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Uttarkashi News: वन विभाग ने आरक्षित वन भूमि से हटाया अतिक्रमण
Thu, 11 Dec 2025 04:51 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
संवाद न्यूज एजेंसी, उत्तर काशी
Updated Thu, 11 Dec 2025 04:51 PM IST
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करड़ा-धडोली वन बीट में बनी कच्ची गोशाला की गई ध्वस्त
पुरोला। टोंस वन प्रभाग ने आरक्षित वन भूमि पर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए करड़ा-धडोली वन बीट में बनी कच्ची गोशाला को ध्वस्त किया। साथ ही अवैध रूप से लगाए गए तारबाड़ को हटाकर वन भूमि को अपने कब्जे में ले लिया। यह कार्रवाई वन, राजस्व विभाग और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम की ओर से की गई।
ग्रामीणों के आपसी विवाद और कई दिनों से लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर विभागीय टीम ने करड़ा गांव के धडोली–पंधवा नामे तोक में स्थित क्षेत्र का संयुक्त निरीक्षण किया। जांच में करड़ा निवासी जवाहर सिंह के सेब बगीचे से सटी आरक्षित वन भूमि पर अवैध गोशाला और तारबाड़ पाया गया जिसे वन विभाग की टीम ने ध्वस्त कर दिया गया। टीम ने गोशाला की टीन की छत और अन्य सामग्री को भी अपने कब्जे में ले लिया। वन विभाग की इस कार्रवाई से क्षेत्र में हलचल मच गई।
ग्राम प्रधान कुलवंती डोटियाल ने कहा कि दो परिवारों के आपसी विवाद के चलते इतना बड़ा कदम उठाया गया है जबकि गांव में वन भूमि पर लोग केवल अपने पारंपरिक हक-हकूक के तहत चारा-पत्ती और जलावन की लकड़ी ही लेते हैं। अतिक्रमण की कोई प्रवृत्ति नहीं है। वहीं, टोंस वन प्रभाग के डीएफओ डीपी बलूनी ने बताया कि करड़ा-धडोली बीट में लंबे समय से अतिक्रमण की शिकायतें मिल रही थी।
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टीम गठित कर मौके पर किए गए निरीक्षण के बाद रिपोर्ट के आधार पर कुल 0.6665 हेक्टेयर आरक्षित वन भूमि से बेदखली की कार्रवाई की गई है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वन भूमि पर किसी भी प्रकार का निर्माण या अतिक्रमण न करें। इस मौके पर एसडीओ अरविंद मोल्फा, वन क्षेत्राधिकारी अमिता चौहान, तहसीलदार कमलेश किरौला, प्रेम सिंह पंवार, यशपाल सिंह, सतवीर चौहान, वर्षा, संगीता, आंचल, धर्मेंद्र, वीरेश कुमार, संतोष भट्ट आदि मौजूद रहे।
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पुरोला। टोंस वन प्रभाग ने आरक्षित वन भूमि पर किए गए अतिक्रमण के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करते हुए करड़ा-धडोली वन बीट में बनी कच्ची गोशाला को ध्वस्त किया। साथ ही अवैध रूप से लगाए गए तारबाड़ को हटाकर वन भूमि को अपने कब्जे में ले लिया। यह कार्रवाई वन, राजस्व विभाग और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीम की ओर से की गई।
ग्रामीणों के आपसी विवाद और कई दिनों से लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर विभागीय टीम ने करड़ा गांव के धडोली–पंधवा नामे तोक में स्थित क्षेत्र का संयुक्त निरीक्षण किया। जांच में करड़ा निवासी जवाहर सिंह के सेब बगीचे से सटी आरक्षित वन भूमि पर अवैध गोशाला और तारबाड़ पाया गया जिसे वन विभाग की टीम ने ध्वस्त कर दिया गया। टीम ने गोशाला की टीन की छत और अन्य सामग्री को भी अपने कब्जे में ले लिया। वन विभाग की इस कार्रवाई से क्षेत्र में हलचल मच गई।
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ग्राम प्रधान कुलवंती डोटियाल ने कहा कि दो परिवारों के आपसी विवाद के चलते इतना बड़ा कदम उठाया गया है जबकि गांव में वन भूमि पर लोग केवल अपने पारंपरिक हक-हकूक के तहत चारा-पत्ती और जलावन की लकड़ी ही लेते हैं। अतिक्रमण की कोई प्रवृत्ति नहीं है। वहीं, टोंस वन प्रभाग के डीएफओ डीपी बलूनी ने बताया कि करड़ा-धडोली बीट में लंबे समय से अतिक्रमण की शिकायतें मिल रही थी।
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टीम गठित कर मौके पर किए गए निरीक्षण के बाद रिपोर्ट के आधार पर कुल 0.6665 हेक्टेयर आरक्षित वन भूमि से बेदखली की कार्रवाई की गई है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वन भूमि पर किसी भी प्रकार का निर्माण या अतिक्रमण न करें। इस मौके पर एसडीओ अरविंद मोल्फा, वन क्षेत्राधिकारी अमिता चौहान, तहसीलदार कमलेश किरौला, प्रेम सिंह पंवार, यशपाल सिंह, सतवीर चौहान, वर्षा, संगीता, आंचल, धर्मेंद्र, वीरेश कुमार, संतोष भट्ट आदि मौजूद रहे।