महिलाएं और बच्चे जंग के सबसे पहले शिकार होते हैं। काबुल से आ रहीं तस्वीरें इसे मजबूती से बयां करती हैं। कोई मां अपने बच्चों से बिछड़ रही है। कोई मां अपने बच्चों को जानबूझकर खुद से दूर भेज रही है, ताकि उनकी आबरू को खतरा न हो और उन्हें नई जिंदगी मिल सके। देखें ऐसी ही बोलती तस्वीरें...
काबुल में मां से बिछड़ रहे बच्चे: दीवार के इस पार आतंक, उस पार बच्चों की जिंदगी, देखें बोलतीं तस्वीरें
महफूज हाथों में भविष्य
तुर्की के फौजी भी काबुल एयरपोर्ट पर मोर्चा संभाले हैं। एक महिला सैनिक की तस्वीर पिछले दिनों वायरल हो गई। दरअसल, फरिश्ता रहमानी नाम की महिला काबुल एयरपोर्ट पर मची भगदड़ के दौरान अपनी दो महीने की बच्ची हादिया और पति अली मूसा से बिछड़ गईं। पिता बच्ची को गोद में थामे बड़ी देर तक मां के आने का इंतजार करते रहे। बच्ची भूख से बिलख रही थी। तभी तुर्की के फौजी मदद के लिए आगे आए। एक फौजी ने पिता को पानी पिलाया। वहीं, महिला फौजी ने बच्ची को गोद में उठा लिया। उसे बोतल में दूध दिया और डाइपर भी बदला। बड़ी देर बाद मां अपनी बिछड़ी बच्ची से मिल पाई।
ये हाल काबुल का है, जहां बीते एक हफ्ते से तालिबान का राज है। तालिबान की हुकूमत कैसी होगी, यह देखने का इंतजार किए बिना लोग काबुल एयरपोर्ट की तरफ दौड़ रहे हैं। उन्हें तालिबान की 20 साल पुरानी तानाशाही याद है। वे जानते हैं कि तालिबान के राज में लोगों पर जुल्म होंगे। महिलाओं-बेटियों की जिंदगी और इज्जत, दोनों को खतरा रहेगा। यूएस मरीन द्वारा प्रदान की गई इस तस्वीर में आप देख सकते हैं कि काबुल एयरपोर्ट पर अमेरिकी जवान बच्ची के साथ उसकी मां का इंतजार कर रहे हैं। किसी तरह से जान बचाने में कामयाब रही इस बच्ची के चेहरे पर मुस्कान भी देखा जा सकता है।
ये अफगान नागरिक किसी भी तरह काबुल एयरपोर्ट के अंदर दाखिल होकर हमेशा के लिए मुल्क छोड़ देना चाहते हैं। हर किसी को एयरपोर्ट के अंदर जाने ही इजाजत नहीं है। फिर भी लोग बच्चों को गोद में उठाए घंटों इंतजार कर रहे हैं। जब एयरपोर्ट की दीवार पर अमेरिकी या यूरोपीय देशों के सैनिकों की हलचल नजर आती है, लोग बच्चों को ऊपर उठा लेते हैं। कुछ बातचीत के बाद सैनिक उन बच्चों को अपनी ओर खींच लेते हैं। बच्चे और माता-पिता यह नहीं जानते कि उनकी दोबारा मुलाकात कब होगी। इस तस्वीर में आप देख सकते हैं कि कैसे एक अमेरिकी वायुसेना की महिला जवान ने तालिबान के आतंक से एक बच्ची को बचाने के बाद उसके परिवार से उसकी मुलाकात करवाई। इस दौरान बच्ची की मां के साथ महिला जवान ने खुशी जताते हुए हाथ मिलाती हुई नजर आ रही हैं।
ऐसे मंजर कितने भयावह होंगे, इसका एहसास ब्रिटिश मीडिया की रिपोर्ट से होता है। काबुल पर तालिबान के कब्जे के पहले-दूसरे दिन ही महिलाएं अपने बच्चों को कंटीले तारों और दीवारों के उस पार फेंक रही थीं। वे फौजियों से गुहार लगा रही थीं कि वे उनके बच्चों को सुरक्षित थाम लें और किसी विमान में बैठा दें। कुछ बच्चे तो तारों के बीच फंस गए थे। ब्रिटेन की सेना के एक अफसर ने बताया कि दिनभर ऐसा मंजर देखने के बाद उनके फौजी रातभर रोते रहे और सो नहीं पाए। वहीं इस तस्वीर में आप देख सकते हैं कि अमेरिकी सेना की दो महिला जवान नवजात को अपने गोद में लिए हुए हैं।