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Uttarkashi News: यमुनोत्री हाईवे पर हर पल मंडरा रहा मौत का खतरा
Mon, 20 Jul 2026 05:39 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Mon, 20 Jul 2026 05:39 PM IST
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पहाड़ियों पर लटक रहे हैं बोल्डर, कभी भी गिर सकते
बड़कोट। यमुनोत्री हाईवे पर छटांगाधार से खरादी तक का हिस्सा बड़े खतरे का केंद्र बन गया है। पहाड़ियों से लटक रहे बोल्डर कभी भी सड़क पर गिर सकते हैं जबकि बंद पड़ी जल निकासी व्यवस्था के कारण बरसाती पानी सीधे हाईवे पर बह रहा है। इससे सड़क क्षतिग्रस्त हो रही है और हजारों यात्रियों व लोगों की जान जोखिम में पड़ गई है।
यमुनोत्री हाईवे पर बरसात के हर दौर में यह खतरा और बढ़ जाता है लेकिन विभाग की ओर से स्थायी समाधान नहीं किया गया। नारदाने और स्कपर मलबे से भरने के कारण पानी की निकासी बंद है। इससे पूरा बरसाती पानी सड़क पर बह रहा है। लगातार बहते पानी से सड़क कमजोर हो रही है और फिसलन के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है। यह खतरा केवल आशंका तक सीमित नहीं है। गत माह इसी क्षेत्र में पहाड़ी से गिरे चट्टानी पत्थर की चपेट में आकर एक राहगीर गंभीर रूप से घायल हो गया था।
संयोग से उस समय यमुनोत्री धाम जा रहे श्रद्धालुओं ने तत्काल मदद कर उसे सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया जिससे बड़ा हादसा होने से बच गया। सामाजिक कार्यकर्ता महावीर पंवार और ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि झूलते बोल्डरों को तत्काल नहीं हटाया गया और जल निकासी व्यवस्था बहाल नहीं की गई तो बरसात के दौरान कभी भी बड़ी जनहानि हो सकती है।
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उन्होंने प्रशासन और राजमार्ग निर्माण विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, राजमार्ग निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता मनोज रावत का कहना है कि बड़े बोल्डरों की कोई विशेष सूचना उन्हें नहीं मिली है। स्कपर की सफाई एक बार कराई जा चुकी है और जहां अधिक समस्या होगी वहां निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
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बड़कोट। यमुनोत्री हाईवे पर छटांगाधार से खरादी तक का हिस्सा बड़े खतरे का केंद्र बन गया है। पहाड़ियों से लटक रहे बोल्डर कभी भी सड़क पर गिर सकते हैं जबकि बंद पड़ी जल निकासी व्यवस्था के कारण बरसाती पानी सीधे हाईवे पर बह रहा है। इससे सड़क क्षतिग्रस्त हो रही है और हजारों यात्रियों व लोगों की जान जोखिम में पड़ गई है।
यमुनोत्री हाईवे पर बरसात के हर दौर में यह खतरा और बढ़ जाता है लेकिन विभाग की ओर से स्थायी समाधान नहीं किया गया। नारदाने और स्कपर मलबे से भरने के कारण पानी की निकासी बंद है। इससे पूरा बरसाती पानी सड़क पर बह रहा है। लगातार बहते पानी से सड़क कमजोर हो रही है और फिसलन के कारण दुर्घटनाओं की आशंका बढ़ गई है। यह खतरा केवल आशंका तक सीमित नहीं है। गत माह इसी क्षेत्र में पहाड़ी से गिरे चट्टानी पत्थर की चपेट में आकर एक राहगीर गंभीर रूप से घायल हो गया था।
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संयोग से उस समय यमुनोत्री धाम जा रहे श्रद्धालुओं ने तत्काल मदद कर उसे सुरक्षित स्थान तक पहुंचाया जिससे बड़ा हादसा होने से बच गया। सामाजिक कार्यकर्ता महावीर पंवार और ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि झूलते बोल्डरों को तत्काल नहीं हटाया गया और जल निकासी व्यवस्था बहाल नहीं की गई तो बरसात के दौरान कभी भी बड़ी जनहानि हो सकती है।
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उन्होंने प्रशासन और राजमार्ग निर्माण विभाग से तत्काल कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, राजमार्ग निर्माण खंड के अधिशासी अभियंता मनोज रावत का कहना है कि बड़े बोल्डरों की कोई विशेष सूचना उन्हें नहीं मिली है। स्कपर की सफाई एक बार कराई जा चुकी है और जहां अधिक समस्या होगी वहां निरीक्षण कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।