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एसडीएम ने उखड़वाया घटिया डामर
ब्यूरो/अमर उजाला, उत्तरकाशी
Updated Sat, 28 Nov 2015 03:38 PM IST
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थानकी-राजगढ़ी मोटर मार्ग पर हो रहे घटिया गुणवत्ता के डामरीकरण पर आखिरकार प्रशासन का डंडा चल ही गया। बीते रोज स्थलीय निरीक्षण पर पहुंचे एसडीएम आरके पांडेय ने सड़क पर करीब 65 मीटर हिस्से पर हुए घटिया गुणवत्ता के डामरीकरण को उखड़वाकर दोबारा कार्य कराने के निर्देश दिए।
उन्होंने मामले में डीएम को भी रिपोर्ट प्रेषित की। थानकी-राजगढ़ी मोटर मार्ग पर एडीबी लोनिवि की ओर से करीब पौने छह करोड़ रुपये लागत से सड़क सुधारीकरण एवं डामरीकरण कार्य कराया जा रहा है।
कार्य की घटिया गुणवत्ता को लेकर कई बार शिकायत होने पर भी कार्रवाई नहीं होने से क्षेत्र की जनता में रोष था। ग्रामीणों की ओर से कार्य में सुधार नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई थी।
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बीते रोज एसडीएम राजकुमार पांडेय ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का जायजा लिया। कार्य की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने पर उन्होंने करीब 65 मीटर हिस्से में हुए डामरीकरण को जेसीबी से खुदवा डाला। इसमें मानक के अनुरूप 40 एवं 60 एमएम की रोड़ी नहीं बिछाई गई थी।
कई जगह छह मीटर की जगह सिर्फ तीन मीटर चौड़ाई में डामरीकरण पाया गया। इस पर नाराजगी जताते हुए एसडीएम ने कार्य की गुणवत्ता में सुधार लाने की हिदायत दी।
घटिया गुणवत्ता के कार्यों पर प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई से विभागीय अधिकारियों तथा ठेकेदारों में हड़कंप है। स्थानीय लोगों ने सर्दियों में कराए जा रहे डामरीकरण पर सवाल उठाते हुए कहा कि कम तापमान में इसका टिकाऊ होना मुश्किल है। उन्होंने इसे सरकारी बजट का दुरुपयोग बताया। एसडीएम ने मामले में रिपोर्ट तैयार कर डीएम को प्रेषित की है।
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उन्होंने मामले में डीएम को भी रिपोर्ट प्रेषित की। थानकी-राजगढ़ी मोटर मार्ग पर एडीबी लोनिवि की ओर से करीब पौने छह करोड़ रुपये लागत से सड़क सुधारीकरण एवं डामरीकरण कार्य कराया जा रहा है।
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कार्य की घटिया गुणवत्ता को लेकर कई बार शिकायत होने पर भी कार्रवाई नहीं होने से क्षेत्र की जनता में रोष था। ग्रामीणों की ओर से कार्य में सुधार नहीं होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई थी।
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बीते रोज एसडीएम राजकुमार पांडेय ने मौके पर पहुंचकर निर्माण कार्य का जायजा लिया। कार्य की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं पाए जाने पर उन्होंने करीब 65 मीटर हिस्से में हुए डामरीकरण को जेसीबी से खुदवा डाला। इसमें मानक के अनुरूप 40 एवं 60 एमएम की रोड़ी नहीं बिछाई गई थी।
कई जगह छह मीटर की जगह सिर्फ तीन मीटर चौड़ाई में डामरीकरण पाया गया। इस पर नाराजगी जताते हुए एसडीएम ने कार्य की गुणवत्ता में सुधार लाने की हिदायत दी।
घटिया गुणवत्ता के कार्यों पर प्रशासन की ओर से की गई कार्रवाई से विभागीय अधिकारियों तथा ठेकेदारों में हड़कंप है। स्थानीय लोगों ने सर्दियों में कराए जा रहे डामरीकरण पर सवाल उठाते हुए कहा कि कम तापमान में इसका टिकाऊ होना मुश्किल है। उन्होंने इसे सरकारी बजट का दुरुपयोग बताया। एसडीएम ने मामले में रिपोर्ट तैयार कर डीएम को प्रेषित की है।