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Afghanistan Flood: अफगानिस्तान में बाढ़ का कहर, 80 से ज्यादा घायल और 100 लोग लापता; बचाव अभियान जारी

Tue, 21 Jul 2026 04:25 PM IST
हिमांशु सिंह चंदेल आईएएनएस, काबुल
आईएएनएस, काबुल Published by: हिमांशु सिंह चंदेल Updated Tue, 21 Jul 2026 04:25 PM IST
सार

Afghanistan Flood Disaster: अफगानिस्तान के नूरिस्तान प्रांत में आई भीषण बाढ़ ने भारी तबाही मचा दी। अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है, 80 से अधिक लोग घायल हैं और 100 से ज्यादा लोगों का कोई पता नहीं चल सका है। बचाव दल लगातार तलाश अभियान चला रहे हैं। क्या मलबे और बाढ़ का पानी हटने के बाद मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है? आइए, विस्तार से जानते हैं...

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Afghanistan Flood Disaster More Than 100 Missing After Heavy Rains in Nuristan
अफगानिस्तान में भारी बारिश बनी आफत - फोटो : अमर उजाला ग्राफिक्स

विस्तार

अफगानिस्तान के नूरिस्तान प्रांत में आई भीषण बाढ़ ने बड़े पैमाने पर तबाही मचा दी है। पारून शहर और उसके आसपास के इलाकों में अचानक आई बाढ़ से अब तक 20 लोगों की मौत हो चुकी है। 80 से अधिक लोग घायल हुए हैं, जबकि 100 से ज्यादा लोग अब भी लापता बताए जा रहे हैं। भारी बारिश के बाद आई इस प्राकृतिक आपदा ने कई गांवों को प्रभावित किया है। प्रशासन को आशंका है कि बचाव अभियान आगे बढ़ने के साथ मृतकों की संख्या और बढ़ सकती है। पहाड़ी इलाकों में राहत और बचाव कार्य लगातार जारी हैं।
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बाढ़ के बाद तालिबान के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने बताया कि पारून और आसपास के कई क्षेत्रों में भारी नुकसान हुआ है। बड़ी संख्या में लोग इस आपदा की चपेट में आए हैं और संपत्ति को भी भारी क्षति पहुंची है। प्रभावित इलाकों में राहत और बचाव टीमों को भेजा गया है, जो लापता लोगों की तलाश के साथ-साथ नुकसान का आकलन कर रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह सामान्य होने में समय लग सकता है, क्योंकि कई क्षेत्रों तक पहुंचना अभी भी मुश्किल बना हुआ है।
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क्या बचाव कार्य में सबसे बड़ी चुनौती क्या?

नूरिस्तान का अधिकांश इलाका पहाड़ी है और यहां सड़क संपर्क भी सीमित है। यही वजह है कि राहत और बचाव दलों को प्रभावित गांवों तक पहुंचने में काफी कठिनाई हो रही है। कई स्थानों पर सड़कें बह गई हैं या मलबे से बंद हो गई हैं। ऐसे में बचावकर्मियों को पैदल या वैकल्पिक रास्तों से प्रभावित लोगों तक पहुंचना पड़ रहा है। प्रशासन ने विशेष टीमों को लापता लोगों की तलाश, घायलों की मदद और नुकसान का आकलन करने के लिए तैनात किया है। बचाव अभियान जारी रहने के कारण मृतकों और घायलों की संख्या में बदलाव होने की संभावना जताई गई है।
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बाढ़ से कितना नुकसान हुआ?

इस भीषण बाढ़ में कई आवासीय मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं। बड़ी संख्या में दुकानें, कृषि भूमि और दूसरी संपत्तियां भी बाढ़ के पानी में बह गईं या बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। इससे स्थानीय लोगों को भारी आर्थिक नुकसान झेलना पड़ा है। कई परिवारों के सामने रहने और रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। प्रशासन अभी नुकसान का पूरा आकलन कर रहा है। लापता लोगों की संख्या अधिक होने के कारण प्रभावित परिवारों की चिंता लगातार बढ़ती जा रही है।

अफगानिस्तान प्राकृतिक आपदाओं के प्रति कितना संवेदनशील?

अफगानिस्तान लंबे समय से बाढ़, सूखा, भूस्खलन और आंधी-तूफान जैसी प्राकृतिक आपदाओं का सामना करता रहा है। कमजोर बुनियादी ढांचे और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के कारण यहां राहत कार्य अक्सर चुनौतीपूर्ण हो जाते हैं। इससे पहले मई महीने में भी कंधार, हेरात, घोर और तखार प्रांतों में तेज हवाओं और तूफान के कारण छह लोगों की मौत हुई थी और 11 लोग घायल हुए थे। उस दौरान कई घर, सड़कें, कृषि भूमि, कुएं, पेड़ और सैकड़ों सौर पैनल भी नष्ट हो गए थे। लगातार आ रही प्राकृतिक आपदाएं अफगानिस्तान के लोगों के लिए बड़ी चुनौती बनी हुई हैं।
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