{"_id":"68d0b08798e0510903079e4d","slug":"a-syrian-president-arrives-in-new-york-for-un-general-assembly-for-first-time-in-nearly-60-years-2025-09-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Syria: न्यूयॉर्क पहुंचे अल-शरा, 60 साल बाद पहली बार UNGA की बैठक में शामिल होगा कोई सीरियाई राष्ट्रपति","category":{"title":"World","title_hn":"दुनिया","slug":"world"}}
Syria: न्यूयॉर्क पहुंचे अल-शरा, 60 साल बाद पहली बार UNGA की बैठक में शामिल होगा कोई सीरियाई राष्ट्रपति
Mon, 22 Sep 2025 07:42 AM IST
निर्मल कांत
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दमिश्क (सीरिया)
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दमिश्क (सीरिया)
Published by: निर्मल कांत
Updated Mon, 22 Sep 2025 07:42 AM IST
सार
Syria: सीरिया का कोई राष्ट्रपति छह दशकों बाद संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) की बैठक में भाग लेगा। बशर अल-असद को विद्रोह के जरिए हटाकर सत्ता में आए अल-शरा बैठक में शामिल होने के लिए न्यूयॉर्क पहुंच गए हैं। इस दौरान उनका फोकस सीरिया पर लगे आर्थिक प्रतिबंध और इस्राइल के साथ संबंध जैसे मुद्दों पर होगा।
विज्ञापन
संयुक्त राष्ट्र महासभा
- फोटो : यूएन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा रविवार को न्यूयॉर्क पहुंचे हैं, जहां वह संयुक्त राष्ट्र महासभा (यूएनजीए) की बैठक में हिस्सा लेंगे। करीब साठ वर्षों में यह पहली बार है, जब कोई सीरियाई राष्ट्रपति यूएनजीए में भाग ले रहा है। आखिरी बार 1967 में सीरियाई राष्ट्रपति ने महासभा की बैठक में भाग लिया था। उस समय असद परिवार का पचास साल लंबा शासन शुरू नहीं हुआ था। यह शासन दिसंबर में तब खत्म हुआ, जब अल-शरा के नेतृत्व में विद्रोह के चलते बशर अल-असद को राष्ट्रपति के पद से हटा दिया गया। असद के सत्ता से हटने के साथ ही सीरिया में करीब 14 वर्षों से जारी गृहयुद्ध भी खत्म हो गया।
ये भी पढ़ें: UK-कनाडा, ऑस्ट्रेलिया के बाद पुर्तगाल ने भी दी फलस्तीन को मान्यता; 140 से अधिक देश कर चुके हैं ऐसा
अल-कायदा से जुड़े संगठन से रहा अल-शरा का ताल्लुक
तबसे लेकर अब तक राष्ट्रपति अल-शरा ने अरब और पश्चिमी देशों के साथ संबंध सुधारने की कोशिश की है। हालांकि, शुरुआत में पश्चिमी देश उनके अतीत को लेकर सतर्क थे, क्योंकि उनका ताल्लुक पहले अल-कायदा से जुड़े एक संगठन हयात तहरीर अल-शाम से रहा है। अमेरिका ने पहले इसे आतंकवादी संगठन घोषित किया था।
विज्ञापन
शांति के प्रयासों के बीच सामने आईं हिंसा की घटनाएं
सत्ता में आने के बाद से अल-शरा ने सभी समुदायों के साथ मिल-जुलकर रहने की बात कही और सीरिया के अल्पसंख्यकों को भरोसा दिलाने की कोशिश की। लेकिन देश में शांति के प्रयासों के बीच फिर से धार्मिक हिंसा की घटनाएं सामने आईं। नई सरकार से जुड़े कुछ लड़ाकों पर आरोप है कि उन्होंने द्रूज और अलावी समुदाय के दर्जनों आम नागरिकों की हत्या की।
अमेरिका दौरे के दौरान आर्थिक प्रतिबंध हटवाने पर भी रहेगा फोकस
यूएनजीए की बैठक में हिस्सा लेने के साथ ही अल-शरा अपने दौरे का इस्तेमाल सीरिया पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों को हटवाने के लिए भी कर सकते हैं। गृहयुद्द से तबाह सीरियाई अर्थव्यवस्था और पुनर्निर्माण के लिए उन्हें वैश्विक मदद की जरूरत है।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मई में अल-शरा से सऊदी अरब में मुलाकात की थी और तब उन्होंने संकेद दिया था कि वह सीरिया पर असद शासन के समय लगे दशकों पुराने प्रतिबंधों को हटाएंगे।
ये भी पढ़ें: 'गोली चार्ली पर चली, लेकिन निशाना हम सब थे...', ट्रंप ने किर्क के हमलावर को बताया राक्षस
कई सख्त प्रतिबंधों को हटाने के लिए कांग्रेस में मतदान जरूरी
इसके बाद ट्रंप ने कई प्रतिबंधों को हटाने या अस्थायी रूप से हटाने का आदेश दिया। हालांकि, अमेरिका की संसद की ओर से 2019 में बने कानून (सीजर सीरियन सिविलियन प्रोटेक्शन एक्ट) के तहत कई सख्त प्रतिबंध लगाए गए हैं। इन प्रतिबंधों को पूरी तरह हटाने के लिए कांग्रेस में मतदान की जरूरत होगी।
इस्राइल के साथ संबंध भी रहेगा मुद्दा
अल-शरा के इस दौरे के दौरान एक और बड़ा मुद्दा सीरिया व अमेरिका के सहयोगी देश इस्राइल के साथ संबंध भी रहेगा। बशर अल-असद के सत्ता से हटने के बाद इस्राइल ने अल-शरा की सरकार पर शक जताया है और उसने दक्षिणी सीरिया में संयुक्त राष्ट्र द्वारा नियंत्रित एक बफर जोन पर कब्जा कर लिया है। साथ ही इस्राइल ने सीरियाई सैन्य ठिकानों पर सैकड़ों हमले किए हैं।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें: UK-कनाडा, ऑस्ट्रेलिया के बाद पुर्तगाल ने भी दी फलस्तीन को मान्यता; 140 से अधिक देश कर चुके हैं ऐसा
विज्ञापन
अल-कायदा से जुड़े संगठन से रहा अल-शरा का ताल्लुक
तबसे लेकर अब तक राष्ट्रपति अल-शरा ने अरब और पश्चिमी देशों के साथ संबंध सुधारने की कोशिश की है। हालांकि, शुरुआत में पश्चिमी देश उनके अतीत को लेकर सतर्क थे, क्योंकि उनका ताल्लुक पहले अल-कायदा से जुड़े एक संगठन हयात तहरीर अल-शाम से रहा है। अमेरिका ने पहले इसे आतंकवादी संगठन घोषित किया था।
विज्ञापन
शांति के प्रयासों के बीच सामने आईं हिंसा की घटनाएं
सत्ता में आने के बाद से अल-शरा ने सभी समुदायों के साथ मिल-जुलकर रहने की बात कही और सीरिया के अल्पसंख्यकों को भरोसा दिलाने की कोशिश की। लेकिन देश में शांति के प्रयासों के बीच फिर से धार्मिक हिंसा की घटनाएं सामने आईं। नई सरकार से जुड़े कुछ लड़ाकों पर आरोप है कि उन्होंने द्रूज और अलावी समुदाय के दर्जनों आम नागरिकों की हत्या की।
अमेरिका दौरे के दौरान आर्थिक प्रतिबंध हटवाने पर भी रहेगा फोकस
यूएनजीए की बैठक में हिस्सा लेने के साथ ही अल-शरा अपने दौरे का इस्तेमाल सीरिया पर लगे आर्थिक प्रतिबंधों को हटवाने के लिए भी कर सकते हैं। गृहयुद्द से तबाह सीरियाई अर्थव्यवस्था और पुनर्निर्माण के लिए उन्हें वैश्विक मदद की जरूरत है।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने मई में अल-शरा से सऊदी अरब में मुलाकात की थी और तब उन्होंने संकेद दिया था कि वह सीरिया पर असद शासन के समय लगे दशकों पुराने प्रतिबंधों को हटाएंगे।
ये भी पढ़ें: 'गोली चार्ली पर चली, लेकिन निशाना हम सब थे...', ट्रंप ने किर्क के हमलावर को बताया राक्षस
कई सख्त प्रतिबंधों को हटाने के लिए कांग्रेस में मतदान जरूरी
इसके बाद ट्रंप ने कई प्रतिबंधों को हटाने या अस्थायी रूप से हटाने का आदेश दिया। हालांकि, अमेरिका की संसद की ओर से 2019 में बने कानून (सीजर सीरियन सिविलियन प्रोटेक्शन एक्ट) के तहत कई सख्त प्रतिबंध लगाए गए हैं। इन प्रतिबंधों को पूरी तरह हटाने के लिए कांग्रेस में मतदान की जरूरत होगी।
इस्राइल के साथ संबंध भी रहेगा मुद्दा
अल-शरा के इस दौरे के दौरान एक और बड़ा मुद्दा सीरिया व अमेरिका के सहयोगी देश इस्राइल के साथ संबंध भी रहेगा। बशर अल-असद के सत्ता से हटने के बाद इस्राइल ने अल-शरा की सरकार पर शक जताया है और उसने दक्षिणी सीरिया में संयुक्त राष्ट्र द्वारा नियंत्रित एक बफर जोन पर कब्जा कर लिया है। साथ ही इस्राइल ने सीरियाई सैन्य ठिकानों पर सैकड़ों हमले किए हैं।
विज्ञापन
रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get latest World News headlines in Hindi related political news, sports news, Business news all breaking news and live updates. Stay updated with us for all latest Hindi news.
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन