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Afghanistan-Pakistan: अफगानिस्तान-पाकिस्तान शांति वार्ता रही बेनतीजा, दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लगाए आरोप

Wed, 29 Oct 2025 05:57 AM IST
शिवम गर्ग वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, इस्लामाबाद Published by: शिवम गर्ग Updated Wed, 29 Oct 2025 05:57 AM IST
सार

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच इस्तांबुल में हुई शांति वार्ता बिना किसी नतीजे के खत्म हो गई। तुर्किये और कतर की मध्यस्थता के बावजूद दोनों पक्ष किसी समझौते पर नहीं पहुंच सके।

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Afghanistan-Pakistan peace talks remained inconclusive, second meeting in Istanbul ended without any result
अफगानिस्तान-पाकिस्तान संघर्ष विराम - फोटो : एएनआई

विस्तार

अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच लंबे समय से जारी तनाव को खत्म करने के लिए इस्तांबुल में हुई शांति वार्ता बिना किसी ठोस समाधान के समाप्त हो गई है। पाकिस्तान के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तारड़ ने बुधवार को बताया कि दोनों देशों के बीच हुई यह बातचीत किसी व्यवहारिक समझौते तक नहीं पहुंच सकी। यह वार्ता 25 अक्तूबर से तुर्किये और कतर की मध्यस्थता में चल रही थी। दोनों पड़ोसी देशों के बीच यह बैठक 19 अक्तूबर को दोहा में हुई युद्धविराम सहमति के बाद आयोजित की गई थी। लेकिन लगातार मतभेदों और आरोप-प्रत्यारोप के चलते वार्ता बेनतीजा रही।

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शांति वार्ता बेनतीजा
तारड़ ने अपने बयान में कहा अफगान प्रतिनिधिमंडल मुख्य मुद्दे से भटक गया और बातचीत के मूल उद्देश्य से किनारा कर लिया। जिम्मेदारी स्वीकार करने के बजाय अफगान तालिबान ने सिर्फ आरोप-प्रत्यारोप और बहानेबाजी की। रिपोर्टों के अनुसार, पाकिस्तान चाहता था कि तालिबान, तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) पर लगाम लगाए, जिसे इस्लामाबाद ने हाल के हमलों के लिए जिम्मेदार ठहराया है। लेकिन तालिबान ने TTP पर नियंत्रण से इनकार करते हुए कहा कि वह समूह उनके नियंत्रण में नहीं है।
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सूत्रों के मुताबिक, वार्ता के दौरान दोनों पक्षों के बीच काफी तनावपूर्ण माहौल रहा। अफगान पक्ष का कहना था कि वह TTP की गतिविधियों को पूरी तरह नियंत्रित नहीं कर सकता, जबकि पाकिस्तान ने हालिया हमलों के लिए अफगान तालिबान को जिम्मेदार बताया। इस महीने की शुरुआत में पाकिस्तानी वायुसेना ने काबुल समेत कई इलाकों में TTP ठिकानों पर हवाई हमले किए थे, जिसके जवाब में तालिबान ने पाकिस्तानी सेना की चौकियों पर हमला किया।

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'अगर कोई समझौता नहीं हुआ तो खुला युद्ध शुरू हो सकता है'
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने शनिवार को कहा था कि अगर इस्तांबुल वार्ता में कोई समझौता नहीं हुआ तो “खुला युद्ध शुरू हो सकता है। हालांकि, युद्धविराम की घोषणा के बावजूद, सीमा क्षेत्र में झड़पें जारी हैं, जिसमें हाल ही में पांच पाकिस्तानी सैनिक और 25 तालिबान लड़ाके मारे गए। विशेषज्ञों का मानना है कि यह असफल वार्ता दक्षिण एशिया में स्थायी शांति की उम्मीदों को कमजोर कर सकती है और दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ सकता है।

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