विकासखंड भटवाड़ी के रैंथल गांव में सेलकू मेला धूमधाम से मनाया गया। ग्रामीणों ने बुग्यालों से लाए गए ब्रह्मकमल व विभिन्न प्रजातियों के फूल गांव के आराध्य देवता समेश्वर को अर्पित किए। इस दौरान ग्रामीणों ने रासो व तांदी नृत्य भी किया। मान्यता के अनुसार सेलकू मेला हरियाली की विदाई व सर्दियों की आहट के स्वागत में आयोजित किया जाता है।
रैथल गांव में सेलकू पर्व का आयोजन किया गया। ग्रामीण बुग्यालों से ब्रह्मकमल सहित विभिन्न प्रजातियों के फूल चुनकर लाए थे। फूलों की चादर पंचायती चौक में बिछाई गई, जिसके ऊपर से क्षेत्र के आराध्य समेश्वर देवता की डोली गुजरी। देव डोली गुजरने के बाद इन फूूलों को ग्रामीण प्रसाद स्वरूप घर लेकर गए। मान्यता के अनुसार मेला बुग्यालों में उगने वाले फूलों के सूखने से पहले व ठंडक की आहट के स्वागत में आयोजित किया जाता है। बुग्यालों के निचले क्षेत्रों के गांवों में यह अनूठी परंपरा है कि जब सर्दियां अपनी दस्तक देने लगती है और पहाड़ बुग्याल हरियाली छोड़कर पीलापन लेने लगते हैं, तो इन्हीं दिनों ग्रामीण ऊंचे बुग्यालों में उगने वाले रंग बिरंगे फूलों को तोड़कर लाते हैं और अपने आराध्य देवताओं को अर्पित करते हैं। इस दौरान ग्रामीण पूरे दिन व रात भर रासो व तांदी नृत्य करते हैं। इस मौके पर पूर्व विधायक विजयपाल सजवाण, पालिकाध्यक्ष रमेश सेमवाल, लोक गायक रजनीकांत सेमवाल, प्रधान रैथल सुशीला राणा, पूर्व प्रधान मनोज राणा, अरविंद राणा, सुरेश रतूड़ी, अभिमन्यु रावत, राजवीर रावत, रामचंद्र पंवार, सुमित रतूड़ी सहित कई मौजूद रहे।