Nancy Pelosi in Taiwan: धमकी से बिना डरे पेलोसी पहुंचीं, ताइवानी जनता को दिया यह संदेश, चीन ने दिखाई ताकत
चीन ने पेलोसी की ताइवान यात्रा को लेकर अमेरिका को गंभीर नतीजे भुगतने की धमकी दी थी। पिछले 25 साल में इस स्वतंत्र द्वीप की यात्रा करने वाली पेलोसी अमेरिका की पहली बड़ी नेता हैं।
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अमेरिकी संसद की स्पीकर नैंसी पेलोसी (US House Speaker Nancy Pelosi) चीन की धमकी से डरे बगैर मंगलवार रात ताइवान पहुंच गईं। इसके बाद चीन व अमेरिका के बीच ताइवान की आजादी के मुद्दे पर तनातनी और बढ़ गई। पेलोसी ने मीडिया से चर्चा में ताइवान की सरकार व जनता से कहा कि उनकी यात्रा मानवाधिकारों की रक्षा, अनुचित व्यापार परंपराओं का विरोध और सुरक्षा को लेकर है।
चीन ने पेलोसी की ताइवान यात्रा को लेकर अमेरिका को गंभीर नतीजे भुगतने की धमकी दी थी। पेलोसी इस धमकी को नजरअंदाज कर एक दिनी यात्रा पर वहां पहुंचीं। पिछले 25 साल में इस स्वतंत्र द्वीप की यात्रा करने वाली पेलोसी अमेरिका की पहली बड़ी नेता हैं। उनकी यात्रा के विरोध में चीन ने ताइवान में अपने लड़ाकू विमान उड़ाकर अमेरिका को ताकत दिखाने का प्रयास किया, लेकिन महाशक्ति देश ने उसे नजरअंदाज कर दिया।
पेलोसी ने बताया, इसलिए आई हूं यहां
अमेरिकी स्पीकर पेलोसी ने ताइवानी मीडिया से चर्चा में कहा, 'मैं यहां ताइवानी जनता की बात सुनने और यह सीखने के लिए आई हूं कि हम एक साथ कैसे आगे बढ़ सकते हैं। हम ताइवान को कोविड से सफलतापूर्वक निपटने के लिए बधाई देती हैं। यह स्वास्थ्य, अर्थव्यवस्था, सुरक्षा और शासन का मुद्दा भी है।' पेलोसी ने यह भी कहा कि ताइवान सरकार से बातचीत में जलवायु संकट से पृथ्वी को बचाने के लिए मिलकर काम करने पर बात करेंगे। हमारी यात्रा मानवाधिकारों, अनुचित व्यापार परंपराओं और सुरक्षा मुद्दों के बारे में है।
21 चीनी सैन्य विमानों ने ताइवान में उड़ान भरी
नैंसी पेलोसी (Nancy Pelos) के मंगलवार को ताइपे में उतरने के तुरंत बाद, 21 चीनी सैन्य विमानों ने ताइवान के वायु रक्षा पहचान क्षेत्र (Taiwan Air Defence Identification Zone) के दक्षिण-पश्चिमी हिस्से में उड़ान भरी। ताइवान के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय (Ministry of National Defense) ने इसकी पुष्टि की है। दौरे को लेकर चीन और अमेरिका के बीच जबरदस्त तनाव है। चीन ने उनकी यात्रा को देखते हुए लक्षित सैन्य अभियान चलाने की योजना बना रहा है। चीन ने गंभीर एतराज जताते हुए कहा कि 1.4 अरब चीनी नागरिकों से शत्रुता मोल लेने का अंजाम अच्छा नहीं होगा।
रक्षा मंत्रालय ने ट्विटर पर कहा, "21 पीएलए विमान (आठ पीएलए जे-11, 10 जे-16, केजे-500 एईडब्ल्यू एंड सी, वाई-9 ईडब्ल्यू और वाई-8 ईएलआईएनटी) ने दो अगस्त, 2022 को ताइवान के दक्षिण-पश्चिम वायु रक्षा पहचान क्षेत्र में प्रवेश किया।" ताइवान के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय ने कहा कि चीन के सैन्य विमानों के जवाब में, ताइवान ने हवाई गश्ती अभियान शुरू किया है। रेडियो चेतावनी भेजी गई है और चीनी सैन्य विमानों को ट्रैक करने के लिए रक्षा मिसाइल प्रणालियों को तैनात किया गया है।
नैंसी पेलोसी के ताइवान दौरे को हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के खतरे का सामना करने के लिए अमेरिकी कांग्रेस के प्रतिनिधिमंडल के दौरे के रूप में देखा जा रहा है। पेलोसी के विमान के ताइपे में उतरने के कुछ मिनट बाद ही चीनी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) ने घोषणा की कि वह ताइवान के आसपास के जलक्षेत्र में छह लाइव-फायर सैन्य अभ्यास करेगी, जो गुरुवार से रविवार तक होने वाली है। उधर, अमेरिका ने अपनी नीति में किसी भी तरह के बदलाव का संकेत नहीं दिया है।
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चीन ने चेतावनी दी
चीनी विदेश मंत्रालय ने कहा, नैंसी का दौरा अमेरिका से द्विपक्षीय रिश्तों पर गंभीर प्रभाव डालेगा। इससे क्षेत्रीय शांति और स्थिरता भी प्रभावित होगी। दौरे का जवाब देने के लिए चीनी सेना लक्षित अभियानों की शृंखला चलाएगी। यह एक चीन नीति और तीन सहमतियों का गंभीर उल्लंघन है। इससे क्षेत्रीय शांति और स्थायित्व भी गंभीर रूप से प्रभावित होंगे।
दुनिया में शांति के लिए अमेरिका सबसे बड़ा खतरा: चीन
चीन के विदेश मंत्री वांग यी ने कहा कि ताइवान मुद्दे पर अमेरिकी की धोखेबाजी से उसकी साख दिवालिया हो चुकी है। अमेरिकी ने दादागीरी कर एक बार फिर दिखा दिया है कि दुनिया में शांति के लिए वह सबसे बड़ा खतरा है।