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Murray Hunter: थाईलैंड में गिरफ्तार हुए ऑस्ट्रेलियाई लेखक मरे हंटर, जानें मलयेशिया पर क्यों लगा रहे आरोप?

Fri, 03 Oct 2025 09:34 AM IST
शुभम कुमार वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बैंकॉक
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बैंकॉक Published by: शुभम कुमार Updated Fri, 03 Oct 2025 09:34 AM IST
सार

ऑस्ट्रेलियाई लेखक मरे हंटर को थाईलैंड में मलयेशिया की शिकायत पर मानहानि के आरोप में गिरफ्तार किया गया। हंटर का दावा है कि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आलोचकों को दबाने की कोशिश है। उन्होंने 2024 में मलयेशियाई संस्थाओं पर ब्लॉग लिखा था, जिसपर मलयेशियाई सरकार ने आपत्ति जताते हुए छवि को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया था। 

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Australian writer Murray Hunter arrested in Thailand says Arrested for criticizing Malaysia
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : ANI

विस्तार

ऑस्ट्रेलिया के रहने वाले 66 वर्षीय लेखक और शोधकर्ता मरे हंटर को थाईलैंड में मानहानि के एक मामले में गिरफ्तार किया गया है। यह मामला मलयेशिया सरकार की ओर से शुरू हुआ बताया जा रहा है। हंटर का कहना है कि यह एक अंतरराष्ट्रीय दमन का मामला है, जिसमें एक देश दूसरे देश से आलोचकों को दबाने में मदद लेता है।

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बता दें कि मरे हंटर थाईलैंड के दक्षिणी हिस्से में रहते हैं। उन्हें सोमवार को बैंकॉक एयरपोर्ट से उस समय गिरफ्तार किया गया, जब वो हांगकांग जाने वाली फ्लाइट पकड़ने वाले थे। गिरफ्तारी के बाद उन्हें एक रात जेल में रखा गया और फिर 20,000 थाई बहत (करीब ₹51,000 रुपये) की जमानत पर रिहा कर दिया गया। अब उन्हें 17 नवंबर को कोर्ट में पेश होना है।
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हंटर पर कौन-कौन से आरोप लगे हैं?
हंटर पर लगे आरोप को आप ऐसे समझिए कि उन्होंने 2024 में अपने ऑनलाइन ब्लॉग पर मलयेशिया की संस्थाओं को लेकर कुछ लेख लिखे, जो कथित तौर पर मलयेशिया की छवि को नुकसान पहुंचाते हैं। यह शिकायत मलयेशिया की कम्युनिकेशंस एंड मल्टीमीडिया कमीशन (एमसीएमसी) की ओर से की गई है। ऐसे में हंटर का दावा है कि उन्हें इस मामले की कोई जानकारी नहीं थी और जो समन भेजे गए थे, वो उनके पास नहीं पहुंचे। जब एक समन उनके पड़ोसी ने भेजा, तब वहां के स्थानीय पुलिस ने भी इसे संभावित धोखाधड़ी बताया था।
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क्या कहना है हंटर का?
हंटर का कहना है कि अगर उनके साथ ऐसा हो सकता है, तो अब किसी भी पत्रकार या लेखक को इस तरह दूसरे देश की सरकार दबा सकती है। उन्होंने कहा कि अगर एक देश दूसरे देश की पुलिस से ऐसे मदद लेकर आलोचकों को गिरफ्तार करवा सकता है, तो यह प्रेस की आज़ादी के लिए बड़ा खतरा है।


वहीं इस मामले में मलयेशिया ने भी अपनी सफाई दी। एमसीएमसी ने कहा कि उन्होंने हंटर के खिलाफ मलयेशिया और थाईलैंड में पुलिस रिपोर्ट दर्ज की थी और मलयेशिया में एक दीवानी मुकदमा भी चल रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि थाई पुलिस ने जो समन भेजे थे, हंटर ने उनका पालन नहीं किया, इसी कारण गिरफ्तारी हुई। एमसीएमसी ने कहा कि वे थाईलैंड की न्याय प्रक्रिया का सम्मान करते हैं।

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हंटर को मिल रहा समर्थन

गौरतलब है कि लेखक और पत्रकार हंटर की गिरफ्तारी के बाद सैकड़ों सवाल खड़े हो रहे है। इसके अलावा उन्हें पत्रकारों के समूह से समर्थन भी मिल रहा है। मामले में मलयेशिया की स्वतंत्र पत्रकारिता केंद्र और पीईएन मलयेशिया जैसे संगठनों ने इस गिरफ्तारी की आलोचना की है। उन्होंने कहा कि अगर यह मामला सिर्फ राजनीतिक आलोचना को दबाने के लिए किया गया है, तो यह संविधान में दिए गए अभिव्यक्ति की आजादी के खिलाफ है।

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