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अमेरिका: सात दशक में पहली बार किसी महिला को सजा-ए-मौत, लगाया जाएगा जानलेवा इंजेक्शन
Tue, 20 Oct 2020 06:54 AM IST
Kuldeep Singh
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस
न्यूयॉर्क टाइम्स न्यूज सर्विस
Published by: Kuldeep Singh
Updated Tue, 20 Oct 2020 06:54 AM IST
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लिसा मांटगोमेरी
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अमेरिका में करीब सात दशक बाद पहली दफा किसी महिला को मौत की सजा दी जा रही है। इस महिला को एक गर्भवती की हत्या करने और उसका पेट काटकर बच्चे के अपहरण का दोषी पाया गया था। कोर्ट के आदेश पर अब उसे आगामी 8 दिसंबर को जानलेवा इंजेक्शन लगाकर मृत्युदंड दिया जाएगा।
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गर्भवती की हत्या करने और उसका पेट काटकर बच्चे के अपहरण का दोषी पाया गया
अधिकारियों के मुताबिक वर्ष 2004 में पालतू कुत्ता खरीदने के बहाने 23 वर्षीय बॉबी स्टीनेट के मिसौरी स्थित घर पहुंची दोषी लिसा मांटगोमेरी ने इस दर्दनाक हत्याकांड को अंजाम दिया था। तब 36 साल की मांटोगोमैरी ने सबसे पहले 8 महीने की गर्भवती स्टीनेट का रस्सी से गला घोंटकर दम निकाला। फिर उसका पेट फाड़कर बच्चे को लेकर फरार हो गई।पकड़े जाने पर मोंटगोमरी ने मिसौरी की अदालत में अपराध स्वीकार कर लिया था और फिर 2008 में जज ने उसे अपहरण व हत्या का दोषी ठहराया। हालांकि मामले की सुनवाई के दौरान दोषी के वकीलों ने कोर्ट में उसके बीमार होने का तर्क दिया और लेकिन जज ने इसे खारिज कर दिया।
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20 वर्ष की रोक के बाद 3 माह पहले ही अमेरिका में मृत्युदंड की सजा हुई है बहाल
अमेरिका में करीब 20 साल की रोक के बाद 3 माह पहले ही मृत्युदंड की सजा फिर से बहाल हुई है। इसके बाद भी लिसा मांटगामेरी 9वीं संघीय कैदी है जिसे यह सजा मिलेगी। अमेरिका में 1953 में आखिरी बार किसी महिला को मौत की सजा दी गई थी। डेथ पेनल्टी इनफार्मेशन सेंटर के अनुसार अमेरिका में फांसी का इंतजार कर रहे दोषियों में 2 फ़ीसदी महिलाएं हैं। पुरुषों की तुलना में महिलाओं द्वारा किए जाने वाले हिंसक अपराधों में फांसी की सजा काफी कम होती है।
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