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कैंसर पीड़ित बच्चों की खुशी के लिए डॉल बनाती है ये महिला

Sun, 07 Apr 2019 12:56 PM IST
Shilpa Thakur वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला Published by: Shilpa Thakur Updated Sun, 07 Apr 2019 12:56 PM IST
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Amy Jandrisevits making dolls for children with disabilities
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : social media

खिलौनों के साथ खेलना बच्चों को खूब पसंद आता है। इससे वह अपने गम को भुला देते हैं। लेकिन अगर उनकी गुड़िया दिखने में बिलकुल उनके जैसी हो तो उनकी खुशी कई गुना बढ़ जाती है। बर्लिन की रहने वाली एक महिला भी अपने गुड़िया बनाने के हुनर से कैंसर से पीड़ित बच्चों को मुस्कान दे रही है।

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Amy Jandrisevits making dolls for children with disabilities
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : social media
कैंसर से पीड़ित बच्चों के लिए उनके जैसी दिखने वाली गुड़िया बनाकर बर्लिन की एमी उन्हें बीमारी से लड़ने में मदद कर रही हैं। एमी चाहती हैं कि इन बच्चों तो अकेलापन महसूस ना हो और उनके शरीर की कोई खामी उन्हें दुख ना पहुंचाए। 
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Amy Jandrisevits making dolls for children with disabilities
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : social media
उनकी बनाई गुड़ाई बिलकुल वैसी ही दिखती हैं, जैसा बच्चा दिखता है। एमी का कहना है कि गंभीर बीमारी से पीड़ित बच्चे जब खुद के जैसी गुड़िया पाते हैं तो उन्हें खुशी मिलती है और उनका अकेलापन भी दूर हो जाता है। एक मेडिकल सामाजिक कार्यकर्ता एमी कैंसर से पीड़ित बच्चों के प्ले थैरेपी सेंटर में भी काम करती हैं। उनका कहना है कि उन्होंने कैंसर से पीड़ित बच्चों और उनके माता-पिता का दर्द करीब से देखा है। 
Amy Jandrisevits making dolls for children with disabilities
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : social media
एमी कैंसर पीड़ित बच्चों के अलावा दिव्यांग बच्चों के लिए भी गुड़िया बनाती हैं। क्योंकि बच्चे खुद को इन गुड़िया से जोड़ पाते हैं। एमी का कहना है कि इसलिए उन्होंने 'ए डॉल लाइक मी' अभियान शुरू किया है। 

वह कहती हैं कि कुछ सालों तक कैंसर से पीड़ित लड़कियों को उनके जैसी गुड़िया दिखाकर थैरेपी कराई गई, तो पता चला कि उनकी सकारात्मक भावनाओं में इजाफा हुआ है। ऐसे बच्चों का खुश रहना बेहद जरूरी है। क्योंकि कैंसर के इलाज के दौरान बच्चों के पास कोई खिलौना नहीं होता। उनके बाल झड़ने लगते हैं। ऐसे में अगर उन्हें सामान्य गुड़िया दी जाएं तो इससे उनमें हीन भावना पनपने लगती है। लेकिन अगर उन्हें उनके जैसी गुड़िया दी जाए तो वो थैरेपी का काम करती है।
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Amy Jandrisevits making dolls for children with disabilities
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : social media
तीन बच्चों की मां एमी का कहना है कि उन्होंने चार सालों में 300 गुड़िया बनाई हैं। मां होने के नाते उनके पास गुड़िया बनाने के लिए अधिक समय नहीं होता है। जिसके कारण कई बच्चों और उनके माता-पिता को इसके लिए इंतजार करना पड़ता है। एमी एक गुड़िया की कीमत छह से सात हजार रुपये लेती हैं। लेकिन जो माता-पिता अपने बच्चों के लिए गुड़िया बनवाने में असमर्थ होते हैं, उनके लिए एमी फंड जुटाती हैं।
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