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कुवैत में विदेशियों का कोटा तय होने के बाद, आठ लाख भारतीयों को आना पड़ सकता है वापस

Mon, 06 Jul 2020 10:46 PM IST
Rohit Ojha वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दुबई
वर्ल्ड डेस्क, अमर उजाला, दुबई Published by: Rohit Ojha Updated Mon, 06 Jul 2020 10:46 PM IST
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8 Lakh Indians May Be Forced To Leave Kuwait Due To Gulf Country Expat Quota Bill
कुवैत में भारतीय - फोटो : social media

कुवैत में विदेशी कामगारों की संख्या में कटौती के लिए तैयार विधेयक के मसौदे को अगर संसदीय समिति मंजूरी दे देती है, तो करीब आठ लाख भारतीयों को खाड़ी के इस देश को छोड़ना पड़ सकता है।मीडिया में आई खबरों के मुताबिक नेशनल असेंबली की विधि एवं विधायिका समिति पहले ही विदेशियों का देशों के आधार पर कोटा तय करने के इस विधेयक को संवैधानिक करार दे चुकी है। विधेयक के मुताबिक कुवैत की कुल आबादी में भारतीयों की संख्या 15 प्रतिशत से अधिक नहीं होनी चाहिए।

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गल्फ न्यूज ने एक कुवैती अखबार के हवाले से बताया कि अगर इस कानून को मंजूरी मिल जाती है, तो करीब आठ लाख भारतीयों को कुवैत छोड़ना पड़ सकता है। विदेशी नागरिकों में सबसे अधिक तादाद 14.5 लाख वहां भारतीयों की है। कुवैत की मौजूदा आबादी 43 लाख है जिसमें से कुवैती नागरिकों की संख्या करीब 13 लाख हैं, जबकि विदेशियों की आबादी 30 लाख है।
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तेल की कीमतों में गिरावट और कोरोना वायरस की महामारी के चलते विदेशी कामगारों का विरोध बढ़ा है। कुवैत की विधायिका और सरकारी अधिकारियों से कुवैत से विदेशी कामगारों को कम करने की मांग की जा रही है। खबर के मुताबिक पिछले महीने कुवैत के प्रधानमंत्री शेख सबाह अल खालिद अल सबाह ने कुल आबादी में विदेशियों की हिस्सेदारी 70 प्रतिशत से घटाकर 30 प्रतिशत करने का प्रस्ताव किया था।
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कुवैत स्थित भारतीय दूतावास के अधिकारी ने कहा कि कुवैत सरकार ने अबतक भारतीयों की संख्या में बड़े स्तर पर कमी लाने की जानकारी दूतावास को नहीं दी है। पहचान गोपनीय रखते हुए उन्होंने बताया कि मीडिया में इसको लेकर बड़े स्तर पर चर्चा हो रही है, लेकिन आधिकारिक तौर पर हमें कुछ नहीं बताया गया है। अधिकारी ने कहा कि यह कहना आसान है पर करना मुश्किल क्योंकि कुवैत में रहने और काम करने वाले भारतीयों के एक बड़े हिस्से को आवश्यक सेवा कर्मियों के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है।

भारतीयों की आबादी 10.45 लाख से ज्यादा

कुवैत में भारतीयों की संख्या सबसे ज्यादा है। कुवैत में करीब 10.45 लाख भारतीय रहते हैं। इनमें केरल और तमिलनाडु के लोग सबसे ज्यादा हैं। यहां पर प्रवासी मजदूर तेल और कंस्ट्रक्टशन कंपनियों में काम करते हैं। देश की कुल आबादी 40.3 लाख है। इनमें दूसरे देशों से आए लोगों की संख्या करीब 30 लाख है। कुवैत के नागरिकों और दूसरे देशों से पहुंचे लोगों की संख्या के बीच भारी अंतर है।
 
प्रवासियों से कम हो गई कुवैतियों की आबादी
दरअसल, कुवैत द्वारा इस विधेयक को इसलिए लाया जा रहा है, क्योंकि कुवैत के नागरिक अपने ही देश में अल्पसंख्यक हो गए हैं। साथ ही कुवैत विदेशी कामगारों पर अपनी निर्भरता भी कम करना चाहता है। कुवैत की आबादी करीब 43 लाख है, जिसमें अकेले प्रवासियों की संख्या ही 30 लाख है। कुवैत में भारतीयों के बाद प्रवासी कामगारों की दूसरी सबसे बड़ी आबादी मिस्र के लोगों की है।
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