US: शेख हसीना का विरोध करने वाली महिला छात्र नेता को सम्मानित करेगा अमेरिका, मिलेगा मेडेलीन अलब्राइट पुरस्कार
अमेरिका का मेडेलीन अलब्राइट मानद समूह पुरस्कार महिलाओं को असाधारण साहस, शक्ति और नेतृत्व के लिए दिया जाता है। यह पुरस्कार पहली अमेरिकी विदेश मंत्री के नाम पर स्थापित है। अमेरिकी विदेश विभाग ने 2007 से अब तक 90 से अधिक देशों की 200 से अधिक महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय साहसी महिला पुरस्कार से सम्मानित किया है।
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बांग्लादेश में पिछले साल पूर्व पीएम शेख हसीना के खिलाफ हुए विरोध प्रदर्शन में शामिल रहीं महिला छात्र नेताओं को अमेरिका सम्मानित करेगा। इन छात्र नेताओं को पहली विदेश मंत्री के नाम पर स्थापित मेडेलीन अलब्राइट मानद समूह पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। यह पुरस्कार महिलाओं को असाधारण साहस, शक्ति और नेतृत्व के लिए दिया जाता है। अमेरिकी विदेश विभाग के मुताबिक विदेश मंत्री मार्को रुबियो और प्रथम महिला मेलानिया ट्रंप मंगलवार वार्षिक अंतरराष्ट्रीय साहसी महिला (आईडब्ल्यूओसी) पुरस्कार समारोह में यह सम्मान देंगे।
विदेश विभाग ने कहा कि जुलाई-अगस्त 2024 में बांग्लादेश में छात्र विरोध आंदोलन में महिलाओं का एक समूह प्रमुख था। उन्होंने धमकियों और हिंसा के बावजूद सुरक्षा बलों और पुरुष प्रदर्शनकारियों के बीच खड़े होकर असाधारण बहादुरी का प्रदर्शन किया। विभाग ने कहा कि आंदोलन के दौरान जब पुरुष प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया गया, तो इन महिलाओं ने इंटरनेट के पूर्ण बंद होने के दौरान भी संवाद जारी रखने और विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व करने के लिए नए तरीके खोजे। अनिश्चितता के बीच इन महिलाओं की बहादुरी और निस्वार्थता ही साहस की परिभाषा थी।
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2007 से अब तक विदेश विभाग ने 90 से अधिक देशों की 200 से अधिक महिलाओं को अंतरराष्ट्रीय साहसी महिला पुरस्कार से सम्मानित किया है। विदेशों में स्थित अमेरिकी राजनयिक मिशन अपने-अपने मेजबान देशों से एक साहसी महिला को नामित करते हैं और अंतिम चयनकर्ताओं का चयन और अनुमोदन वरिष्ठ विभाग अधिकारियों द्वारा किया जाता है।
इस बार सम्मानित होने वालों में श्रीलंका की नामिनी विजेदासा का नाम भी है। वह एक पत्रकार हैं, जिन्होंने दक्षिण एशियाई द्वीप राष्ट्र के नागरिक संघर्ष में मानवीय क्षति की रिर्पोटिंग की। विभाग ने कहा कि समय के साथ उनका ध्यान खोजी रिपोर्टिंग के माध्यम से भ्रष्टाचार से लड़ने, महत्वपूर्ण जवाबदेही के मुद्दों को सामने लाने और पत्रकारों की अगली पीढ़ी को प्रेरित करने पर केंद्रित हो गया।
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विदेश विभाग ने कहा कि विजेदासा ने लगातार जवाबदेही की वकालत की है। उनका कहना है कि सार्थक बदलाव तभी हासिल किया जा सकता है जब लोग सत्ता में बैठे लोगों से पारदर्शिता की मांग करें और उनसे देश की दीर्घकालिक चुनौतियों का समाधान करने का आग्रह करें। प्रतिबंधात्मक कानून के बावजूद वह सकारात्मक बदलाव की अपनी खोज में लगी हैं।
इसके अलावा पुरस्कार पाने वालों में इस्राइल के अमित सौसाना भी शामिल हैं। उन्हें इस्राइल में हमास द्वारा सात अक्तूबर को किए गए हमले में बंधक के रूप में खुद को पहुंचे दर्द का वर्णन करने के लिए अपने स्वयं के जीवित उदाहरण का उपयोग करते हुए साहसपूर्वक बचे लोगों के लिए अपनी आवाज का उपयोग किया है। सौसाना ने हमास के बंधक बने हुए महिलाओं, पुरुषों, लड़कियों और लड़कों की स्थितियों के बारे में जागरूकता बढ़ाई।
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