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जल्द पूरी होगी थली गांव की मुराद
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यमुना घाटी के थली गांव को सड़क से जोड़ने के लिए पुल की सौगात मिलने जा रही है। कमल नदी पर विश्व बैंक की मदद से बन रहा मोटर पुल डेढ़ माह में बन कर तैयार हो जाएगा। इससे थली गांव के लोगों को ब्लॉक मुख्यालय तक पहुंचने में आसानी होगी। पांच करोड़ की लागत से निर्माणाधीन पुल पर 15 दिसंबर तक वाहनों की आवाजाही शुरू होने की उम्मीद है।
थली गांव के लोगों की साड़ा में कई हेक्टेयर सिंचित भूमि है। पुल न होने से ग्रामीण जान जोखिम में डाल कर कमल नदी को पार कर घोड़े खच्चर के माध्यम से तैयार फसल को सड़क तक पहुंचाते हैं। कई बार कमल नदी को पार करते समय हादसे हो चुके हैं। इसी जोखिम से बचने के लिए कई परिवारों ने बच्चों की पढ़ाई के लिए नौगांव में किराये पर कमरे ले रखे हैं। किसी मरीज को अस्पताल पहुंचाने के लिए भी ग्रामीणों को नदी पार करनी पड़ती है। बरसात में नदी का जल स्तर बढ़ने से आवाजाही पूरी तरह से बाधित हो जाती है। इस दौरान सड़क तक पहुंचने के लिए लोगों को चार किमी अतिरिक्त पैदल दूरी तय करनी पड़ती है। ग्राम प्रधान अमीन सिंह, जयवीर सिंह, चैन सिंह आदि का कहना है कि मोटर पुल बनने के बाद इन समस्याओं से छुटकारा मिल जाएगा।
मोटर पुल का कार्य लगभग पूरा हो चुका। आरसीसी का काम शेष रह गया है, जिसे शीघ्र पूरा करा दिया जाएगा। 15 दिसंबर तक पुल से वाहनों की आवाजाही शुरू हो जाएगी। -चन्द्र लाल भारती, अपर सहायक अभियंता विश्व बैंक।
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थली गांव के लोगों की साड़ा में कई हेक्टेयर सिंचित भूमि है। पुल न होने से ग्रामीण जान जोखिम में डाल कर कमल नदी को पार कर घोड़े खच्चर के माध्यम से तैयार फसल को सड़क तक पहुंचाते हैं। कई बार कमल नदी को पार करते समय हादसे हो चुके हैं। इसी जोखिम से बचने के लिए कई परिवारों ने बच्चों की पढ़ाई के लिए नौगांव में किराये पर कमरे ले रखे हैं। किसी मरीज को अस्पताल पहुंचाने के लिए भी ग्रामीणों को नदी पार करनी पड़ती है। बरसात में नदी का जल स्तर बढ़ने से आवाजाही पूरी तरह से बाधित हो जाती है। इस दौरान सड़क तक पहुंचने के लिए लोगों को चार किमी अतिरिक्त पैदल दूरी तय करनी पड़ती है। ग्राम प्रधान अमीन सिंह, जयवीर सिंह, चैन सिंह आदि का कहना है कि मोटर पुल बनने के बाद इन समस्याओं से छुटकारा मिल जाएगा।
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मोटर पुल का कार्य लगभग पूरा हो चुका। आरसीसी का काम शेष रह गया है, जिसे शीघ्र पूरा करा दिया जाएगा। 15 दिसंबर तक पुल से वाहनों की आवाजाही शुरू हो जाएगी। -चन्द्र लाल भारती, अपर सहायक अभियंता विश्व बैंक।
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