 18 करोड़ लोगों को उनके मतदान अधिकार से वंचित किया गया है। इसे कमी को दूर करने के लिए चुनाव आयोग प्रतिबद्ध है।

विज्ञापन


लंबे समय से नहीं मिला मतदान का अधिकार
नासीर उद्दीन ने चुनाव अधिकारियों के प्रशिक्षण कार्यक्रम के उद्घाटन समारोह में भाग लिया था। इस दौरान उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग का उद्देश्य उन लोगों के अधिकारों को बहाल करना है, जिन्हें लंबे समय से मतदान का अधिकार नहीं मिला है। उन्होंने कहा, 'हम उनके इस दर्द को मिटाना चाहते हैं और इस प्रतिबद्धता में हम दृढ़ हैं।'
विज्ञापन


20 जनवरी से जुटाएंगे घर-घर जाकर आंकड़े 
देशभर में संभावित मतदाताओं की सूची को अपडेट करने के लिए 20 जनवरी से घर-घर जाकर आंकड़े जुटाने की प्रक्रिया शुरू होगी। मुख्य चुनाव आयुक्त ने कहा, 'हम यहां उन 18 करोड़ लोगों की आवाज सुनने के लिए हैं, जो वर्षों से मतदान के अधिकार से वंचित हैं। हम उनके इस दर्द को मिटाने की जिम्मेदारी लेते हैं।'
विज्ञापन
विज्ञापन


इन तीन सालों के चुनावों की होगी जांच
उन्होंने यह भी कहा कि आयोग का मुख्य लक्ष्य निष्पक्ष और विश्वसनीय चुनाव का आयोजन करना है। यह एक मैराथन की तरह है, जो आज से शुरू होकर परिणाम की घोषणा तक चलेगा। उन्होंने आगे कहा कि चुनाव आयोग ने 2014, 2018 और 2024 के चुनावों में हुई अनियमितताओं और खामियों की जांच करने का फैसला लिया है, जो वर्तमान अवामी लीग शासन के दौरान विवादित रहे हैं। इन चुनावों को देश के इतिहास के सबसे विवादास्पद चुनावों में से एक माना जाता है।


नए चुनाव आयोग ने 21 नवंबर को कार्यभार संभाला और 13वें राष्ट्रीय चुनाव की तैयारी करते हुए कई सुधारात्मक कदम उठाए हैं। कुछ दिन पहले, सीईसी उद्दीन ने कहा था कि निर्वासित प्रधानमंत्री शेख हसीना की अवामी लीग पार्टी चुनावों में भाग ले सकती है, जब तक सरकार या न्यायपालिका इस पार्टी पर प्रतिबंध नहीं लगाती।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed