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एवलांच के खतरों को पार कर वोट देने जाएंगे मतदाता
ब्यूरो/ अमर उजाला, उत्तरकाशी
Updated Fri, 10 Feb 2017 10:26 PM IST
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मौसम का बदलता मिजाज मतदान के दिन कई बर्फानी क्षेत्र वाले मतदेय स्थलों में पोलिंग पार्टियों और मतदाताओं की मुश्किलें बढ़ा सकता है। जिले में हर्षिल, मुखबा, धराली क्षेत्र में मतदान के लिए पहुंचने वाले मतदाताओं को इस बार एवलांच के खतरों का सामना भी करना पड़ सकता है।
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जिले के तीनों विधानसभा क्षेत्र में ऊंचाई वाले 102 मतदेय स्थल चिह्नित कर प्रशासन ने यहां जरूरी सामान और पूरी सुरक्षा के साथ पोलिंग पार्टियों को समय से पूर्व भेजने का इंतजाम कर रखा है। पूर्व में कई बार जिले के ऊंचाई वाले क्षेत्रों में मार्च तक भी भारी बर्फबारी देखी गई है।
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यदि इस बार फरवरी पहले पखवाड़े में बर्फबारी हुई तो अस्पताल, सड़क, बिजली पानी तथा दूरसंचार सेवाओं की किल्लत झेल रहे हरकीदून घाटी के ओसला, पंवाणी, गंगाड़, बरी व सरबडियार क्षेत्र सहित दो दर्जन मतदेय स्थलों की मुश्किलें बढ़ सकती है। बर्फबारी की दशा में ओसला, पंवाणी के लिए बर्फबारी के चलते 26 किमी पैदल दूरी तय करनी पड़ सकती है। सेवा, बरी में अभी भी खूब बर्फ जमी है।
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यहां धौला मोटरमार्ग से 14 किमी का बर्फानी रास्ता पार करना पड़ता है। सबसे संकट में हर्षिल क्षेत्र के चार गांव के मतदाता हैं। यहां अधिकांश परिवार शीतकालीन प्रवास के लिए डुंडा तथा उत्तरकाशी के आसपास रहते हैं। क्षेत्र में 2289 मतदाता हैं।