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शिक्षक ने लगाया विभाग पर उपेक्षा का आरोप, दिया त्यागपत्र
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शिक्षा विभाग के अधिकारियों पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए जीआईसी मोरी के एक शिक्षक ने प्रधानाचार्य को अपना त्यागपत्र सौंप दिया है। शिक्षक ने विभागीय उपेक्षा के आरोप में पांच सितंबर से अन्न जल भी त्यागा है। हालांकि शिक्षक निरंतर विद्यालय में आ रहा है। खंड शिक्षाधिकारी का कहना है कि त्यागपत्र अभी उन तक नहीं पहुंचा है। त्यागपत्र मिलते ही उच्चाधिकारियों को भेज दिया जाएगा।
जीआईसी मोरी में तैनात हिंदी प्रवक्ता प्रवीण कुमार तिवारी ने प्रधानाचार्य को त्यागपत्र सौंप दिया है। शिक्षा विभाग पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए तिवारी ने पिछले पांच सितंबर से अन्न जल भी त्याग दिया था। तिवारी का आरोप है कि उन्हें वर्ष 2016 से चयन वेतनमान प्राप्त होना था, लेकिन विभागीय उच्च अधिकारियों को कई बार अवगत कराने के बावजूद उन्हें अभी तक चयन वेतनमान नही दिया गया है। इतना ही नही उन्हे एरियर तथा बोनस का भुगतान भी नही किया जा रहा है।
अन्न त्यागने के दूसरे दिन थानाध्यक्ष मोरी एवं नायब तहसीलदार मोरी विद्यालय में आए थे, लेकिन कोई भी विभागीय अधिकारी उनसे मिलने नही पहुंचा। उन्होंने बताया कि जब तक त्यागपत्र स्वीकार नही होता है, वे बच्चों को पढ़ाते रहेंगे। खंड शिक्षाधिकारी जेपी काला ने बताया कि त्यागपत्र उन तक नही पहुंचा है। त्यागपत्र मिलते ही उच्च अधिकारियों को भेज दिया जाएगा। अन्न ग्रहण न करने पर उन्होंने कहा कि अनशन के लिए किसी स्थान पर बैठना पड़ता है, लेकिन उनके द्वारा केवल कागज में अन्न त्याग करना लिखा हुआ है। घर में कोई क्या खा रहा है, ये कौन देख रहा है।
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जीआईसी मोरी में तैनात हिंदी प्रवक्ता प्रवीण कुमार तिवारी ने प्रधानाचार्य को त्यागपत्र सौंप दिया है। शिक्षा विभाग पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए तिवारी ने पिछले पांच सितंबर से अन्न जल भी त्याग दिया था। तिवारी का आरोप है कि उन्हें वर्ष 2016 से चयन वेतनमान प्राप्त होना था, लेकिन विभागीय उच्च अधिकारियों को कई बार अवगत कराने के बावजूद उन्हें अभी तक चयन वेतनमान नही दिया गया है। इतना ही नही उन्हे एरियर तथा बोनस का भुगतान भी नही किया जा रहा है।
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अन्न त्यागने के दूसरे दिन थानाध्यक्ष मोरी एवं नायब तहसीलदार मोरी विद्यालय में आए थे, लेकिन कोई भी विभागीय अधिकारी उनसे मिलने नही पहुंचा। उन्होंने बताया कि जब तक त्यागपत्र स्वीकार नही होता है, वे बच्चों को पढ़ाते रहेंगे। खंड शिक्षाधिकारी जेपी काला ने बताया कि त्यागपत्र उन तक नही पहुंचा है। त्यागपत्र मिलते ही उच्च अधिकारियों को भेज दिया जाएगा। अन्न ग्रहण न करने पर उन्होंने कहा कि अनशन के लिए किसी स्थान पर बैठना पड़ता है, लेकिन उनके द्वारा केवल कागज में अन्न त्याग करना लिखा हुआ है। घर में कोई क्या खा रहा है, ये कौन देख रहा है।
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