भूमि के प्रतिकर की मांग को लेकर साल्ड एवं ज्ञाणजा के ग्रामीणों द्वारा सड़क निर्माण कार्य रुकवाने के बाद विभाग के अधिकारी हरकत में आ गए हैं। शुक्रवार को पीएमजीएसवाई के अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को चार माह के भीतर प्रतिकर भुगतान का लिखित आश्वासन दिया, लेकिन ग्रामीणों ने भी प्रतिकर भुगतान के बाद ही सड़क का कार्य शुरू करने देने की बात कही।
जिला मुख्यालय के निकटवर्ती वरुणा घाटी के ज्ञाणजा गांव को जोड़ने के लिए सात साल पहले सड़क का कटान किया गया था। आजकल पीएमजीएसवाई द्वारा इस सड़क पर द्वितीय चरण का कार्य कराया जा रहा है। सड़क में कटी जमीनों का प्रतिकर नहीं मिलने से गुस्साए साल्ड एवं ज्ञाणजा के ग्रामीणों ने बृहस्पतिवार को सड़क का काम रुकवा कर धरना शुरू कर दिया था। शुक्रवार को पीएमजीएसवाई के सहायक अभियंता आशीष भट्ट एवं जेई दीपक बहुगुणा ने मौके पर पहुंचकर क्षेत्र के पंचायत प्रतिनिधियों एवं ग्रामीणों से वार्ता की। उन्होंने तीन दिन के भीतर प्रतिकर का प्रस्ताव तैयार कर उच्चाधिकारियों को भेजने व चार माह के भीतर भुगतान का लिखित आश्वासन दिया। आश्वासन मिलने पर ग्रामीणों का आक्रोश तो कम हो गया, लेकिन उन्होंने प्रतिकर भुगतान के बाद ही सड़क का कार्य शुरू करने की बात कही। ग्रामीणों ने एसडीएम भटवाड़ी को पत्र लिखकर प्रतिकर भुगतान के साथ ही खेतों की सुरक्षा दीवार व क्षतिग्रस्त रास्तों को दुरुस्त कराने व ज्ञाणजा में बस अड्डे का निर्माण कराने की मांग की। इस मौके पर साल्ड की प्रधान संजू नेगी, क्षेत्र पंचायत सदस्य तनुजा नेगी, पूरण सिंह, भगवान सिंह, लक्ष्मण सिंह, बुद्धि लाल, भागेश्वरी देवी आदि अनेक ग्रामीण मौजूद रहे।