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Syria: पूर्व राष्ट्रपति के करीबी अधिकारी को पकड़ने गए सुरक्षा बलों पर हमला; 14 सुरक्षाकर्मियों समेत 17 की मौत
Thu, 26 Dec 2024 07:59 AM IST
बशु जैन
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दमिश्क
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दमिश्क
Published by: बशु जैन
Updated Thu, 26 Dec 2024 07:59 AM IST
सार
आठ दिसंबर को सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद के रूस भागने के बाद देश पर विद्रोही गुट हयात तहरीर अल-शाम (एचटीएस) का कब्जा हो गया है। बुधवार को सुरक्षा बलों ने पूर्व राष्ट्रपति बशर अल असद से जुड़े एक अधिकारी को गिरफ्तार करने की कोशिश की। इस दौरान अधिकारी के समर्थकों और लोगों ने सुरक्षा बलों पर हमला कर दिया।
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बशर अल-असद, सीरिया के पूर्व राष्ट्रपति
- फोटो : ANI
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विस्तार
सीरिया के टारटस प्रांत में बुधवार को सुरक्षा बलों ने पूर्व राष्ट्रपति बशर अल असद से जुड़े एक अधिकारी को गिरफ्तार करने की कोशिश की। इस दौरान अधिकारी के समर्थकों और लोगों ने सुरक्षा बलों पर हमला कर दिया। इस दौरान जनरल सिक्योरिटी फोर्स के 14 सदस्यों समेत 17 लोगों की मौत हो गई। सुरक्षा बल सैदनया जेल में लोगों पर अत्याचार करने वाले अधिकारी मोहम्मद कंजो हसन को गिरफ्तार करने गए थे।
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आठ दिसंबर को सीरिया के राष्ट्रपति बशर अल-असद के रूस भागने के बाद देश पर विद्रोही गुट हयात तहरीर अल-शाम (एचटीएस) का कब्जा हो गया है। वहीं एचटीएस ने धार्मिक और जातीय अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का आश्वासन देकर यहां एक मार्च 2025 तक के लिए अंतरिम प्रधानमंत्री की नियुक्ति की है। इसके बाद से राष्ट्रपति बशर अल असद के करीबियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है।
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सीरियन ऑब्जर्वेटरी फॉर ह्यूमन राइट्स ने कहा कि टारटस प्रांत में सुरक्षा बल बशर शासन के अधिकारी सैन्य न्याय विभाग के निदेशक और क्षेत्रीय न्यायालय प्रमुख के मोहम्मद कंजो हसन को गिरफ्तार करने गए थे। उसने सैदनया जेल में बंद हजारों कैदियों को मौत की सजा और मनमाने फैसले सुनाए थे। सुरक्षा बल जब कंजो हसन के गांव पहुंचे तो यहां कई लोगों ने अपने घरों की तलाशी लेने से इन्कार कर दिया।
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इसके साथ अधिकारी के भाई और अन्य हथियारबंद लोगों ने सुरक्षा बलों को रोकते हुए गांव के पास उनके वाहन को निशाना बनाया। इस दौरान दोनों ओर से हुई हिंसक झड़प में जनरल सिक्योरिटी फोर्स के 14 सदस्य और तीन हथियारबंद लोगों की मौत हो गई। जबकि 10 अन्य लोग घायल हो गए। सुरक्षा बलों ने गांव से दर्जनों लोगों को गिरफ्तार किया है।
बताया जाता है कि सैदनया जेल परिसर में असद का विरोध करने वालों को सताया जाता था। साथ ही यहां कैदियों की हत्या कर दी जाती थी और उनको गायब कर दिया जाता था। सीरिया में जब असद शासन समाप्त हुआ तो विद्रोही गुट हयात तहरीर अल-शाम (एचटीएस) ने जेलों के दरवाजे खोल दिए थे।