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'प्रायश्चित के दिन' जर्मनी में यहूदी उपासना स्थल पर हमला, यूएन ने की कड़ी निंदा
Fri, 11 Oct 2019 04:10 AM IST
गौरव पाण्डेय
यूएन हिंदी समाचार
यूएन हिंदी समाचार
Published by: गौरव पाण्डेय
Updated Fri, 11 Oct 2019 04:10 AM IST
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न्यूयॉर्क में एक यहूदी उपासना स्थल में आयोजित प्रार्थना सभा को संबोधित करते यूएन महासचिव
- फोटो : यूएन फोटो
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जर्मनी में हाले शहर में एक यहूदी उपासना स्थल के बाहर बुधवार को हुए हमले में दो लोगों की मौत हो गई है। संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंतोनियो गुटेरेस ने इस हमले को गैर यहूदीवाद का त्रासद प्रकटीकरण बताते हुए उसकी कड़े शब्दों में निंदा की है।
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यह हमला पूर्वी जर्मनी के हाले शहर में योम किप्पूर के दिन किया गया जो यहूदियों के लिए पवित्रतम दिनों में गिना जाता है। इसे ‘द डे ऑफ एटोनमेंट’ या ‘प्रायश्चित का दिन’ भी कहा जाता है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार कथित हमलावर एक दक्षिणपंथी चरमपंथी है।
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हमले के समय उसने एक सैनिक जैसी पोशाक पहन रखी थी और वीडियो कैमरा लगाया हुआ था और हमले का सीथा प्रसारण ऑनलाइन किया जा रहा था। यूएन महासचिव के प्रवक्ता स्टेफान दुजारिक की ओर से जारी एक बयान में हमले की कड़े शब्दों में निंदा की गई है।
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बयान में उन्होंने इसे बढ़ते गैर-यहूदीवाद की एक और त्रासद प्रकटीकरण के रूप में बताया जिसे योम किप्पूर के पवित्र दिन किया गया। इस तरह की मानसिकता से दृढ़ संकल्प के साथ लड़ने की जरूरत बताई गई है।
सितंबर 2019 में महासचिव गुटेरेस ने धार्मिक स्थलों की सुरक्षा के लिए संयुक्त राष्ट्र की कार्ययोजना पेश की थी। इस कार्ययोजना का उद्देश्य धार्मिक स्थलों का हमलों से बचाव करना और उनमें प्रार्थना के लिए आने वाले श्रृद्धालुओं को सुरक्षा प्रदान करना है।
यूएन महासचिव की ओर से जारी बयान में सरकारों से इस कार्ययोजना को समर्थन देने की अपील की गई है। इसमें कहा गया है कि विश्व भर में उपासना स्थल चिंतन और शांति के लिए सुरक्षित शरणगाह हैं, खूनखराबे और आतंक के नहीं।