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प्रतिकर नहीं मिलने से आक्रोशित एक ग्रामीण ने बंद किया मट्टी गांव का मोटर मार्ग
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डुंडा प्रखंड के मट्टी में गांव की सड़क बंद करने पर कुछ इस तरह चरपाई पर लेटाकर बीमार व्यक्ति को अस्?
- फोटो : UTTER KASHI
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दशकों के इंतजार के बाद डुंडा ब्लॉक स्थित मट्टी गांव के लिए बने मोटर मार्ग का स्थानीय ग्रामीणों को कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है। लोनिवि द्वारा बनाए गए इस मोटर मार्ग को एक स्थानीय ग्रामीण ने अधिग्रहित भूमि का प्रतिकर नहीं मिलने के कारण दीवार खड़ी कर अवरुद्ध कर दिया है। सरकारी तंत्र इस समस्या के समाधान को लेकर कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है।
डुंडा ब्लॉक स्थित मट्टी गांव के लिए वर्ष 2016 में तीन किमी लंबे मोटर मार्ग का निर्माण कराया गया था। सड़क निर्माण के लिए अधिग्रहित की गई भूमि का प्रतिकर नहीं मिलने के कारण एक स्थानीय ग्रामीण ने मोटर मार्ग के शुरूआती हिस्से में ही दीवार खड़ी कर अवरुद्ध कर दिया है। जिससे वाहन आने जाने में दिक्कत है ।
ग्राम प्रधान शिव प्रसाद भट्ट ने बताया कि विवाद सुलझाने के लिए उन्होंने प्रशासन से कई बार गुहार लगाई। लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने बताया कि अगर जल्द ही सड़क नहीं खोली गई तो आपात स्थिति में गंभीर मरीजों को अस्पताल ले जाने की भी दिक्कत है। सड़क बंद करने वाले श्रीराम भट्ट के बेटे गजेंद्र भट्ट ने कहा कि सड़क के लिए विभाग ने उसकी भूमि अधिग्रहित की थी। निर्माण के दौरान उसकी कृषि भूमि व फलदार वृक्ष भी क्षतिग्रस्त हुए। जिसके लिए उसे करीब तीन से चार लाख रुपये मुआवजा मिलना है। विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं किए जाने पर उन्होंने सड़क बंद कर दी है। मुआवजा मिलने पर वह सड़क खोल देंगे।
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कोट:
सड़क के लिए अधिग्रहित भूमि के दो दावेदार हैं। जिस कारण मुआवजा देने का मामला फंसा हुआ है। राजस्व विभाग द्वारा भूमि के असली मालिक की जानकारी देने के बाद मुआवजा दे दिया जाएगा। सड़क को खुलवाने की कार्रवाई पुलिस व प्रशासन स्तर से ही की जा सकती है।
विरेंद्र पुंडीर, अश्धिशासी अभियंता, प्रांतीय खंड लोनिवि।
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डुंडा ब्लॉक स्थित मट्टी गांव के लिए वर्ष 2016 में तीन किमी लंबे मोटर मार्ग का निर्माण कराया गया था। सड़क निर्माण के लिए अधिग्रहित की गई भूमि का प्रतिकर नहीं मिलने के कारण एक स्थानीय ग्रामीण ने मोटर मार्ग के शुरूआती हिस्से में ही दीवार खड़ी कर अवरुद्ध कर दिया है। जिससे वाहन आने जाने में दिक्कत है ।
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ग्राम प्रधान शिव प्रसाद भट्ट ने बताया कि विवाद सुलझाने के लिए उन्होंने प्रशासन से कई बार गुहार लगाई। लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने बताया कि अगर जल्द ही सड़क नहीं खोली गई तो आपात स्थिति में गंभीर मरीजों को अस्पताल ले जाने की भी दिक्कत है। सड़क बंद करने वाले श्रीराम भट्ट के बेटे गजेंद्र भट्ट ने कहा कि सड़क के लिए विभाग ने उसकी भूमि अधिग्रहित की थी। निर्माण के दौरान उसकी कृषि भूमि व फलदार वृक्ष भी क्षतिग्रस्त हुए। जिसके लिए उसे करीब तीन से चार लाख रुपये मुआवजा मिलना है। विभाग द्वारा कोई कार्रवाई नहीं किए जाने पर उन्होंने सड़क बंद कर दी है। मुआवजा मिलने पर वह सड़क खोल देंगे।
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सड़क के लिए अधिग्रहित भूमि के दो दावेदार हैं। जिस कारण मुआवजा देने का मामला फंसा हुआ है। राजस्व विभाग द्वारा भूमि के असली मालिक की जानकारी देने के बाद मुआवजा दे दिया जाएगा। सड़क को खुलवाने की कार्रवाई पुलिस व प्रशासन स्तर से ही की जा सकती है।
विरेंद्र पुंडीर, अश्धिशासी अभियंता, प्रांतीय खंड लोनिवि।