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China: तीसरी बार राष्ट्रपति बनने के बाद सबसे पहले PAK पीएम से मिलेंगे जिनपिंग, इस योजना से और चढ़ाएंगे कर्ज
Fri, 28 Oct 2022 07:26 PM IST
शिव शरण शुक्ला
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, बीजिंग
Published by: शिव शरण शुक्ला
Updated Fri, 28 Oct 2022 07:26 PM IST
सार
सीपीईसी 2013 में पाकिस्तान में सड़कों, ऊर्जा परियोजनाओं और औद्योगिक क्षेत्रों का निर्माण करके पाकिस्तान और चीन के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाने के इरादे से शुरू की गई है। यह अरब सागर पर पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह को उत्तर-पश्चिम चीन के झिंजियांग उइगुर स्वायत्त क्षेत्र में काशगर से जोड़ता है।
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चीन-पाकिस्तान
विस्तार
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शी जिनंपिंग अगले सप्ताह चीन का दौरा करने वाले हैं। एक मीडिया रिपोर्ट में खुलासा किया गया है कि अगले सप्ताह होने वाली पाक पीएम की बीजिंग यात्रा के से पहले, दोनों देश महत्वाकांक्षी सीपीईसी परियोजना के अहम हिस्से के रूप में 10 अरब डॉलर की कराची से पेशावर रेल लाइन को आगे बढ़ाने पर सहमत हो गए हैं। गौरतलब है कि शहबाज शरीफ का यह दौरा उस समय हो रहा है जब हाल ही में चीन में शी जिनपिंग का तीसरा कार्यकाल शुरू हुआ है। शी के तीसरी बार चीन के राष्ट्रपति बनने के बाद उनसे मुलाकात करने वाले पहले विदेशी राष्ट्राध्यक्ष शहबाज शरीफ ही होंगे।
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अगले सप्ताह चीन का दौरा करेंगे शहबाज शरीफ
जानकारी के मुताबिक, प्रधान मंत्री शहबाज शरीफ 1 नवंबर, 2022 से एक उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ बीजिंग का दौरा करेंगे। इसके अलावा उनके साथ विदेश मंत्री बिलावल भुट्टो भी होंगे। बीजिंग में वे चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग से मिलेंगे। इस दौरे के के दौरान बीजिंग में संयुक्त समन्वय समिति (जेसीसी) की बैठक के कार्यवृत्त पर हस्ताक्षर किए जाएंगे।
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सीपीईसी 2013 में पाकिस्तान में सड़कों, ऊर्जा परियोजनाओं और औद्योगिक क्षेत्रों का निर्माण करके पाकिस्तान और चीन के बीच कनेक्टिविटी बढ़ाने के इरादे से शुरू की गई है। यह अरब सागर पर पाकिस्तान के ग्वादर बंदरगाह को उत्तर-पश्चिम चीन के झिंजियांग उइगुर स्वायत्त क्षेत्र में काशगर से जोड़ता है। 60 अरब अमेरिकी डॉलर का सीपीईसी चीन की महत्वाकांक्षी बेल्ट एंड रोड इनिशिएटिव (बीआरआई) का हिस्सा है, जो राष्ट्रपति शी की एक प्रमुख परियोजना है।
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एमएल -1 परियोजना शुरू करने पर सहमत हुए दोनों देश
रिपोर्ट्स में कहा गया है कि दोनों देशों के संयुक्त समन्वय सदस्यों ने गुरुवार को मुलाकात के दौरान कराची से पेशावर तक रेल लाइन लिंक के निर्माण के लिए एमएल -1 परियोजना शुरू करने पर सहमत हुए हैं। इस परियोजना को चीन पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (सीपीईसी) की रीढ़ माना जाता है।
इस बैठक की सह-अध्यक्षता पाकिस्तान के योजना और विकास मंत्री अहसान इकबाल और चीन के राष्ट्रीय विकास और सुधार आयोग के उपाध्यक्ष लिन नियानक्सियू ने की। बैठक के दौरान, दोनों पक्ष सूचना प्रौद्योगिकी के विस्तार पर सहयोग करने पर भी सहमत हुए हैं। जिसके बाद चीन इस क्षेत्र में नए अवसरों की खोज के लिए पाकिस्तान में नए अनुसंधान केंद्र बनाएगा।
बैठक के दौरान, दोनों देशों के बीच कुछ अन्य समझौते भी किए गए। इन समझौतों में जल संसाधन प्रबंधन और जलवायु परिवर्तन का एक नया क्षेत्र भी शामिल है। इसके अलावा, बैठक के दौरान कराची सर्कुलर रेलवे (केसीआर) पर भी चर्चा हुई। कहा जा रहा है कि इससे कराची की एक बड़ी आबादी को लाभ होगा।