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तीर्थ पुरोहितों के विरोध के चलते महज 16 यात्री पहुंचे गंगोत्री, बाहर से ही दर्शन कर लौटे
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रुद्रप्रयाग। मास्टर प्लान और देवस्थानम बोर्ड के विरोध में तीर्थ पुरोहितों ने जुलूस निकाल धरना प्रदर्शन किया। इस मौके पर सरकार पर धाम से जुड़े लोगों को बिना विश्वास में लेकर पुनर्निर्माण कार्य कराने का आरोप लगाया है। उन्होंने मांगपूर्ति तक आंदोलनरत रहने का निर्णय लिया।
केदार सभा के अध्यक्ष विनोद शुक्ला के नेतृत्व में केदारनाथ में मौजूद तीर्थ पुरोहित व व्यापारियों ने मांगों को लेकर मंदिर परिसर से मंदिर मार्ग व पुल तक जुलूस निकाला। मंदिर की परिक्रमा के बाद वह परिसर में धरना पर बैठ गए। इस मौके पर आयोजित सभा में वक्ताओं ने प्रदेश सरकार से केदारनाथ में मास्टर प्लान को निरस्त करने और चारधाम यात्रा के लिए गठित देवस्थानम बोर्ड भंग करने की मांग की। कहना था कि केदारनाथ में मूलभूत सुविधाओं को जुटाने के बजाय कोरोना काल में यात्रा का संचालन किया जा रहा है, जिससे संक्रमण का खतरा बना है। कहा कि उनकी मांगों का निस्तारण नहीं किया जाता आंदोलन जारी रहेगा। इस मौके पर संतोष त्रिवेदी, रमाकांत शर्मा, मनोज तिवारी, रोशन तिवारी, धीरेंद्र प्रसाद शुक्ला, उमेश चंद्र पोस्ती, आशीष त्रिवेदी, पवन तिवारी, प्रवीण आदि मौजूद थे।
16 यात्री ही पहुंचे गंगोत्री धाम, बाहर से ही लौटे
उत्तरकाशी। कोरोना संक्रमण का भय मानें या फिर तीर्थ पुरोहितों की चेतावनी का असर गंगोत्री धाम की यात्रा परवान नहीं चढ़ पा रही है। बुधवार को 16 यात्री ही धाम पहुंचे, जिन्हें तीर्थ पुरोहितों ने अनुरोध कर लौटा दिया। तीर्थ पुरोहितों ने गंगोत्री धाम के प्रवेश द्वार पर प्रदर्शन कर तीर्थयात्रियों से कोरोना काल में धाम नहीं आने की अपील की।
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बीते दिनों सरकार द्वारा देशवासियों के लिए चारधाम यात्रा खोले जाने पर तीर्थ पुरोहितों ने बुधवार से गंगोत्री धाम में बाहरी लोगों का प्रवेश प्रतिबंधित करने का एलान किया था। बुधवार को महज 16 यात्री गंगोत्री पहुंचे। इनमें अधिकांश स्थानीय लोग ही शामिल थे। प्रदर्शनकारियों में मंदिर समिति के अध्यक्ष पं. सुरेश सेमवाल, सचिव दीपक सेमवाल, अरुण सेमवाल, अतर सिंह पंवार, नरेश सेमवाल, सतीश सेमवाल, शिवप्रकाश सेमवाल आदि शामिल रहे। विवाद की आशंका को देखते हुए पुलिस एवं प्रशासन की टीम भी गंगोत्री पहुंची, लेकिन तीर्थ पुरोहितों के शांतिपूर्ण आंदोलन और बाहरी क्षेत्रों से तीर्थयात्रियों के नहीं पहुंचने के कारण किसी तरह का विवाद नहीं हुआ।
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केदार सभा के अध्यक्ष विनोद शुक्ला के नेतृत्व में केदारनाथ में मौजूद तीर्थ पुरोहित व व्यापारियों ने मांगों को लेकर मंदिर परिसर से मंदिर मार्ग व पुल तक जुलूस निकाला। मंदिर की परिक्रमा के बाद वह परिसर में धरना पर बैठ गए। इस मौके पर आयोजित सभा में वक्ताओं ने प्रदेश सरकार से केदारनाथ में मास्टर प्लान को निरस्त करने और चारधाम यात्रा के लिए गठित देवस्थानम बोर्ड भंग करने की मांग की। कहना था कि केदारनाथ में मूलभूत सुविधाओं को जुटाने के बजाय कोरोना काल में यात्रा का संचालन किया जा रहा है, जिससे संक्रमण का खतरा बना है। कहा कि उनकी मांगों का निस्तारण नहीं किया जाता आंदोलन जारी रहेगा। इस मौके पर संतोष त्रिवेदी, रमाकांत शर्मा, मनोज तिवारी, रोशन तिवारी, धीरेंद्र प्रसाद शुक्ला, उमेश चंद्र पोस्ती, आशीष त्रिवेदी, पवन तिवारी, प्रवीण आदि मौजूद थे।
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16 यात्री ही पहुंचे गंगोत्री धाम, बाहर से ही लौटे
उत्तरकाशी। कोरोना संक्रमण का भय मानें या फिर तीर्थ पुरोहितों की चेतावनी का असर गंगोत्री धाम की यात्रा परवान नहीं चढ़ पा रही है। बुधवार को 16 यात्री ही धाम पहुंचे, जिन्हें तीर्थ पुरोहितों ने अनुरोध कर लौटा दिया। तीर्थ पुरोहितों ने गंगोत्री धाम के प्रवेश द्वार पर प्रदर्शन कर तीर्थयात्रियों से कोरोना काल में धाम नहीं आने की अपील की।
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बीते दिनों सरकार द्वारा देशवासियों के लिए चारधाम यात्रा खोले जाने पर तीर्थ पुरोहितों ने बुधवार से गंगोत्री धाम में बाहरी लोगों का प्रवेश प्रतिबंधित करने का एलान किया था। बुधवार को महज 16 यात्री गंगोत्री पहुंचे। इनमें अधिकांश स्थानीय लोग ही शामिल थे। प्रदर्शनकारियों में मंदिर समिति के अध्यक्ष पं. सुरेश सेमवाल, सचिव दीपक सेमवाल, अरुण सेमवाल, अतर सिंह पंवार, नरेश सेमवाल, सतीश सेमवाल, शिवप्रकाश सेमवाल आदि शामिल रहे। विवाद की आशंका को देखते हुए पुलिस एवं प्रशासन की टीम भी गंगोत्री पहुंची, लेकिन तीर्थ पुरोहितों के शांतिपूर्ण आंदोलन और बाहरी क्षेत्रों से तीर्थयात्रियों के नहीं पहुंचने के कारण किसी तरह का विवाद नहीं हुआ।