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Uttarkashi News: बर्नी तोक में लगी ट्रॉली, काश्तकारों को मिलेगा लाभ
Thu, 05 Jun 2025 05:41 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Thu, 05 Jun 2025 05:41 PM IST
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एक्शन रिसर्च सेंटर हार्क ने लगाई टॉली, बिजली का कनेक्शन मिला
नौगांव (उत्तरकाशी)। नकदी फसलों के ढुलान के लिए कुंवा कफनौल मोटर मार्ग पर बर्नी तोक में लाखों रुपये की लागत से लगाई गई विद्युत संचालित ट्रॉली का जल्द ही काश्तकारों को लाभ मिलेगा। ऊर्जा निगम की ओर से कनेक्शन उपलब्ध करवाया गया है। हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर पहली बार फसलों को पहुंचाने के लिए ट्राॅली का उपयोग किया जाएगा।
वर्ष 2023 में स्वयंसेवी संस्था एक्शन रिसर्च सेंटर हार्क की ओर से काश्तकारों की सुविधा के लिए एक निजी बैंक के सहयोग से नकदी फसलों को मोटर मार्ग तक पहुंचाने के लिए ट्राॅली लगवाई गई। विद्युत कनेक्शन नहीं होने से दो क्विंटल भार क्षमता की ट्रॉली का काश्तकार उपयोग नहीं कर पा रहे थे। अब विद्युत कनेक्शन मिलने से इसी माह ट्रॉली का संचालन होने की उम्मीद है।
बर्नी तोक में गढ़, चोपड़ा, कसलाना, देवल और न्यूड़ी गांव की करीब तीन हेक्टेयर सिंचित भूमि है। इस पर लोग बड़ी मात्रा में टमाटर, मटर, फ्रेंचबीन, आलू, राजमा की नकदी फसलों का उत्पादन करते हैं, लेकिन बर्नी नदी पर पुल नहीं होने से बारिश में नदी का जलस्तर बढ़ने पर काश्तकार फसलों को मंडी भेजने के लिए मोटर मार्ग तक नहीं पहुंचा पाते हैं। इससे फसलें खेतों में ही खराब हो जाती है। काश्तकारों की सुविधा के लिए स्वयंसेवी संस्था हार्क की ओर से एक निजी बैंक के सहयोग से बर्नी तोक में नकदी फसलों के ढुलान के लिए विद्युत से संचालित दो क्विंटल भार क्षमता की ट्रॉली लगाई गई थी, जो तीन से चार मिनट में 500 मीटर की दूरी तय कर दो क्विंटल भार को मोटर मार्ग तक पहुंचाने की क्षमता रखती है।
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वहीं हिमालयन एक्शन सेंटर हार्क देहरादून के मुख्य कार्यकारी शैलेश पंवार ने बताया कि कुछ तकनीकी कमी की वजह से ट्रॉली के संचालन के लिए विद्युत कनेक्शन मिलने में देरी हो गई थी। अब दो वाट का विद्युत कनेक्शन मिल गया है। ट्रॉली के संचालन की जिम्मेदारी क्षेत्र के एक किसान समूह को दी गई है। शीघ्र ही ट्रॉली का विधिवत संचालन कर काश्तकारों को लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।
ट्रॉली के संचालन से पांच गांव के सैकड़ों काश्तकारों को लाभ मिलेगा। इसी बरसात में काश्तकारों को ट्रॉली का फायदा दिख जाएगा। ट्रॉली का अन्य समय पर भी काश्तकार प्रयोग कर सकते हैं।
जयेंद्र सिंह राणा, अध्यक्ष, देवराना घाटी फल एवं सब्जी उत्पादक एसोसिएशन
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नौगांव (उत्तरकाशी)। नकदी फसलों के ढुलान के लिए कुंवा कफनौल मोटर मार्ग पर बर्नी तोक में लाखों रुपये की लागत से लगाई गई विद्युत संचालित ट्रॉली का जल्द ही काश्तकारों को लाभ मिलेगा। ऊर्जा निगम की ओर से कनेक्शन उपलब्ध करवाया गया है। हिमाचल प्रदेश की तर्ज पर पहली बार फसलों को पहुंचाने के लिए ट्राॅली का उपयोग किया जाएगा।
वर्ष 2023 में स्वयंसेवी संस्था एक्शन रिसर्च सेंटर हार्क की ओर से काश्तकारों की सुविधा के लिए एक निजी बैंक के सहयोग से नकदी फसलों को मोटर मार्ग तक पहुंचाने के लिए ट्राॅली लगवाई गई। विद्युत कनेक्शन नहीं होने से दो क्विंटल भार क्षमता की ट्रॉली का काश्तकार उपयोग नहीं कर पा रहे थे। अब विद्युत कनेक्शन मिलने से इसी माह ट्रॉली का संचालन होने की उम्मीद है।
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बर्नी तोक में गढ़, चोपड़ा, कसलाना, देवल और न्यूड़ी गांव की करीब तीन हेक्टेयर सिंचित भूमि है। इस पर लोग बड़ी मात्रा में टमाटर, मटर, फ्रेंचबीन, आलू, राजमा की नकदी फसलों का उत्पादन करते हैं, लेकिन बर्नी नदी पर पुल नहीं होने से बारिश में नदी का जलस्तर बढ़ने पर काश्तकार फसलों को मंडी भेजने के लिए मोटर मार्ग तक नहीं पहुंचा पाते हैं। इससे फसलें खेतों में ही खराब हो जाती है। काश्तकारों की सुविधा के लिए स्वयंसेवी संस्था हार्क की ओर से एक निजी बैंक के सहयोग से बर्नी तोक में नकदी फसलों के ढुलान के लिए विद्युत से संचालित दो क्विंटल भार क्षमता की ट्रॉली लगाई गई थी, जो तीन से चार मिनट में 500 मीटर की दूरी तय कर दो क्विंटल भार को मोटर मार्ग तक पहुंचाने की क्षमता रखती है।
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वहीं हिमालयन एक्शन सेंटर हार्क देहरादून के मुख्य कार्यकारी शैलेश पंवार ने बताया कि कुछ तकनीकी कमी की वजह से ट्रॉली के संचालन के लिए विद्युत कनेक्शन मिलने में देरी हो गई थी। अब दो वाट का विद्युत कनेक्शन मिल गया है। ट्रॉली के संचालन की जिम्मेदारी क्षेत्र के एक किसान समूह को दी गई है। शीघ्र ही ट्रॉली का विधिवत संचालन कर काश्तकारों को लाभ मिलना शुरू हो जाएगा।
ट्रॉली के संचालन से पांच गांव के सैकड़ों काश्तकारों को लाभ मिलेगा। इसी बरसात में काश्तकारों को ट्रॉली का फायदा दिख जाएगा। ट्रॉली का अन्य समय पर भी काश्तकार प्रयोग कर सकते हैं।
जयेंद्र सिंह राणा, अध्यक्ष, देवराना घाटी फल एवं सब्जी उत्पादक एसोसिएशन