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वरूणावत पर्वत फिर वनाग्नि की चपेट में, धू-धूकर जला जंगल
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तापमान के साथ वनाग्नि की घटनाएं फिर बढ़ने लगी हैं। बुधवार को वरुणावत पर्वत पर जंगल की आग भड़क उठी। देखते ही देखते जंगल का बड़ा क्षेत्र आग की चपेट में आ गया। दिनभर जंगल से धुएं के गुबार उठते रहे।
मई माह में अच्छी बारिश से वनाग्नि की घटनाएं थम गईं थी। बारिश बंद होने के बाद तापमान में बढ़ोतरी से जंगलों पर फिर खतरा मंडराने लगा है। बुधवार को वरुणावत पहाड़ के भूस्खलन ट्रीटमेंट एरिया से लगे क्षेत्र में आग धधक उठी। इससे पहले मार्च और अप्रैल महीने में भी वरुणावत पर्वत के जंगल आग की चपेट में आए थे। बुधवार को वनाग्नि की सूचना पर बाड़ाहाट रेंज के वनक्षेेत्राधिकारी रविंद्र पुंडीर के नेतृत्व में वन कर्मियों की टीम मौके पर पहुंची। वन क्षेत्राधिकारी रविंद्र पुंडीर ने बताया कि आग दोपहर करीब दो बजे लगी थी। 15 लोगों की टीम आग बुझाने में जुटी हुई है।
अब तक हो चुकीं 88 घटनाएं
15 फरवरी से शुरू हुए फायर सीजन में वनाग्नि की 88 घटनाएं हो चुकी हैं। पिछले सीजन में यह आंकड़ा महज 24 था। अभी 15 जून तक फायर सीजन चलना है। ऐसे में तापमान में बढ़ोतरी से यह आंकड़ा और बढ़ सकता है। वन विभाग प्री मानसून बारिश का इंतजार कर रहा है।
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मई माह में अच्छी बारिश से वनाग्नि की घटनाएं थम गईं थी। बारिश बंद होने के बाद तापमान में बढ़ोतरी से जंगलों पर फिर खतरा मंडराने लगा है। बुधवार को वरुणावत पहाड़ के भूस्खलन ट्रीटमेंट एरिया से लगे क्षेत्र में आग धधक उठी। इससे पहले मार्च और अप्रैल महीने में भी वरुणावत पर्वत के जंगल आग की चपेट में आए थे। बुधवार को वनाग्नि की सूचना पर बाड़ाहाट रेंज के वनक्षेेत्राधिकारी रविंद्र पुंडीर के नेतृत्व में वन कर्मियों की टीम मौके पर पहुंची। वन क्षेत्राधिकारी रविंद्र पुंडीर ने बताया कि आग दोपहर करीब दो बजे लगी थी। 15 लोगों की टीम आग बुझाने में जुटी हुई है।
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अब तक हो चुकीं 88 घटनाएं
15 फरवरी से शुरू हुए फायर सीजन में वनाग्नि की 88 घटनाएं हो चुकी हैं। पिछले सीजन में यह आंकड़ा महज 24 था। अभी 15 जून तक फायर सीजन चलना है। ऐसे में तापमान में बढ़ोतरी से यह आंकड़ा और बढ़ सकता है। वन विभाग प्री मानसून बारिश का इंतजार कर रहा है।
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