यमुनोत्री जनपद को अस्तित्व में लाने की मांग को लेकर तीन अन्य लोगों ने आमरण अनशन शुरू कर दिया है। वहीं 81 वर्षीय बासुुवानंद डिमरी का अनशन दूसरे दिन भी जारी रहा। अनशनकारियों के समर्थन में बड़ी संख्या में लोग मंगलवार को धरने पर बैठे।
मंगलवार से राजाराम बिजल्वाण, चैन सिंह असवाल व बलवीर सिंह रावत ने भी भूख हड़ताल शुरू कर दी। वहीं, बुजुर्ग बासुुवानंद डिमरी तहसील परिसर में भूख हड़ताल पर बैठे हैं। यमुनोत्री जनपद के गठन की घोषणा पर कार्रवाई की मांग को लेकर स्थानीय लोग लंबे समय से संयुक्त (घोषित) जनपद संघर्ष समिति के बैनर तले आंदोलित हैं। स्थानीय निवासी महिपाल असवाल ने कहा कि आंदोलन को अपार जन समर्थन मिल रहा है। समिति के केंद्रीय अध्यक्ष अब्बल चंद कुमाई व अनशनकारी पर बैठे बासुवानंद ने कहा कि 15 अगस्त 2011 को तत्कालीन मुख्यमंत्री रमेश चंद्र पोखरियाल ने चार जनपदों की घोषणा की थी। इनमें कोटद्वार, यमुनोत्री, डीडीहाट व रानीहाट शामिल थे।