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Uttarkashi News: विषम परिस्थितियों में रह रहे दो बच्चों को मिला बाल गृह का सहारा
Sat, 15 Nov 2025 06:49 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Sat, 15 Nov 2025 06:49 PM IST
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मां छोड़कर चली गई, पिता मानसिक रूप से कमजोर, दादी दिव्यांग होने से हो रही थी दिक्कत
उत्तरकाशी। जिला बाल कल्याण समिति की ओर से पुरोला विकासखंड के दो मासूमों को डुंडा स्थित विशिष्ट दत्तक ग्रहण अभिकरण में देखभाल और सरंक्षण के लिए भिजवाया गया है। चार वर्षीय और दो वर्षीय बच्चे को उनकी मां छोड़कर चली गई थी। घर में उनका पालन पोषण करने के लिए मौजूद पिता मानसिक रूप से बीमार हैं। दादी बुजुर्ग और दिव्यांग होने के कारण इनका भरण-पोषण नहीं हो पा रहा था। इसलिए समिति की ओर से इन बच्चों को बालगृह भेजा गया है।
जिला बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष पुष्पा चौहान ने बताया कि अक्तूबर में चाइल्ड लाइन की ओर से उन्हें सूचना मिली थी कि पुरोला विकासखंड के कंडियालगांव में दो बच्चे विषम परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहे हैं। उसके बाद उनके नेतृत्व में समिति के सदस्यों सुरेश पंवार, कल्पना ठाकुर, पमिता थपलियाल और बृजमोहन सिंह रावत ने बच्चों के घर का स्थलीय निरीक्षण किया। जानकारी मिली कि एक चार वर्षीय और दो वर्षीय बच्चे अपने पिता और दादी के साथ रहते हैं।
बच्चों के पिता मानसिक रूप से बीमार हैं और दादी बुजुर्ग होने के साथ ही दिव्यांग है। इसलिए मासूमों के पालन-पोषण सही तरीके से नहीं हो पा रहा है। बच्चों की मां उन्हें छोड़कर कहीं चली गई है। इसके बाद समिति ने किशोर न्याय अधिनियम के तहत निर्णय लिया कि बच्चों को बाल गृह में भेजा गया जिसके लिए विशिष्ट दत्तक ग्रहण अभिकरण को घोषित किया गया। शनिवार को बाल कल्याण समिति की ओर से डुंडा स्थित विशिष्ट दत्तक ग्रहण अभिकरण के कर्मचारी प्रभा जगूड़ी, मेनका, अनामिका और संजय पंवार की मौजदूगी में बच्चों को देखभाल और सरंक्षण के लिए सौंपा गया।
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उत्तरकाशी। जिला बाल कल्याण समिति की ओर से पुरोला विकासखंड के दो मासूमों को डुंडा स्थित विशिष्ट दत्तक ग्रहण अभिकरण में देखभाल और सरंक्षण के लिए भिजवाया गया है। चार वर्षीय और दो वर्षीय बच्चे को उनकी मां छोड़कर चली गई थी। घर में उनका पालन पोषण करने के लिए मौजूद पिता मानसिक रूप से बीमार हैं। दादी बुजुर्ग और दिव्यांग होने के कारण इनका भरण-पोषण नहीं हो पा रहा था। इसलिए समिति की ओर से इन बच्चों को बालगृह भेजा गया है।
जिला बाल कल्याण समिति की अध्यक्ष पुष्पा चौहान ने बताया कि अक्तूबर में चाइल्ड लाइन की ओर से उन्हें सूचना मिली थी कि पुरोला विकासखंड के कंडियालगांव में दो बच्चे विषम परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहे हैं। उसके बाद उनके नेतृत्व में समिति के सदस्यों सुरेश पंवार, कल्पना ठाकुर, पमिता थपलियाल और बृजमोहन सिंह रावत ने बच्चों के घर का स्थलीय निरीक्षण किया। जानकारी मिली कि एक चार वर्षीय और दो वर्षीय बच्चे अपने पिता और दादी के साथ रहते हैं।
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बच्चों के पिता मानसिक रूप से बीमार हैं और दादी बुजुर्ग होने के साथ ही दिव्यांग है। इसलिए मासूमों के पालन-पोषण सही तरीके से नहीं हो पा रहा है। बच्चों की मां उन्हें छोड़कर कहीं चली गई है। इसके बाद समिति ने किशोर न्याय अधिनियम के तहत निर्णय लिया कि बच्चों को बाल गृह में भेजा गया जिसके लिए विशिष्ट दत्तक ग्रहण अभिकरण को घोषित किया गया। शनिवार को बाल कल्याण समिति की ओर से डुंडा स्थित विशिष्ट दत्तक ग्रहण अभिकरण के कर्मचारी प्रभा जगूड़ी, मेनका, अनामिका और संजय पंवार की मौजदूगी में बच्चों को देखभाल और सरंक्षण के लिए सौंपा गया।
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