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Uttarkashi News: 121 दिनों बाद थमा कूड़ा निस्तारण आंदोलन
Sat, 18 Apr 2026 06:26 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Sat, 18 Apr 2026 06:26 PM IST
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प्रशासन और पालिका को चेतावनी के साथ धरना समाप्त
उत्तरकाशी। शहर में कूड़ा निस्तारण की समस्या को लेकर पिछले 121 दिनों से चल रहा जनांदोलन शनिवार को एक अहम निर्णय के साथ समाप्त कर दिया गया। लंबे समय से शांतिपूर्ण धरने के बावजूद स्थायी समाधान न निकलने पर आंदोलनकारियों ने धरना समाप्त करते हुए प्रशासन और नगर पालिका को कड़ा संदेश दिया है।
आंदोलनकारियों का कहना है कि इतने लंबे समय के बाद भी शहर में कूड़ा निस्तारण की कोई ठोस व्यवस्था विकसित नहीं हो सकी है। विशेष रूप से ट्रंचिंग ग्राउंड का निर्माण कार्य अब तक अधूरा है जिससे नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस मुद्दे को लेकर कई बार प्रशासन को अवगत कराया गया लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिले और जमीनी स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं दिखी।
धरना स्थल पर हुई बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि फिलहाल आंदोलन को समाप्त किया जाए लेकिन यह किसी भी रूप में पीछे हटना नहीं है। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे गोपीनाथ रावत ने साफ किया कि यह कदम एक चेतावनी है और यदि जल्द ही कूड़ा निस्तारण की स्थायी व्यवस्था नहीं बनाई गई तो भविष्य में फिर से बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
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इस मौके पर विष्णुपाल सिंह रावत, संतोष सेमवाल, नागेंद्र जगूड़ी, विष्णुपाल पंवार, आकाश पंवार, संदीप रावत, ऐलम सिंह, कृपाल सिंह, गिरीश बिष्ट आदि मौजूद थे।
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उत्तरकाशी। शहर में कूड़ा निस्तारण की समस्या को लेकर पिछले 121 दिनों से चल रहा जनांदोलन शनिवार को एक अहम निर्णय के साथ समाप्त कर दिया गया। लंबे समय से शांतिपूर्ण धरने के बावजूद स्थायी समाधान न निकलने पर आंदोलनकारियों ने धरना समाप्त करते हुए प्रशासन और नगर पालिका को कड़ा संदेश दिया है।
आंदोलनकारियों का कहना है कि इतने लंबे समय के बाद भी शहर में कूड़ा निस्तारण की कोई ठोस व्यवस्था विकसित नहीं हो सकी है। विशेष रूप से ट्रंचिंग ग्राउंड का निर्माण कार्य अब तक अधूरा है जिससे नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। इस मुद्दे को लेकर कई बार प्रशासन को अवगत कराया गया लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिले और जमीनी स्तर पर अपेक्षित कार्रवाई नहीं दिखी।
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धरना स्थल पर हुई बैठक में सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि फिलहाल आंदोलन को समाप्त किया जाए लेकिन यह किसी भी रूप में पीछे हटना नहीं है। आंदोलन का नेतृत्व कर रहे गोपीनाथ रावत ने साफ किया कि यह कदम एक चेतावनी है और यदि जल्द ही कूड़ा निस्तारण की स्थायी व्यवस्था नहीं बनाई गई तो भविष्य में फिर से बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
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इस मौके पर विष्णुपाल सिंह रावत, संतोष सेमवाल, नागेंद्र जगूड़ी, विष्णुपाल पंवार, आकाश पंवार, संदीप रावत, ऐलम सिंह, कृपाल सिंह, गिरीश बिष्ट आदि मौजूद थे।